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भारत की विदेश नीति हमेशा से शांति व मित्रता की पक्षधर रही है- आनंदीबेन पटेल राज्यपाल, उ.प्र.

भारत की विदेश नीति हमेशा से शांति व मित्रता की पक्षधर रही है-  आनंदीबेन पटेल राज्यपाल, उ.प्र.

भारत की विदेश नीति हमेशा से शांति व मित्रता की पक्षधर रही है- आनंदीबेन पटेल राज्यपाल, उ.प्र.

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लखनऊ, 8 नवम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 20वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ के ओपनिंग सेशन में बोलते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल, उ.प्र. ने कहा कि विश्व के ढाई अरब बच्चों एवं भावी पीढियों के बेहतर भविष्य हेतु इस महान सम्मेलन को आयेजन करने के लिए में सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गाँधी को बधाई देती हूँ और कामना करती हूँ कि यह सम्मेलन अवश्य ही अपने उद्देश्य में सफल होगा। महामहिम राज्यपाल ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा से शांति व मित्रता की पक्षधर रही है और हम सदैव ही ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के सिद्वान्तों पर कार्य करते रहे हैं। मुझे विश्वास है कि अब दिन दूर नहीं है, जब विश्व की एक सरकार बनेगी और सम्पूर्ण विश्व में शान्ति व सुरक्षा के वातावरण में प्रगति करेगा। इससे पहले, मुख्य अतिथि श्रीमती आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल, उ.प्र. ने दीप प्रज्वलित कर इस ऐतिहासिक सम्मेलन के ओपनिंग सेशन का विधिवत् शुभारम्भ किया।

            विदित हो कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा 8 से 12 नवम्बर तक आयोजित ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 20वाँ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ आज से सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में प्रारम्भ हो गया। आज सुबह लखनऊ पधारे विभिन्न देशों की प्रख्यात हस्तियों, न्यायविदों व कानूनविदों का सी.एम.एस. छात्रों व शिक्षकों ने चौधरी चरण सिंह एअरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया तथापि पुष्प वर्षा के साथ ही बैंड बाजों की धुन ने स्वागत समारोह में चार-चाँद लगा दिये।

            सम्मेलन के ओपनिंग सेशन के दौरान आयोजित प्रेस कान्फ्रेन्स में विभिन्न देशों से पधारे गणमान्य अतिथियों, न्यायविद्ों व कानूनविद्ों ने पत्रकारों से मुलाकात की और इस ऐतिहासिक सम्मेलन के विषय में खुलकर अपने विचार व्यक्त किये। पत्रकारों से बातचीत करते हुए विभिन्न देशों से पधारे न्यायविद्ों, कानूनविद्ों व अन्य प्रख्यात हस्तियों ने एक स्वर से कहा कि विश्व के ढाई अरब बच्चों को सुरक्षित भविष्य का अधिकार दिलाना एक ऐसा मुद्दा है जो विश्व में एकता, शान्ति व सौहार्द की स्थापना से ही संभव है। विभिन्न देशों के राष्ट्रप्रमुखों व न्यायविद्ों ने विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित भविष्य हेतु सी.एम.एस. की पहल की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि इस अर्न्तष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से सीएमएस विश्व के बच्चों के लिए एक नया भविष्य निर्मित कर रहा है, साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी नये आयाम स्थापित कर रहा है।

            इस अवसर पर बोलते हुए त्रिनिदाद एवं टोबैको के राष्ट्रपति माननीय एन्थोनी थामस अकीनास कारमोना ने कहा कि हम सब यहाँ मानवता की बेहतरी के लिए एकत्र हुए हैं और इसके लिए हमें साथ मिलकर कार्य करने की जरूरत है। पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति एवं युद्ध इत्यादि के संदर्भ में बच्चों की अपील से स्पष्ट है कि वे हमारे द्वारा वर्षों से की जा रही गलतियों को नहीं दोहरायेंगे और एक बेहतर विश्व व्यवस्था का निर्माण करेंगे। इजिप्ट सुप्रीम कोर्ट के डेप्युटी चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति आदेल ओमर शेरीफ ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 एक असाधारण लेखन है जो कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सद्भावना का विस्तार करता है। इसी प्रकार कई अन्य न्यायविद्ों व कानूनविद्ों ने अपने विचार व्यक्त किये।

