शिक्षा

दक्षिण कोरिया से स्वदेश लौटे डा. जगदीश गाँधी स्वदेश वापसी पर हुआ भव्य स्वागत

दक्षिण कोरिया से स्वदेश लौटे डा. जगदीश गाँधी स्वदेश वापसी पर हुआ भव्य स्वागत

दक्षिण कोरिया से स्वदेश लौटे डा. जगदीश गाँधी स्वदेश वापसी पर हुआ भव्य स्वागत

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लखनऊ, 19 सितम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी का दक्षिण कोरिया से स्वदेश लौटने पर सी.एम.एस. शिक्षकों व कार्यकर्ताओं ने चारबाग रेलवे स्टेशन पर फूल-मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया। डा. गाँधी ‘विश्व के धार्मिक संगठनों के अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति सम्मेलन’ में भारत का प्रतिनिधित्व करने दक्षिण कोरिया गये थे। इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग हेतु एच.डब्ल्यू.पी.एल. के चेयरमैन श्री मैन ही ली ने डा. गाँधी को विशेष रूप से आमन्त्रित किया था। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि यह अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति सम्मेलन ‘हीवेनली कल्चर, वर्ल्ड पीस, रिस्टोरेशन ऑफ लाईट (एच.डब्ल्यू.पी.एल.)’’ के तत्वावधान में दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में किया गया, जिसमें बहुत बड़ी संख्या में विभिन्न देशों के विद्वानों, विचारकों, दार्शनिकों, धर्मावलम्बियों व न्यायविद्ों ने प्रतिभाग किया। यह अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘कोलैबरेशन फॉर पीस डेवलपमेन्ट : बिल्डिंग ए पीस कम्यूनिटी थ्रु द डिक्लेरेशन ऑफ पीस एण्ड सीजेशन ऑफ वॉर’ थीम पर आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विश्व एकता एवं विश्व शान्ति के महान लक्ष्य के प्रति पूरे विश्व समाज को जागरूक करना है। डा. जगदीश गाँधी के साथ सी.एम.एस. के इण्टरनेशनल रिलेशन्स के हेड श्री शिशिर श्रीवास्तव भी दक्षिण कोरिया गये थे।
    श्री शर्मा ने बताया कि स्वदेश वापसी पर एक अनौपचारिक वार्ता में डा. गाँधी ने कहा कि इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से विश्व एकता व विश्व शान्ति के विचारों को प्रभावी तरीके से विश्व समाज के समक्ष रखने का अवसर उपलब्ध हुआ है, जो आगे चलकर विश्व के ढाई अरब बच्चों व आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करने में मददगार होगा जहाँ भावी पीढ़ी एकता, शान्ति, सहयोग व सौहार्द के वातावरण में फल-फूल सके। इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में डा. गाँधी ने धार्मिक समन्वय, वसुधैव कुटुम्बकम एवं विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित भविष्य पर सारगर्भित विचार रखे। डा. गाँधी का मानना है कि जब तक विश्व समुदाय में एकता, समानता व शान्ति का वातावरण नहीं बनेगा, तब तक भावी पीढ़ी का भविष्य भी सुरक्षित नहीं है।
    श्री शर्मा ने बताया कि विश्व एकता व विश्व शान्ति के प्रबल समर्थक डा. जगदीश गाँधी की यह यात्रा कई मायनों में अभूतपूर्व रही है। इस यात्रा से डा. गाँधी के विश्व एकता के प्रयासों को एक नया आयाम मिला है एवं सारे विश्व में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ को विचार को मान्यता मिली है। डा. गाँधी के मार्गदर्शन में सिटी मोन्टेसरी स्कूल विगत 57 वर्षों से पूरे विश्व में एकता, शान्ति व सौहार्द का अलख जगा रहा है। सी.एम.एस. के इन्ही प्रयासों के फलस्वरूप विद्यालय को ‘यूनेस्को शान्ति शिक्षा पुरस्कार’ समेत अनेको पुरस्कारों व सम्मान से नवाजा जा चुका है तथापि सी.एम.एस. के प्रयासों को वैश्विक स्तर पर सराहा गया है।

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