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पंजाब, हरियाणा के बाद यूपी के इन शहरों में भी धारा 144 लागू

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रेप के मामले में दोषी दिए जाने के बाद हो रही हिंसा को देखते हुए हरियाणा के पड़ोसी राज्यों में भी अलर्ट निर्देश जारी कर दिए गए है। हरियाणा राज्य में कर्फ्यू लगा दिया गया है, वहीं पंजाब में भी कई शहरों में कर्फ्यू लगाया जा चुका है।

पंजाब, हरियाणा के बाद यूपी के इन शहरों में भी धारा 144 लागू

नई दिल्ली. डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रेप के मामले में दोषी दिए जाने के बाद हो रही हिंसा को देखते हुए हरियाणा के पड़ोसी राज्यों में भी अलर्ट निर्देश जारी कर दिए गए है। हरियाणा राज्य में कर्फ्यू लगा दिया गया है, वहीं पंजाब में भी कई शहरों में कर्फ्यू लगाया जा चुका है। हरियाणा के पड़ोसी दिल्ली में भी हिंसा हुई है, इसको देखते हुए यहां अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश के भी कई शहरों में 144 लागू कर दी गई है।

उत्तर प्रदेश में हरियाणा के पड़ोसी जिले बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद में 144 लागू कर दी गई है। इसके साथ-साथ NCR में सुरक्षा को देखते हुए नोएडा में भी धारा 144 लगा दी गई है। इसके अलावा राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में भी धारा 144 लागू कर दी गई है।

साध्वी से रेप के मामले में शुक्रवार दोपहर को पंचकूला की CBI अदालत ने गुरमीत को दोषी करार दिया। इस फैसले के बाद उसके उपद्रवी समर्थकों ने आतंक मचाना शुरू कर दिया। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में हिंसा हुई है। हिंसा में 18 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक के घायल होने की खबर हैं।

आइये जानते है क्या है धारा 144 -
धारा 144 पुलिस द्वारा घोषित किए जाने वाला एक आदेश होता है जिसे विशेष परिस्थितियों जैसे दंगा, लूटपाट, आगजनी, हिंसा, मारपीट को रोक फिर से शांति की स्थापना के लिए लागू किया जाता है। ऐसी स्थिति में बाहर घूमने पर प्रतिबन्ध होता है धारा 144 लागू होने के बाद उस इलाके में नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से लोगों को घरों से बाहर निकलकर घूमने पर प्रतिबंध होता है। यही नहीं यातायात को भी पूरी तरह से एक निश्चित अवधि के लिए रोक दिया जाता है। इसके साथ ही एक साथ लोगों के एक साथ एकत्र होने या ग्रुप में घूमने पर पूरी तरह पाबंदी होती है।

धारा 144 में हो सकती है तीन साल तक की सजा -
इस दौरान सारे कानूनी अधिकार इलाके के मजिस्ट्रेट को होते हैं जिसपर शांति व्यवस्था को फिर से स्थापित करने की जिम्मेदारी होती है। इस दौरान कानून का उल्लंघन करने पर तीन साल तक की सजा हो सकती है साथ ही जुर्माना या दोनों हो सकता है।

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