Rahul Gandhi on RSS: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर कभी आरएसएस की अभिव्यक्ति की आजादी को देश से बाहर करने की कोशिश की गई तो वह उस स्थिति में आरएसएस की भी रक्षा करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि किसी को अपनी बात रखने से रोका नहीं जाना चाहिए और हर व्यक्ति को Freedom of Expression का अधिकार मिलना चाहिए।
राहुल गांधी ने इस दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में लोगों को अपनी बात रखने और अपनी समस्याएं सामने रखने की आजादी होनी चाहिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां छात्र अपनी बात रखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि छात्र परेशानी में हैं और अपनी बात सामने रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें ऐसा करने से रोका जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, ‘जंतर-मंतर पर जो हो रहा था, वह यह है कि छात्र अपनी बात रखना चाहते हैं. वे तकलीफ में हैं और अपनी बात कहना चाहते हैं लेकिन सरकार कहती है नहीं. हम जंतर-मंतर पर व्यवस्था बनाए रखेंगे. आप अपनी बात नहीं रख सकते. आप अपनी बात नहीं रख सकते. आज एक महिला मेरे पास आई, जिसकी बेटी के साथ 4 साल पहले उत्तराखंड में रेप हुआ था और उसकी हत्या कर दी गई थी. वह रो रही है, अपनी बात कहना चाहती है, लेकिन सिस्टम कहता है माफ कीजिए, हम आपको अपनी बात कहने की इजाजत नहीं देंगे क्योंकि इससे अव्यवस्था फैलेगी.’
कांग्रेस नेता ने कहा कि लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए, भले ही उनकी राय सरकार या किसी राजनीतिक संगठन के खिलाफ क्यों न हो। इसी संदर्भ में उन्होंने आरएसएस की अभिव्यक्ति की आजादी का भी समर्थन करने की बात कही।
‘आरएसएस की अभिव्यक्ति को देश से बाहर करने की कोशिश हुई तो रक्षा करूंगा’
राहुल गांधी ने आरएसएस को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, ‘अब इन्हें (सरकार) एक बात समझ आ गई है कि यह देश अभिव्यक्त करने से नहीं रुकेगा. भारत में बहुत से लोग कायरों की तरह व्यवहार कर रहे हैं. भारत में बहुत से लोग इस कायर फोर्स के डर से कायरों जैसा व्यवहार कर रहे हैं. 3000 साल पुराने भारत को समझने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आज के भारत को समझने की जरूरत है. आरएसएस की अभिव्यक्ति को देश से बाहर करने की कोशिश शुरू हुई तो मैं उस दिन मैं उनकी रक्षा करूंगा क्योंकि उनकी भी अभिव्यक्ति की आजादी है.
राहुल गांधी के इस बयान का मुख्य संदेश यह था कि वह अभिव्यक्ति की आजादी को राजनीतिक विचारधारा से ऊपर मानते हैं। उनका कहना है कि किसी संगठन या व्यक्ति की विचारधारा से असहमति हो सकती है, लेकिन उसे अपनी बात रखने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी और अमित शाह पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने एक कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की रणनीति से सरकार पर दबाव बढ़ रहा है और सरकार को यह समझ आ गया है कि देश में लोग अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा, ‘हमारा काम बहुत सिंपल है. हम इनको पागल कर देंगे. आजकल पीएम मोदी रात में सोते नहीं हैं. इसके कई कारण हैं. अमित शाह को चाणक्य और न जाने क्या-क्या कहा जाता था, लेकिन वो गायब हो गए. वे भाग गए और 20 दिन तक संसद में नहीं आ पाए. अब इस सरकार को समझ आ गया है कि ये देश अपने आपको express करने से नहीं रोकेगा.’
राहुल गांधी के इस बयान के बाद RSS और अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। उनके बयान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आने वाले दिनों में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।









