युवाशिक्षा

सी.एम.एस. की मेजबानी में ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ का ‘ओपन डे समारोह’

सी.एम.एस. की मेजबानी में ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ का ‘ओपन डे समारोह’

सी.एम.एस. की मेजबानी में ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ का ‘ओपन डे समारोह’

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लखनऊ, 17 जनवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ की मेजबानी में चल रहे ‘27वें अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ का  ‘ओपेन डे समारोह’ आज बड़े धूमधाम से सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में मनाया गया। सी.एम.एस. के डायरेक्टर आॅफ स्ट्रेटजी, श्री रोशन गाँधी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत् उद्घाटन किया। नृत्य एवं संगीत के इस साँस्कृतिक महोत्सव में अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर के प्रतिभागी 13 देशों के बाल प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों के लोकनृत्यों व लोकगीतों का ऐसा सुन्दर समाँ बाँधा कि दर्शक झूम उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम गूंज उठा। इससे पहले, ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ की निदेशिका एवं सी.एम.एस. इनोवेशन विभाग की शिक्षिका श्रीमती सुदीप्ता सिंह ने विभिन्न देशों से पधारे बच्चों व अन्य गणमान्य अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। इस अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर में ब्राजील, कैनडा, कोस्टारिका, डेनमार्क, फ्राँस, जर्मनी, इटली, मैक्सिको, नार्वे, स्वीडन, थाईलैण्ड, अमेरिका एवं भारत के 11 से 12 वर्ष की आयु के बाल प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं।

            इस अवसर पर अपने उद्बोधन में श्री रोशन गाँधी, डायरेक्टर आॅफ स्ट्रेटजी, सी.एम.एस., ने कहा कि विभिन्न संस्कृतियों व विचारों का संगम ही विश्व एकता की धुरी है। भारत ने सारे विश्व को प्रेम, शान्ति एवं अहिंसा का संदेश दिया है और इस अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर के माध्यम से यही संदेश प्रसारित हो रहा है। इस प्रकार के बाल शिविर बच्चों में एकता, सहिष्णुता, प्रेम, शान्ति व सौहार्द की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों में प्रारम्भ से ही एकता और शान्ति के बीज बोने की परम आवश्यकता है क्योंकि यही भावी पीढ़ी आगे चलकर विश्व का नेतृत्व करेगी।

            ‘ओपेन डे समारोह’ का शुभारम्भ सर्व-धर्म व विश्व शान्ति प्रार्थना से हुआ तथापि विभिन्न देशों के बाल प्रतिनिधियों ने समस्त मानव जाति के कल्याण के लिए प्रार्थना की। इसके उपरान्त स्वागत गान ‘वी वेलकम यू’ एवं विश्व एकता की गतिविधियों पर आधारित मल्टीमीडिया प्रजेन्टेशन ने खूब तालियां बटोरी। इस अवसर पर ब्राजील, कैनडा, कोस्टारिका, डेनमार्क, फ्राँस, जर्मनी, इटली, मैक्सिको, नार्वे, स्वीडन, थाईलैण्ड, अमेरिका एवं भारत से पधारे बाल प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक शानदार शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों एवं अपने-अपने देशों के लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अलावा, बाल शिविर के जूनियर काउन्सलरों ने भी सामूहिक प्रस्तुति से सभी को लुभाया। कैम्प साँग ‘बम-बम बोले’, सी.एम.एस. साँग एवं समूह गान को सभी ने खूब सराहा।

            ‘ओपेन डे समारोह’ के उपरान्त आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में बाल शिविर के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी पत्रकारों को देते हुए सी.आई.एस.वी. इण्डिया के प्रेसीडेन्ट, सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि भाषा व संस्कृति की भिन्नता के बावजूद इन बच्चों ने एकता का अभूतपूर्व वातावरण निर्मित किया है। यह अन्तर्राष्ट्रीय शिविर वास्तव में सारी दुनिया के लिए एक उदाहरण है जो भावी पीढ़ी को मानव मात्र से प्रेम करने की प्रेरणा देता है। अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर की सचिव एवं सी.एम.एस. के क्वालिटी अश्योरेन्स एवं इनोवेशन डिपार्टमेन्ट की हेड,श्रीमती सुस्मिता बासु ने कहा कि विभिन्न संस्कृति, भाषा, सभ्यता, रीति-रिवाज में पले-बढ़े नन्हें-मुन्हें बच्चों को एक स्थान पर साथ-साथ इकट्ठे रखे जाने का उद्देश्य उनके कोमल हृदयों में आपसी भाईचारा, विश्व शांति तथा विश्व बन्धुत्व की भावना का समावेश करना है। अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर की ज्वाइंट सेक्रेटरी एवं सी.एम.एस. राजाजीपुरम (प्रथम कैम्पस) की प्रधानाचार्या श्रीमती निशा पाण्डेय ने कहा कि इस कैम्प में विभिन्न देशों के बच्चे जीवन में कभी न भुलाई जाने वाली मित्रता एवं एक विश्व परिवार में रहने का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं, साथ ही साथ लखनऊ में साथ-साथ रहकर भारत की सँस्कृति व सभ्यता से भी परिचित हो रहे हैं।

 

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