शिक्षा

सी.एम.एस. की बर्खास्त-प्रधानाचार्या को साधना बेदी व उनके पति अमरजोत सिंह बेदी कोतीसरी बार सम्मन जारी

सी.एम.एस. की बर्खास्त-प्रधानाचार्या को साधना बेदी व उनके पति अमरजोत सिंह बेदी कोतीसरी बार सम्मन जारी

सी.एम.एस. की बर्खास्त-प्रधानाचार्या को साधना बेदी व उनके पति अमरजोत सिंह बेदी कोतीसरी बार सम्मन जारी

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लखनऊ, 4 अक्टूबर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, चौक शाखा की बर्खास्त-प्रधानाचार्या श्रीमती साधना बेदी एवं उनके पति श्री अमरजोत सिंह बेदी को आर्थिक धोखा-धड़ी के आरोप में स्पेशल एडीशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सी.बी.आई.) ए.पी., लखनऊ की कोर्ट में मु.अ.सं. 365/18 के अन्तर्गत 10 सितम्बर को तलब किया था। परन्तु दोनों में से कोई भी कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ, इसलिए उन्हें दोबारा सम्मन जारी कर 29 सितम्बर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिये गये थे, परन्तु दोनों में से कोई भी कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ, इसलिए अब उन्हें तीसरी बार सम्मन जारी कर 6 अक्टूबर 2018 को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है। न्यायालय स्पे. ए.सी.जे.एम. (सी.बी.आई.) ए.पी., लखनऊ की ओर से जारी तीसरे सम्मन की प्रमाणित प्रति संलग्न है। 
    विदित हो कि श्री सुनील कुमार मेहरोत्रा ने श्रीमती बेदी के खिलाफ आर्थिक धोखा-धड़ी के आरोप में 15 अप्रैल 2018 को ठाकुरगंज थाने में भारतीय दंड संहिता (आई.पी.सी.) की धारा 420, 406, 504 एवं 506 के अर्न्तगत एफ.आई.आर. दर्ज करायी गयी थी। इस एफ.आई.आर. में श्री मेहरोत्रा ने कहा है कि श्रीमती साधना बेदी ने अंधेरे में रखते हुए मुझसे एवं मेरे परिवार के सदस्यों से 17.50 लाख रूपये ऋण के रूप में विभिन्न तिथियों में इस झूठे आश्वासन पर लिये कि यह धनराशि सिटी मोन्टेसरी स्कूल के लिए है, जो कि सरासर झूठ निकला। श्रीमती साधना बेदी ने उक्त ऋण की रसीदें सिटी मोन्टेसरी स्कूल के लेटरपैड पर दी। इस प्रकार साधना बेदी ने झूठ के आधार पर धोखाधड़ी से श्री मेहरोत्रा से पैसा लिया। इस एफ.आई.आर. के आधार पर पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट (जाँच रिपोर्ट) दायर की थी। कोर्ट ने चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए श्रीमती साधना बेदी एवं उनके पति श्री अमरजोत सिंह बेदी को 6 अक्टूबर को पुनः कोर्ट में पेश होने का तीसरी बार आदेश दिया है।
    विदित हो कि श्रीमती साधना बेदी ने धोखाधड़ी करके सिटी मोन्टेसरी स्कूल के लेटरपैड पर अनेकों लोगों से ऋण के रूप में लाखों रूपये विभिन्न तिथियों में लिए हैं। जिनमें से अधिकांश रसीदें वर्ष 2016 की हैं। श्रीमती साधना बेदी ने कई लोगों को अपने व्यक्तिगत बैंक खाते के चेकों द्वारा उनके द्वारा दिये गये ऋण का भुगतान भी किया है। साधना बेदी ने यह कह कर लोगों से पैसा लिया कि स्कूल को ऋण चाहिये जबकि स्कूल को उधार की कोई आवश्यकता नहीं थी। और न ही साधना बेदी ने स्कूल प्रबन्धन को इस घोर आपराधिक कृत्य की कोई भनक लगने दी। स्कूल मैनेजमेन्ट को आर्थिक धोखे-धड़ी की जानकारी मिलते ही उन्होंने श्रीमती साधना बेदी को जून 2017 में बर्खास्त कर दिया। इसके उपरान्त सी.एम.एस. प्रबंधन ने साधना बेदी के खिलाफ मई 2018 में एफ.आई.आर. दर्ज़ करायी है।

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