उत्तर प्रदेश

18-24 घंटे बि‍जली देने की तैयारी : अखिलेश यादव

18-24 घंटे बि‍जली देने की तैयारी : अखिलेश यादव

18-24 घंटे बि‍जली देने की तैयारी : अखिलेश यादव

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लखनऊ. अखि‍लेश यादव ने शनि‍वार सुबह करीब 11 बजे बि‍जली वि‍भाग की कई परि‍योजनाओं का लखनऊ के गोमतीनगर में लोकार्पण कि‍या। इसे यूपी सरकार की 18 से 24 घंटे तक बिजली देने की तैयारी का एक कदम माना जा रहा है। इसके तहत क्रमबद्ध तरीके गांवों में 16 से 18 घंटे अर्ध शहरी क्षेत्रों को 18 से 20 घंटे और शहरों में 20 से 24 घंटे की बिजली दी जाएगी। क्या है बिजली विभाग का री-शेड्यूल...

री-शेड्यूल यानी क्षेत्रों में दी जाने वाली बिजली को दोबारा से मैनेज करना और उसके टाइम को बढ़ाने या घटाने को ही री-शेड्यूल कहते हैं।
* एसएलडीसी से बड़ी से छोटी लाइनों को मॅानिटर किया जाता है। इसी सेंटर से पूरे प्रदेश में कितनी एनर्जी कहां देनी है उसकी डीटेल्स मौजूद होती हैं।
* लखनऊ के विभूति खंड में एसएलडीसी यानी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर बनकर तैयार हो चुका है जिसे फाइनल टच दिया जा रहा है।
* ये अभी तक बिजली विभाग के मुख्यालय शक्ति भवन से कंट्रोल होता है।
कैसे ज्‍यादा मिलेगी लाइट?
* जितनी देर के लिए किसी जिले की लाइट को बंद किया जाता है उतनी देर के लिए उस जिले की लाइट को दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया जाता है।
* ये प्रॉसेस पूरी तरह से ऑन-एयर होता है। इसके वायर्ड होने से कुछ सेकेंडों में ही बिजली एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर हो जाती है।
* अब इसके तहत सभी ग्रामीण इलाकों की सप्लाई 14 घंटे से बढ़ाकर 16 घंटे की जाएगी। अर्धशहरी इलाकों की बिजली 18से 20 घंटे की जाएगी।
* वहीं शहरी इलाकों की बिजली 20 से बढ़ाकर 24 घंटे की जाएगी।
* जिन शहरी इलाकों में 24 घंटे लाइट दी जानी है उनमें लखनऊ गाजियाबाद समेत प्रदेश के 7 जिले भी शामिल हैं।
* 20 घंटे से लेकर 24 घंटे तक की बिजली मिलने वाले वेस्‍ट यूपी के शहरों में कानपुर इटावा सैफई रामपुर बरेली मुरादाबाद सहारनपुर आदि शामिल हैं।
* वहीं पूर्वांचल के शहरों में प्रतापगढ़ इलाहाबाद वाराणसी आजमगढ़ बलिया गोरखपुर बस्ती आदि शामिल हैं।
* इनके अलावा फैजाबाद अयोध्या सुल्तानपुर अम्बेडकरनगर जौनपुर रायबरेली अमेठी को भी इसमें ज्यादा बिजली दिया जाना प्रस्तावित है।
* बता दें लखनऊ और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में पहले से ही 24 घंटे बिजली दी जा रही है।
कैसे हाईटेक हैं एसएलडीसी?
* यूपीपीसीएल के एक्शियन आईटी अमित नारायण के मुताबिक इस हाईटेक भवन का निर्माण 40 करोड़ की लागत से हुआ है जो 2 साल में बनकर तैयार हुआ है।
* इसका मुख्य काम लाइट डिस्ट्रीब्यूशन यानी पूरे प्रदेश में तय समय और घंटे के हिसाब से लाइट देना है।
* यहां पूरे भारत में पावर सेक्टर में बनने वाली पहली सबसे बड़ी वीडियो वॉल है जिसमें पूरे प्रदेश के सभी जिलों को दी जाने वाली पॉवर सप्लाई को एक साथ देखा जा सकता है।
* एक साथ सभी नॉर्दन जोन के प्रदेशों को देखा जा सकता है कि कितनी बिजली कहां से आ रही है या कहां भेजी जा रही है।
* यहां बैठे-बैठे केवल एक बटन दबाने से किसी भी शहर या गांव की बिजली को किसी भी वक्त बंद या चालू किया जा सकता है।
* यहां मौजूद एक सर्वर सेंटर से सभी सब स्टेशनों को या किसी भी जनरेटिंग स्टेशन को कंट्रोल किया जा सकता है।
* यहीं ऑफिस से ही चुने हुए कुछ फीडरों को बंद कर सकते हैं अथवा खोल सकते हैं।
* यहां से बैठकर ही किसी सब स्टेशन को टेलीफोनिक कंट्रोल भी किया जा सकता है।
* पूरे नार्दन रीजन का इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट के जरिए इसे कंट्रोल किया जाता है। उससे ऑब्‍जर्व कर सकते हैं कि किस प्रदेश की बिजली कितनी यूनिट आ रही है और कितने का लोड उस सर्वर पर है।
* किस गांव या शहर को कितने घंटे लाइट दी जा रही है इसकी जानकारी यहीं पर दर्ज होगी।
* फाइबर ऑप्टिकल सिस्टम से पूरे प्रदेश को कम्यूनिकेट किया जा सकता है।
* किसी भी आपात स्थिति में जब सारे लैंडलाइन फोन या मोबाइल बंद हो जाएं उसमें भी यहां से बैठे-बैठे किसी भी जिले में फाइबर ऑप्टिक्स से बात की जा सकती है।

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