युवाशिक्षा

बचपन में ही बच्चों को देने चाहिये एकता के विचार - राजन शुक्ला

बचपन में ही बच्चों को देने चाहिये एकता के विचार - राजन शुक्ला

बचपन में ही बच्चों को देने चाहिये एकता के विचार - राजन शुक्ला

Photo

लखनऊ, 25 नवम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, चैक कैम्पस द्वारा आयोजित ‘एनुअल पैरेन्ट्स डे’ समारोह बड़े धूमधाम से उमंग व उल्लास से सराबोर वातावरण में सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि, श्री राजन शुक्ला, आई.ए.एस, प्रमुख सचिव, सिविल डिफेन्स एवं पाॅलिटिकल पेन्शन, उ.प्र. ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि श्री राजन शुक्ला, आई.ए.एस., ने कहा कि एकता के विचार बचपन में ही बच्चों को देने चाहिए। उन्होंने माताओं एवं शिक्षकों का आह्वान किया कि वे बच्चों को नैतिकता एवं आध्यात्मिकता का वातावरण घर व विद्यालय में उपलब्ध कराकर आदर्श विश्व समाज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करें।श्री शुक्ला ने बच्चों को उद्देश्यपूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में सी.एम.एस. द्वारा किये जा रहे प्रयासों को शैक्षिक क्षेत्र में एक आदर्श स्वरूप बताया।

          इससे पहले, ‘एनुअल पैरेन्ट्स डे’ समारोह में सी.एम.एस. चैक कैम्पस के छात्रों ने शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों की ऐसी अद्भुद छटा बिखेरी कि अभिभावक अपने बच्चों की कलात्मक प्रतिभा देख गद्गद हो गये एवं जोरदार तालियां बजाकर छात्रों का उत्साहवर्धन किया। समारोह का शुभारम्भ बच्चों द्वारा प्रस्तुत सर्व-धर्म प्रार्थना से हुआ जिसने सभी के हृदयों को प्रभु प्रेम से भर दिया। विश्व शान्ति प्रार्थना में बच्चों ने विभिन्न देशों के राष्ट्रीय ध्वज हाथों में लेकर ‘सारे विश्व में शान्ति हो’ का जयघोष बड़े ही प्रभावशाली ढंग से किया। विभिन्न प्रान्तों के लोक नृत्यों के प्रस्तुतीकरण द्वारा अनेकता में एकता, सहयोग, सहकार एवं सामूहिकता का अभूतपूर्व एवं विराट दृश्य प्रस्तुत करके सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। बच्चांे ने वल्र्ड पार्लियामेन्ट के कार्यक्रम द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय न्यायिक व्यवस्था की स्थापना एवं उसके प्रति सम्मान हेतु ”विश्व संसद“ बनाने की आवश्यकता की ओर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

          इस अवसर पर सी.एम.एस. चैक कैम्पस की प्रधानाचार्या श्रीमती अदिति शर्मा ने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमें अभिभावकों का जो सहयोग बराबर मिलता है यह उसी का परिणाम है। अभिभावक ही बालक में निहित प्रतिभा को विकसित करने का सुअवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सी.एम.एस. में शिक्षा के माध्यम से ऐसे प्रयास किये जा रहे है जिसके द्वारा प्रत्येक बालक ईश्वर की शिक्षाओं का पालन करें और इस बात को आत्मसात कर सकें कि मानव जाति की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि इस तरह के समारोह द्वारा अभिभावकों को इस बात के लिए प्रेरित करना है कि बालक की प्रथम पाठशाला घर है। उन्होंने अभिभावकों का आह्वान किया कि भावी पीढ़ी के चारित्रिक, नैतिक व आध्यात्मिक उत्थान के लिए संकल्पबद्ध हों।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Twitter, Facebook पर हमें फॉलो करें और हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब कर लें।

Most Popular

Facebook

To Top