युवाशिक्षा

बच्चों में अहिंसा के विचार डालना अतिआवश्यक - डा. (श्रीमती) भारती गाँधी

बच्चों में अहिंसा के विचार डालना अतिआवश्यक - डा. (श्रीमती) भारती गाँधी

बच्चों में अहिंसा के विचार डालना अतिआवश्यक - डा. (श्रीमती) भारती गाँधी

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लखनऊ, 29 दिसम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर आॅडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं बहाई अनुयायी डा. भारती गाँधी ने कहा कि अहिंसा सर्वश्रेष्ठ गुण है और सभी बच्चों में इस विचार का समावेश अत्यन्त आवश्यक है। इसी अहिंसा के विचार की बदौलत महात्मा गाँधी ने बिना हिंसा के ही देश को स्वतन्त्र करा लिया था। आज दुनिया में हिंसक विचारों की बाढ़ आई हुई है, विभिन्न देशों में चल रहे युद्ध और आतंकवाद जैसी चीजे इसी का परिणाम है, जिसका मुकाबल अहिंसा के विचारों का प्रचार-प्रसार करके ही किया जा सकता है। डा. गाँधी ने जोर देते हुए कहा कि दुनिया से युद्ध खत्म होना चाहिए तथा विश्व में एकता एवं शांन्ति की स्थापना होनी चाहिए और इसके लिए बच्चों में अहिंसा के विचार डालना अतिआवश्यक है। इससे पहले, विश्व एकता सत्संग का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों द्वारा सुमधुर भजनों से हुआ। इस अवसर पर कई जाने-माने विद्वानों एवं विभिन्न धर्मावलम्बियों ने भी अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किये। अन्त में सत्संग की संयोजिका श्रीमती वंदना गौड़ ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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