            इस अवसर पर देश-विदेश से पधारे सभी न्यायविदों, कानूनविदों व अन्य प्रख्यात हस्तियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए सी.एम.एस. संस्थापक व अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के संयोजक डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि पूरे विश्व से पधारे न्यायमूर्तियों ने आज यह अहसास करा दिया है कि मानवता को विनाश से बचाने के लिए ‘विश्व एकता व विश्व शान्ति’ के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प शेष नहीं है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सी.एम.एस. के 56,000 छात्रों की अपील पर विभिन्न देशों के

प्रधानमंत्रियों, राष्ट्रपतियों एवं न्यायविद्ों व कानूनविद्ों का पधारना न सिर्फ सी.एम.एस. के लिए अपितु लखनऊवासियों के लिए गर्व का विषय है।

            डा. गाँधी ने बताया कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन में प्रतिभाग करने वाली प्रख्यात हस्तियों में माननीय एन्थोनी थॉमस अकीनास कार्मोना, फिफ्थ प्रेसीडेन्ट, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, माननीय श्री स्टीपन मेसिक, पूर्व राष्ट्रपति, क्रोएशिया; माननीय डा. पकालिथा बी. मोसिलिली, पूर्व प्रधानमंत्री, लेसोथो; माननीय श्री जीन हेनरी सेंट, प्रधानमंत्री, हैती, माननीय प्रो. एरोन मिशैल ओकाये, संसद अध्यक्ष, घाना, माननीय रेबेका ए. कडागा, स्पीकर ऑफ पार्लियामेन्ट, युगांडा, माननीय प्रो. सुश्री रेनाटा डेस्कोस्का, न्यायमंत्री, नार्थ मैसीडोनिया, माननीय श्री गिवेन लुबिन्डा, न्यायमंत्री, जाम्बिया, माननीय न्यायमूर्ति श्री दलवीर भंडारी, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस, नीदरलैण्ड, माननीय न्यायमूर्ति श्री एन्टोनी केशिया मिन्दुआ, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड, माननीय न्यायमूर्ति जाफरी हेण्डरसन, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड आदि प्रमुख हैं।

            सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि विभिन्न देशों से पधारे अतिथियों को मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने आज मुख्यमंत्री आवास, 5 कालीदास मार्ग पर रात्रिभोज दिया। मुख्यमंत्री की सद्भावना को सभी आमन्त्रित अतिथियों ने सराहा तथापि सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इससे पहले, ये सभी सम्मानित अतिथियों ने नवनिर्मित हाईकोर्ट परिसर का अवलोकन किया।

            श्री शर्मा ने बताया कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन का विधिवत् उद्घाटन कल 9 नवम्बर, शनिवार को प्रातः 9.00 बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित किया जायेगा। मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे जबकि समारोह की अध्यक्षता प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष माननीय श्री हृदय नारायण दीक्षित करेंगे। राज्यसभा सदस्य श्री सुधांशु त्रिवेदी इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि होंगे। इससे पहले, विभिन्न देशों से पधारी प्रख्यात हस्तियाँ, न्यायविद् व कानूनविद् सी.एम.एस. छात्रों व शिक्षकों के ‘विश्व एकता मार्च’ में शामिल होकर द्वारा विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित भविष्य का अलख जगायेंगे। यह विशाल मार्च कल 9 नवम्बर को प्रातः 8.00 बजे पुरानी चुंगी से सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम तक निकाला जायेगा।

            श्री शर्मा ने आगे बताया कि देश-विदेश से पधारी प्रख्यात हस्तियों के सम्मान में ‘स्वागत समारोह’ का आयोजन  कल 9 नवम्बर को सायं 5.00 बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड परिसर में किया जा रहा है। रक्षा मंत्री माननीय श्री राजनाथ सिंह इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे जबकि समारोह की अध्यक्षता लखनऊ की मेयर श्रीमती संयुक्ता भाटिया करेंगी। इस अवसर पर श्रीमती भाटिया इण्टरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री एन्टोनी केसिया-एम.बी.ई. मिन्दुआ को ‘लखनऊ शहर की चाबी’ भेंटकर सम्मानित करेंगी। 

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