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अन्तर्राष्ट्रीय स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सर्किल सम्मेलन सी.एम.एस. में 27 नवम्बर से

अन्तर्राष्ट्रीय स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सर्किल सम्मेलन सी.एम.एस. में 27 नवम्बर से

अन्तर्राष्ट्रीय स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सर्किल सम्मेलन सी.एम.एस. में 27 नवम्बर से

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लखनऊ, 20 नवम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड कैम्पस द्वारा ‘अन्तर्राष्ट्रीय स्टूडेन्ट्स क्वालिटी कन्ट्रोल सर्किल सम्मेलन’ (आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019) का आयोजन 27 से 30 नवम्बर तक सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में किया जा रहा है। इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में आस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, चीन, आयरलैण्ड, मलेशिया, माॅरीशस, नेपाल, कतर, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, टर्की, थाईलैण्ड, अमेरिका, इंग्लैण्ड, यू.ए.ई. एवं भारत के विभिन्न प्रान्तों से पधारे क्वालिटी विशेषज्ञ ‘शिक्षा में क्वालिटी’ की भावना पर प्रकाश डालेंगे। इसके अलावा देश-विदेश से पधारी छात्र टीमें केस स्टडी प्रजेन्टेशन, क्विज, कोलाॅज, वाद-विवाद, पोस्टर व स्लोगन एवं नुक्कड़ नाटक आदि प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेगी। उक्त जानकारी आज यहाँ आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019 की संयोजिका एवं सी.एम.एस. कानपुर रोड कैम्पस की वरिष्ठ प्रधानाचार्या डा. (श्रीमती) विनीता कामरान ने दी। इस अवसर पर सम्मेलन की सह-संयोजिका एवं सी.एम.एस. कानपुर रोड कैम्पस की प्रधानाचार्या श्रीमती रोली त्रिपाठी भी उपस्थित थीं।

            प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों से बातचीत करते हुए वरिष्ठ प्रधानाचार्या डा. विनीता कामरान ने कहा कि शिक्षा में क्वालिटी की विचारधारा बालक को भौतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान कर उनकी सोच को विश्वव्यापी बनाती है। वर्तमान समय में विश्व भर में शिक्षा का तेजी से गिरता स्तर चिन्ता का विषय है। ऐसे समय में स्कूलों एवं कालेजों में स्टूडेन्टस क्वालिटी सर्किल निर्मित करना अत्यन्त ही सामयिक एवं उपयोगी है। अब छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देने से काम नहीं चलेगा अपितु उनमें सार्वभौमिक जीवन मूल्यों एवं मानवमात्र की सेवा भावना के बीज डालने होंगे।

            आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019 की सह-संयोजिका एवं सी.एम.एस. कानपुर रोड कैम्पस की प्रधानाचार्या श्रीमती रोली त्रिपाठी ने बताया कि इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कई देशों के ख्याति प्राप्त क्वालिटी विशेषज्ञ अपने ओजस्वी विचारों से सम्मेलन की गरिमा को बढ़ायेंगे। इस प्रख्यात हस्तियों में श्री महीपाला हेराथ, पूर्व मुख्यमंत्री, सब्रगुमावा प्रान्त, श्रीलंका, डा. सैयद अली, जाॅन हाॅपकिन्स यूनिवर्सिटी, अमेरिका, प्रो. दिनेश चापागेन, चेयरमैन, क्वेस्ट, नेपाल, श्री ए.एम.एम. खैरूल बशर, प्रेसीडेन्ट, बी.एस.टी.क्यू.एम., बांग्लादेश, डा. हयाल कोकसाल, प्रेसीडेन्ट, एसोसिएशन फाॅर इनोवेटिव कोलाब्रेशन, तुर्की, श्री मधुकर नारायण, चेयरमैन, एम.एस.क्यू.सी.सी., माॅरीशस, श्री जेफ डेवर, सी.ई.ओ., क्वालिटी डायजेस्ट, अमेरिका, प्रो. एम. आर. कबीर, प्रो वाइस चांसलर,, यूनिवर्सिटी आॅफ एशिया पैसिफिक, बांग्लादेश, श्रीमती अनीता अराथून, प्रख्यात लेखिका, नई दिल्ली, भारत,  श्री शान रूपराय, चेयरमैन, आस्ट्रेलियन इन्स्टीट्यूट आॅफ बिजनेस मैनेजमेन्ट, आस्ट्रेलिया आदि प्रमुख हैं।

            इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि क्वालिटी सर्किल विचारधारा को विद्यालयों में इसलिए अपनाया गया है जिससे शिक्षा में उत्कृष्टता उत्पन्न हो सके और छात्रों का भावनात्मक विकास हो सके, साथ ही अनुशासन, चरित्र निर्माण, आपसी सहयोग एवं भाई-चारे के गुणों का विकास हो। डा. गाँधी ने कहा कि मानवता का कल्याण तब तक नही हो सकता है जब तक मानव में ‘क्वालिटी’ का प्रादुर्भाव नही हो जाता है।

            सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि आई.सी.एस.क्यू.सी.सी.-2019 का भव्य उद्घाटन आगामी 27 नवम्बर को सायं 5.00 बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में होगा। प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। श्री शर्मा ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश की 50 से अधिक छात्र टीमों समेत 1000 से अधिक छात्रों व क्वालिटी विशेषज्ञों का लखनऊ आगमन होगा।

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