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साहित्यिक ज्ञान व कलात्मक प्रतिभा का परचम लहराया देश-विदेश के प्रतिभागी छात्रों ने

साहित्यिक ज्ञान व कलात्मक प्रतिभा का परचम लहराया देश-विदेश के प्रतिभागी छात्रों ने

साहित्यिक ज्ञान व कलात्मक प्रतिभा का परचम लहराया देश-विदेश के प्रतिभागी छात्रों ने

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लखनऊ, 22 अगस्त : सिटी मोन्टेसरी स्कूल, राजाजीपुरम कैम्पस द्वारा सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय अंग्रेजी साहित्य महोत्सव ‘ओडिसी इण्टरनेशनल-2019’ का दूसरा दिन खासा दिलचस्प रहा। कोरियोग्राफी, वाद-विवाद, कार्टून मेकिंग, पेन्टिंग, टैलेन्ट शो आदि विभिन्न रोचक प्रतियोगिताओं में दक्षिण अफ्रीका, नेपाल एवं देश के विभिन्न प्रान्तों से पधारे प्रतिभागी छात्रों का प्रदर्शन देखने लायक था। छात्रों में प्रत्येक प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करने की होड़ लगी थी एवं सभी प्रतिभा प्रदर्शन में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में थे। इससे पहले, प्रतियोगिताओं के शुभारम्भ से पूर्व सी.एम.एस. छात्रों ने सर्व-धर्म व विश्व शान्ति प्रार्थना द्वारा पूरे ऑडिटोरियम में ईश्वरीय आभा का प्रकाश बिखेर कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

            ओडिसी इण्टरनेशनल-2019 के दूसरे दिन आज प्रातःकालीन सत्र की शुरुआत ‘ओपेन माइक सेशन’ से हुई। जिसके अन्तर्गत प्रतिभागी छात्र टीमों के टीम लीडर्स ने वीडियो प्रजेन्टेशन के माध्यम से अपने विचार रखे एवं अंग्रेजी साहित्य को छात्रों के लिए और अधिक उपयोगी एवं प्रभावी बनाने पर विचार प्रस्तुत किये।

            जूनियर वर्ग की स्पेक्टेकल डि डांस (कोरियोग्राफी) प्रतियोगिता आज के प्रमुख आकर्षणों में एक थी। यह प्रतियोगिता अंग्रेजी साहित्य के क्षेत्र में शेक्सपीयर के कार्यों पर केन्द्रित थी जिसके अन्तर्गत  प्रतिभागी छात्र टीमों ने नृत्य व संगीत की सुन्दर प्रस्तुति के माध्यम से मानव जीवन शैली में आमूलचूल बदलाव की नींद रखी। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने मेकफेथ, रोमियो-जूलियट इत्यादि पर अत्यन्त सुंदर व भावपूर्ण प्रस्तुति दी। सीनियर वर्ग की कागिटेशन (वाद-विवाद) प्रतियोगिता भी मंत्रमुग्ध कर देने वाली साबित हुई जिसमें प्रतिभागी छात्रों ने अपने अभिव्यक्ति क्षमता एवं तार्किक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में छात्र टीमों ने ‘शेक्सपीरियन लिट्रेचर इज रिलेवेन्ट इन द ट्वेन्टी फर्स्ट सेन्चुरी’ विषय पर  जोरदार ढंग से पक्ष व विपक्ष में अपने विचार रखे। छात्र टीमों को विषय के पक्ष अथवा विपक्ष में अपने विचार रखने हेतु 3 मिनट का समय दिया गया तथा सारगर्भिता, अभिव्यक्ति क्षमता, विचारों की उत्कृष्टता एवं उच्चारण आदि मानकों पर छात्रों की प्रतिभा को जांचा परखा गया। इसी प्रकार सैटिरिकल कैरीकाचर्स (कार्टून मेकिंग) भी बहुत ही रोचक प्रतियोगिता रही जिसमें प्रतिभागी छात्रों ने कार्टूनों के माध्यम से शेक्सपीयर की रचनाओं को बड़े की कलाकौशल से उभारा। प्रतिभागी छात्रों द्वारा बनाये गये कलाचित्रों को उनकी विविधता, रंग संयोजन, उपयोगिता एवं वास्तविक चित्रण के आधार पर आंका गया।

