कुंभ (Aquarius) वार्षिक राशिफल 2018

कुंभ (Aquarius) वार्षिक राशिफल 2018

कुंभ (Aquarius) वार्षिक राशिफल 2018

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कुम्भ राशि के स्वामी शनि एकादश भाव में बैठे हैं। जिससे किसी नए कार्य की योजना संभव है। पूर्व में किए गए कार्यों के अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास बना रहेगा। नवमभाव में बृहस्पति विराजमान हैं। धर्म-कर्म में रुचि बनी रहेगी।  14 जनवरी के उपरांत परिवार में कलह-क्लेश हो सकता है। खर्चों में अप्रत्याशित वृद्धि भी हो सकती है। 12 फरवरी तक यही स्थिति रहेगी, तो इस समयावधि के बीच थोड़ा ध्यान रखे। 16 जनवरी के बाद नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के संकेत दिख सकते है।

धन व्यापार और कारोबार (Financial & Business Prediction) - वर्ष के प्रारंभ में पराक्रम भाव के स्वामी मंगल नवम भाव में बृहस्पति के साथ बैठकर अपने भाव को पूर्ण दृष्टि से देख रहे हैं। अत: वर्ष के प्रारंभ में रोजगार की स्थिति उत्तम रहेगी। आय की स्थिति सुदृढ़ रहेगी। परंतु 11 अक्तूबर के उपरांत कारोबार में व्यवधान आ सकते है। आय की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। साझेदारी के कारोबार में सतर्क रहने की जरुरत है। किसी से भी धोखा मिलने के योग  हैं। फिर भी षष्टस्थ राहू तथा एकादशस्थ शनि स्थिति को बिगड़ने से बचाते रहेंगे।

शिक्षा और करियर (Education & Career Prediction) - शैक्षिक कार्यों में सफलता के संकेत है। विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष उत्तम रहेगा। रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते है। 16 जनवरी के बाद नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के संकेत दिख सकते है।

परिवार (Family Prediction) - 14 जनवरी के उपरांत परिवार में कलह-क्लेश हो सकता है। खर्चों में अप्रत्याशित वृद्धि भी हो सकती है। 12 फरवरी तक यही स्थिति रहेगी, तो इस समयावधि के बीच थोड़ा ध्यान रखे। प्रोपर्टी से जुड़े किसी विवाद के सुलझने से मन शांत और खुशमय होगा।

प्यार और रिश्ते (Love & Relationship Prediction) - कुछ पुराने मित्रों से मिलाप भी हो सकता हैं। कुटुम्ब-परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। आय में कमी व खर्चों में वृद्धि की स्थिति रहेगी। पिता से वैचारिक मतभेद भी हो सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सा सचेत जरूर रहें।

स्वास्थ्य राशिफल (Health Prediction) - चन्द्रमा और बृहस्पति आपकी राशि के रोग कारक ग्रह हैं। 10 अक्तूबर तक बृहस्पति अच्छी स्थिति में रहेंगे, परंतु शनि एकादश भाव में होने से वायु व पित्त विकार आदि उदर रोग दे सकते हैं। केतू द्वादश भाव में बैठकर त्वचा व रक्त संबंधी विकार दे सकता है।

उपाय - 
1- खानपान के प्रति ध्यान रखे, माता-पिता की सेवा करें व शनिवार के दिन लोटे में जल भरकर उसमें दो बूंद सरसों का तेल तथा चुटकी भर काले तिल डालकर जल शिवलिंग पर चढ़ाएं। 
2- अक्तूबर के प्रत्येक बृहस्पतिवार के दिन गाय को तीन केले या तीन बेसन के लड्डू खिलाएं, जिससे व्यापार व स्वास्थ्य में आने वाले व्यवधान दूर होंगे।

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