उत्तर प्रदेश

#उन्नाव गैंगरेप केस: आरोपी भाजपा विधायक सेंगर की CBI ने बढाई मुश्किलें

#उन्नाव गैंगरेप केस: आरोपी भाजपा विधायक सेंगर की CBI ने बढाई मुश्किलें

#उन्नाव गैंगरेप केस: आरोपी भाजपा विधायक सेंगर की CBI ने बढाई मुश्किलें

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यूपी के उन्नाव में हुए गैंगरेप दुष्कर्म और हत्या के मामले में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर सहित अन्य आरोपियों पर केन्द्रीय जांच ब्यूरो ( CBI) का शिकंजा तेजी से कसता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार  CBI अधिकारियों को पीडिता को विधायक से मिलवाने ले गई शशि सिंह से अहम जानकारी हासिल हुई  है वहीं पीडिता के कलमबंद बयान से आने वाले दिनो में सेंगर की मुसीबत बढ सकती है।

मामले में विधायक की संलिप्तता को पुख्ता करने के लिए CBI उनका नार्को टेस्ट भी करा सकती है। जांच एजेंसी ने पीडिता को बहला फुसला कर ले जाने के मामले में कल चौथी FIR दर्ज की थी। उन्होने बताया कि किशोरी के कलमबंद बयान दर्ज कराने के बाद अब  CBI विधायक और शशि सिंह से उसका सामना कराएगी।

मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी CBI ने माखी थाने में मौजूद अहम दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर खंगालना शुरू कर दिया है वहीं पीडिता के पिता की हत्या को लेकर पुलिसकर्मी, कारागार कर्मी, डाक्टर और विधायक के गुंडे सीबीआई के निशाने पर हैं।

CBI अधिकारियों ने पीडिता और उसके परिजनो को मीडिया के सामने मामले से संबधित अनर्गल बयानबाजी से बचने की सलाह दी है। गत वर्ष  20 जून को माखी थाने में दर्ज एफआइआर के आधार पर CBI ने कल चौथी प्राथमिकी दर्ज की जिसमे पीडि़त किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पीडित किशोरी 11 जून, 2017 को लापता हो गई थी।

माखी थाने में 20 जून को किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। किशोरी के न्यायालय में बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस ने मुकदमे में गैंगरेप और पाक्सो एक्ट की बढ़ोतरी की थी। पुलिस ने आरोपी शुभम सिंह, नरेश तिवारी और बृजेश यादव को गिरफ्तार किया था और एक अगस्त, 2018 को तीनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। पीडित किशोरी को औरैया निवासी बृजेश के घर से बरामद किया गया था।

शशि सिंह गैंगरेप मामले के आरोपी शुभम की मां हैं। नरेश तिवारी विधायक का चालक है। सूत्रों का कहना है कि मामले में निलंबित किए गए माखी थाने के पुलिसकर्मियों ने सेंगर द्वारा नामजद तीनों आरोपियों की पैरवी करने की बात स्वीकारी है। जांच एजेंसी ने इसके अलावा पीडिता के पिता की हत्या और उसके परिजनो के खिलाफ मारपीट के मुकदमों भी दर्ज किए हैं।

CBI ने इस मामले में पीडिता, उसकी मां और चाचा का बयान दर्ज करने के बाद बांगरमऊ के विधायक को गिरफ्तार कर 14 अप्रैल को रिमांड मजिस्ट्रेट सुनील कुमार के समक्ष पेश किया था, जहां से उन्हें 7 दिन के लिए पुलिस रिमांड पर  CBI को दे दिया गया था। उसी दिन CBI ने इस मामले में आरोपित शशि सिंह को गिरफ्तार कर 15 अप्रैल को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया था।

CBI के अनुरोध पर कोर्ट ने 4 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर करते हुए पूछताछ के लिए CBI को दिए जाने का आदेश दिया था। इस मामले में कल CBI कलमबंद बयान कराने के लिए पीडिता को लेकर अदालत पहुंची। इस दौरान पीडिता की मां भी साथ रहीं। अदालती कार्यवाही समाप्त होने के बाद CBI पीडिता को अपने साथ लेकर चली गई।

दुष्कर्म पीडिता के पिता की मौत के मामले में CBI ने डाक्टरों और विधायक के कनेक्शन की भी तलाश शुरू कर दी है। डाक्टरों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। दुष्कर्म पीडिता के पिता को भर्ती करने से लेकर इलाज और मौत के बाद पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों से पूछा गया कि उनके पास किस-किस के फोन आए।

सूत्रों के अनुसार CBI दुष्कर्म पीडिता के पिता को भर्ती करने वाले डॉ. प्रशांत उपाध्याय, जेल ले जाने के लिए उसे डिस्चार्ज करने वाले डॉ. जीपी सचान, डॉ. मनोज निगम और मौत वाले दिन उसे भर्ती करने वाले डॉ. गौरव से पूछताछ कर चुकी है। सभी से जानने की कोशिश की गई कि पीडिता के पिता को जेल ले जाने के लिए डिस्चार्ज करने को उनसे किसी अधिकारी या विधायक ने बात की थी।

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