            फ्रेस्कोस (स्टोरी ऑन द वाल) प्रतियोगिता भी प्रमुख आकर्षणों में से एक थी एवं अपने आप में एक अनूठी प्रतियोगिता थी। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागी छात्रों ने शेक्सपीयर काल की कहानियों व कथाओं पर आधारित चित्रण करना था। प्रत्येक प्रतिभागी टीम में दो छात्र थे जिन्हें तीन मीटर लम्बे एवं एक मीटर चौड़े कैनवस पर पूरी कहानी को चित्ररूप में प्रस्तुत करना था। प्रतिभागियों को कहानी की मौलिकता, चित्रण, रंगसंयोजन आदि के आधार पर आँका गया तथापि प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों की रचनात्मक सोच, ज्ञान, कलात्मक क्षमता आदि बहुमुखी प्रतिभा का अनूठा संगम देखने को मिला।

            ओडिसी इण्टरनेशनल के अन्तर्गत अपरान्हः सत्र में भी प्रतियोगिताओं का सिलसिला लगातार जारी रहा। जहाँ एक ओर स्पेक्टेकल डि डांस (कोरियोग्राफी) एवं फ्रेस्कोस (स्टोरी ऑन द वाल) प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों का प्रतिभा प्रदर्शन जारी रहा तो वहीं दूसरी ओर गैर-प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिताओं जैसे थेस्पियन्स ड्रीम (टैलेन्ट शो), सिनेमैटिक्स (मूवी मेकिंग), वीडियो कान्फ्रेन्सिंग एवं गैलेक्टिका (रैम्प वॉक) आदि प्रतियोगिताओं में छात्रों की प्रतिभा देखने लायक थी। सिनेमैटिक्स प्रतियोगिता के अन्तर्गत देश-विदेश के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों से डाक द्वारा प्राप्त प्रविष्टियों की प्रदर्शनी लगाई गई तो वहीं वीडियो कान्फ्रेन्सिंग में छात्रों ने गुरूकुल द स्कूल, गाजियाबाद, सेंट मेरी स्कूल, द्वारका, नई दिल्ली एवं कैम्ब्रिज स्कूल, इन्दिरापुरम, नई दिल्ली, के छात्रों के साथ ‘द राईट्स ऑफ गर्ल्स एण्ड वीमेन’ विषय पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

            सायंकालीन सत्र में आयोजित गैलेक्टिका (रैम्प वॉक एवं साँस्कृतिक संध्या) प्रतियोगिता सभी के विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। इस अवसर पर देश-विदेश से पधारी प्रतिभागी छात्र टीमों ने अपने पारम्परिक परिधानों में रैम्प वॉक  दर्शकों का दिल जीता तो वहीं दूसरी ओर अपने-अपने देश व राज्य के लोकगीतों का शानदार प्रस्तुतिकरण करके विविधता में एकता का इन्द्रधनुषी रंग बिखेरा। प्रतियोगिता की तीन सर्वश्रेष्ठ टीमों को नगद पुरस्कारों से पुरष्कृत कर सम्मानित किया गया।

            सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने कहा कि यह अन्तर्राष्ट्रीय अंग्रेजी साहित्य महोत्सव सभी धर्म, जाति, रंग, रूप से ऊपर उठकर छात्रों में एकता का जज्बा जगा रहा है व वसुधैव कुटुम्बकम के आदर्श को साकार कर रहा है। श्री शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिताओं का दौर कल भी जारी रहेगा। कल 23 अगस्त को सम्पन्न होने वाली प्रतियोगिताओं में ला मैस्कार्ड (लघु नाटिका), कोवर्ट इन्टेन्शन्स (पेपर स्कल्प्चर), आल्टर द डेन्यूमेंट (क्रिएटिव राइटिंग), फ्रेस्कोस (पेन्टिंग), ईपोड (कविता लेखन) आदि प्रमुख हैं, जिसमें देश-विदेश के प्रतिभाग छात्र अपनी-अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में भाग लेंगे।

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