शिक्षा

महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती को यादगार बनाने को तैयार है सी.एम.एस. की झाँकी

महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती को यादगार बनाने को तैयार है सी.एम.एस. की झाँकी

महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती को यादगार बनाने को तैयार है सी.एम.एस. की झाँकी

Photo

लखनऊ, 24 जनवरी। ‘ऐसा मस्तिष्क बनाओ, जैसा था बापू का, जैसा था गाँधी का’ की भावनाओं से लबरेज सिटी मोन्टेसरी स्कूल की अनूठी झाँकी गणतन्त्र दिवस परेड में प्रदर्शन को तैयार है। यह झाँकी रवीन्द्रालय, चारबाग, लखनऊ पर खड़ी है, जहाँ बड़ी संख्या में लखनऊवासी इस झाँकी को देखकर इससे प्रेरणा ग्रहण कर रहे हैं। आज यहाँ ‘झाँकी स्थल’ रवीन्द्रालय पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में झाँकी के विभिन्न पहलुओं से पत्रकारों को अवगत कराते हुए सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि महात्मा गाँधी के 150वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में सिटी मोन्टेसरी स्कूल झाँकी के माध्यम से बापू के सत्य, अहिंसा, एकता व शान्ति के विचारों को सारे विश्व में प्रचारित-प्रवाहित कर रहा है। गणतन्त्र दिवस परेड में सी.एम.एस. की यह झाँकी जनमानस को ‘सर्वधर्म समभाव’, ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ एवं ‘जय जगत’ का संदेश देगी, साथ ही महात्मा गाँधी की ‘त्याग, सत्य और अहिंसा की नीति’ के जरिये विश्व समाज में एकता व शान्ति स्थापना की अपील करेगी।

      पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए डा. गाँधी ने कहा कि सी.एम.एस. की यह झाँकी मात्र प्रदर्शन भर के लिए नहीं है अपितु इसके पीछे एक उद्देश्य है कि सम्पूर्ण मानव जाति के हृदय में प्रेम व एकता की भावना को जगाकर पृथ्वी पर आध्यात्मिक सभ्यता की स्थापना की जाये। सी.एम.एस. की यह झाँकी भारत के साथ ही विश्व के सभी बच्चों को बचपन से ही महात्मा गाँधी के महान विचारों एवं आदर्शों पर चलकर सारे विश्व में एकता व शान्ति स्थापना के लिए प्रेरित कर रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के बताये रास्ते पर चलकर ही विश्व समाज में अमन-चैन का वातावरण स्थापित किया जा सकता है।

      झाँकी की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए डा. गाँधी ने बताया कि सी.एम.एस. की झाँकी चार भागों में हैं और सभी भाग एक अनूठे ढंग से मानवता के कल्याण का का संदेश दे रहे हैं। झाँकी के प्रथम भाग में महात्मा गाँधी की प्रतिमा के सामने तीन बंदरों को उनके तीन महत्वपूर्ण विचारों ‘बुरा मत सुनो, ‘बुरा मत कहो’ और ‘बुरा मत देखों’ के साथ प्रदर्शित किया गया है। झाँकी के द्वितीय भाग में विभिन्नता में एकता प्रदर्शित करते हुए एक ही छत के नीचे मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरूद्वारा, बौद्ध विहार, बहाई मंदिर आदि विभिन्न पूजा स्थल दिखाये गये हैं। इसी छत के नीचे सी.एम.एस. छात्र ‘ऐसा मस्तिष्क बनाओ, जैसा था बापू का, जैसा था गाँधी का’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर रहे हैं। झाँकी के तृतीय भाग मेंं ‘वसुधैव कुटुम्बकम् तथा ‘जय जगत्’ का संदेश दिया गया है जबकि चौथे भाग में एक बार पुनः महात्मा गाँधी की प्रतिमा तथा उस प्रतिमा के सामने तीन बंदरों को महात्मा गाँधी के तीन महत्वपूर्ण विचारों का संदेश देते हुए दिखाया गया है।

      डा. गाँधी ने आगे कहा कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल की यह अनूठी झाँकी सम्पूर्ण विश्वसमाज को समर्पित है। झाँकी से प्रेरणा लेकर यदि एक भी नागरिक या बालक विश्व समाज को शान्ति, सहयोग, सौहार्द तथा एकता के सूत्र में पिरोने का संकल्प लेता है तो हमारा प्रयास सार्थक होगा। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि गणतंत्र दिवस परेड के उपरान्त यह झाँकी 27 जनवरी से सी.एम.एस. कानपुर रोड प्रांगण में लखनऊ के सभी बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों व आम जनता के लिए निःशुल्क अवलोकनार्थ रखी जायेगी।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Twitter, Facebook पर हमें फॉलो करें और हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब कर लें।

Most Popular

-Advertisement-

Facebook

To Top