उत्तर प्रदेश की सियासत में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बयानबाजी तेज हो गई है। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए पिछली सरकारों के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर करने वाले और संघर्ष करने वाले लोगों के लिए पूर्व की सरकारों ने पर्याप्त काम नहीं किया।
संजय निषाद ने कहा कि आजादी की लड़ाई में कई लोगों ने तलवार और तोप का सामना किया, फांसी के फंदे पर चढ़े और अपना सब कुछ देश के लिए कुर्बान कर दिया। उनके मुताबिक, अंग्रेजों और मुगलों के दौर में विस्थापित हुए ऐसे लोगों को दोबारा स्थापित करने और उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए एनडीए सरकार काम कर रही है।
स्वतंत्रता दिवस पर पिछली सरकारों पर बरसे संजय निषाद
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवसर है, लेकिन पहले सत्ता में रहे कुछ लोगों ने अवसर मिलने के बावजूद आजादी के महत्व को नहीं समझा। उन्होंने दावा किया कि देश को स्वतंत्र कराने और संविधान निर्माण की दिशा में योगदान देने वाले उजड़े-बिखरे लोगों की पिछली सरकारों ने पर्याप्त सुध नहीं ली।
संजय निषाद के मुताबिक, मौजूदा सरकार में ऐसे वर्गों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग कमजोर हैं, उन्हें मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अखिलेश यादव पर संजय निषाद का सीधा हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए संजय निषाद ने कहा कि अगर सत्ता में रहते उन्होंने शहीदों को याद किया होता, तिरंगा यात्रा निकाली होती और आजादी की लड़ाई में संघर्ष करने वाली उजड़ी जातियों के विकास के लिए काम किया होता, तो उसका अलग महत्व होता।
उन्होंने कहा कि अब एनडीए सरकार ऐसे समाज को सम्मान देने और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी पर महिलाओं की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जब सपा सत्ता में थी, तब महिलाओं के लिए पर्याप्त काम नहीं किया गया, ऐसे में अब उनसे बड़े बदलाव की उम्मीद करना उचित नहीं है।
‘पैसा नहीं, रोजगार और व्यवस्था की जरूरत’
संजय निषाद ने कहा कि लोगों को केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय ऐसी व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है, जिससे वे लंबे समय में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सीधे पैसा देना स्थायी समाधान नहीं है और बेहतर नीतियों एवं योजनाओं के जरिए लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार लोगों को रोजगार के अवसर देने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी सहयोग भी उपलब्ध करा रही है।
विस्थापित लोगों के संवैधानिक अधिकारों की बात
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों के समय विस्थापित हुए लोगों को मौजूदा सरकार दोबारा स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग पिछली व्यवस्थाओं के ‘गजट और बजट’ के शिकार रहे हैं, उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए सरकार लगातार आवाज उठाती रहेगी।
संजय निषाद के इन बयानों के बाद यूपी की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच स्वतंत्रता दिवस के मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।









