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पर्यावरण सुधार आज की सबसे बड़ी आवश्यकता - आर. रमेश कुमार,

पर्यावरण सुधार आज की सबसे बड़ी आवश्यकता - आर. रमेश कुमार,

पर्यावरण सुधार आज की सबसे बड़ी आवश्यकता - आर. रमेश कुमार,

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लखनऊ, 12 दिसम्बर: सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण ओलम्पियाड (आई.ई.ओ.-2019) का भव्य उद्घाटन आज सायं सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) आॅडिटोरियम में हुआ। मुख्य अतिथि श्री आर. रमेश कुमार, आई.ए.एस., सेक्रेटरी, उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा, उ.प्र. ने रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर नेपाल एवं देश के विभिन्न प्रान्तों से पधारे बाल पर्यावरणविद्ों व टीम लीडरों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा में चार चाँद लगा दिया। विदित हो कि सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण ओलम्पियाड (आई.ई.ओ.-2019) का आयोजन 12 से 15 दिसम्बर तक सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में किया जा रहा है जिसमें देश-विदेश से पधारे लगभग 500 छात्र रोचक प्रतियोगिताओं के माध्यम से सारी दुनिया को हरित क्रान्ति का संदेश दे रहे हैं।

             इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य अतिथि श्री आर. रमेश कुमार, आई.ए.एस., सेक्रेटरी, उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा, उ.प्र. ने कहा कि पर्यावरण सुधार आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। छात्र शक्ति व युवा जोश का सम्मिलित प्रयास ही दुनिया को पर्यावरण जैसी विषम समस्या से उबार सकता है। हर बड़े काम की शुरुआत छोटे स्तर पर ही होती है और पर्यावरण की शुद्धता हेतु हमें भी आज ही से अपने आप से शुरुआत करनी होगी। अगर हम अभी इस पर अमल नहीं करते है तो काफी देर हो जायेगी। श्रीमती भाटिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल ने एक अत्यन्त महत्वपूर्ण विषय पर अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पियाड आयोजित किया है जो कि भारत को एक विकसित देश बनाने में नया कदम साबित होगा।

     आई.ई.ओ.-2019 के उद्घाटन समारोह में सी.एम.एस. छात्रों ने देश-विदेश से पधारे प्रतिभागी छात्र टीमों एवं उनके शिक्षकों के सम्मान में भारतीय लोकगीतों का आलोक बिखरते एवं विश्व एकता व शान्ति का सन्देश देते अनेक शिक्षात्मक एवं प्रेरणादायी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना व विश्व शान्ति प्रार्थना से हुई। इस अवसर पर छात्रों ने एक शानदार विश्व संसद का आयोजन भी किया, जिसमें विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए छात्रों ने विश्व की समस्याओं की गहन चर्चा की और वैष्विक समस्याओं के शान्ति पूर्ण समाधान भी सुझाए। समारोह में देश-विदेश की प्रतिभागी टीमों ने अनूठे अंदाज में अपना परिचय प्रस्तुत किया।

                        इससे पहले, अपरान्हः सत्र में विभिन्न देशों से पधारे प्रतिभागी छात्र सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों से रूबरू हुए एवं दिल खोलकर अपने विचार व्यक्त किए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए आर्चिड साइन्स कालेज, नेपाल से पधारे छात्रों ने कहा कि इस ओलम्पियाड में हम स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए तो आये ही हैं परन्तु पर्यावरण के प्रति छात्रों एवं युवा पीढ़ी को जागरूक करने में यह विशेष मददगार साबित होगा, साथ ही पर्यावरण संवर्धन के प्रति हम सभी नये-नये विचारों से अवगत हो सकेंगे। भारतीय विद्या भवन, महाराष्ट्र से पधारे छात्रों ने कहा कि इस ओलम्पियाड में पधारे विभिन्न देशों के छात्रों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करने से अपनी प्यारी धरती के गर्भ में छिपे संसाधनों से परिचित होने में अत्यधिक सफलता मिलेगी। इसी प्रकार देश के विभिन्न प्रान्तों से पधारे बाल पर्यावरणविद्ों का मानना था कि मानव जाति के अस्तित्व की सुरक्षा हेतु ईश्वर प्रदत्त धरती के प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण ढंग से उपयोग तथा पर्यावरण को साफ-सुथरा तथा हरा-भरा बनाये रखना हम सभी का परम दायित्व है।

            अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण ओलम्पियाड (आई.ई.ओ.-2019) की संयोजिका एवं सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) की वरिष्ठ प्रधानाचार्या सुश्री मंजीत बत्रा ने कहा कि यह अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पियाड पर्यावरणीय मुद्दों को एक मानवीय चेहरा देने का सतत् प्रयास है, जो छात्रों व युवा पीढ़ी को बदलते पर्यावरण की नवीनतम जानकारियों से अवगत कराने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने हेतु प्रेरित करेगा। आई.ई.ओ.-2019 की सह-संयोजिका एवं सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) की प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता बनर्जी ने कहा कि यह ओलम्पियाड छात्रों को पर्यावरण संवर्धन की महत्ता से अवगत करायेगा, साथ ही विभिन्न देशों के छात्रों एक अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर विचारा रखने का अवसर भी उपलब्ध उपलब्ध करायेगा। श्रीमती बनर्जी ने बताया कि ओलम्पियाड के अन्तर्गत ‘पर्यावरण कार्यशाला’ का आयोजन भी किया जायेगा, जिसमें प्रख्यात पर्यावरणविद् प्रतिभागी छात्रों को पर्यावरण से जुड़ी नवीनतम जानकारियों से अवगत करायेंगे।

            सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि हमें प्रकृति को साथ लेकर चलना है, परन्तु इसके विपरीत हमारी नादानियों की बदौलत धरती का संतुलन धीरे-धीरे बिगड़ता जा रहा है, वायुमण्डल बुरी तरह प्रदूषित हो चुका है, ऐसे में पर्यावरण को शुद्ध बनाये रखने हेतु जन-जन को सक्रिय सहयोग की महती आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह ओलम्पियाड किशोर एवं युवा पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति उनके दायित्वों से अवगत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

            सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण ओलम्पियाड की सभी प्रतियोगिताएं एवं समापन समारोह सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में सम्पन्न होंगे। प्रतियोगिताओं का सिलसिला कल 13 दिसम्बर को प्रातः 10.30 बजे से  सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में प्रारम्भ होगा, जिसमें देश-विदेश की लगभग 50 छात्र टीमें विभिन्न रोचक प्रतियोगिताओं पोएट्री (स्वरचित कविता पाठ), डांसिग वाटर्स (कोरियोग्राफी), इमैजिनियरिंग माई यूचर (रीडिजाइनिंग द ग्लोब), कलर्स आॅफ सिम्फनी (टी-शर्ट पेन्टिंग), वण्डर्स आॅफ नेचर (इन्वार्यनमेन्ट क्विज), आदि रोचक प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी। इसके साथ ही, विशिष्ट अतिथि श्रीमती अनीता भटनागर जैन के मार्गदर्शन में ‘पर्यावरण कार्यशाला’ का आयोजन किया जायेगा।

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