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विश्व एकता व विश्व शान्ति का परचम लहरायेगी सी.एम.एस. की झाँकी

विश्व एकता व विश्व शान्ति का परचम लहरायेगी सी.एम.एस. की झाँकी

विश्व एकता व विश्व शान्ति का परचम लहरायेगी सी.एम.एस. की झाँकी

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लखनऊ, 20 जनवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में इस वर्ष गणतन्त्र दिवस परेड में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ विषयक झाँकी प्रदर्शित की जा रही है। यह झाँकी बनकर लगभग तैयार हो चुकी है। सी.एम.एस. की यह अनूठी झाँकी आज यहाँ आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों को दिखाई गई। इस अवसर पर सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने झाँकी के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सी.एम.एस. की यह झाँकी समस्त विश्व नागरिकों को वसुधा को अपने परिवार स्वरूप मानते हुए मानव मात्र से प्रेम व सेवा करने का संदेश देगी, तथापि ‘सर्वधर्म समभाव’, ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ एवं ‘जय जगत’ का अलख जगाकर विश्व एकता व विश्व शान्ति का परचम लहरायेगी। डा. गाँधी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह झाँकी गणतन्त्र दिवस परेड में जनमानस के विशेष आकर्षण का केन्द्र होगी।

            इस अवसर पर सी.एम.एस. स्टेशन रोड कैम्पस की छात्राओं ने झाँकी गीत ‘‘जय जगत... जय जगत... जय जगत पुकार रे जा, दूसरे के सुख के वास्ते अपना सुख विसारे जा......’’  की प्रेरणादायी पंक्तियों पर मनभावन नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया तथापि झाँकी गीत के माध्यम से विश्व मानवता की सेवा का आह्वान किया। झाँकी गीत पर मनमोहक प्रदर्शन करने वाली सी.एम.एस. स्टेशन रोड कैम्पस की छात्राओं में अरीबा अरीन, श्रेया चैहान, हिमांशु अमरनानी, अनुष्का, मेधाव्या, सिद्धि पाण्डेय, ज्योति यादव, साक्षी सोनी, वत्सला एवं सालाह प्रमुख हैं।

            प्रेस कान्फ्रेन्स में बोलते हुए डा. गाँधी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के सत्य व अहिंसा की नीति के जरिये ही ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को चरितार्था किया जा सकता है एवं विश्व में एकता व शान्ति स्थापित की जा सकती है। इस वर्ष की सी.एम.एस. झाँकी का मूलमंत्र यही है कि हम राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के बताये रास्ते पर चलें और मानवता की सेवा में तत्पर हों। डा. गाँधी ने कहा कि महात्मा गाँधी के 150वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में सिटी मोन्टेसरी स्कूल बापू के सत्य, अहिंसा, एकता व शान्ति के विचारों को सारे विश्व में प्रचारित-प्रवाहित कर रहा है और यही इस वर्ष की सी.एम.एस. झाँकी में भी नजर आयेगा। डा. गाँधी ने कहा कि सी.एम.एस. की यह झाँकी मात्र प्रदर्शन भर के लिए नहीं है अपितु इसके पीछे एक उद्देश्य है कि महात्मा गाँधी के विचारों को अमल में लाकर पृथ्वी पर आध्यात्मिक सभ्यता की स्थापना की जाये।

            झाँकी की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए डा. गाँधी ने बताया कि इस झाँकी में एक बच्चा ग्लोब उठाये हुए सारे विश्व को ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की शिक्षा दे रहा है तो वहीं दूसरी ओर अनेकता में एकता का प्रदर्शन करते हुए एक ही छत के नीचे मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरूद्वारा, बौद्ध विहार, बहाई मंदिर आदि विभिन्न पूजा स्थल दिखाये गये हैं, जो यह संदेश दे रहा है कि सभी धर्मों का स्रोत एक ही परमपिता परमात्मा है। इसी छत के नीचे सी.एम.एस. के बच्चे ‘‘जय जगत... जय जगत... जय जगत पुकार रे जा, दूसरे के सुख के वास्ते अपना सुख विसारे जा......’’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर रहें है। इसी झाँकी में एक बच्चा महात्मा गाँधी के रूप में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ एवं ‘जय जगत्’ का संदेश जन समुदाय में पहुँचा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर महात्मा गाँधी की भव्य आदमकद प्रतिमा के माध्यम से विश्व में शांति, सुरक्षा, व्यवस्था और विकास के लिए ‘विश्व संसद’ की स्थापना पर जोर दिया है।

            सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि गणतंत्र दिवस परेड के उपरान्त यह झाँकी 27 जनवरी से सी.एम.एस. कानपुर रोड प्रांगण में लखनऊ के सभी बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों व आम जनता के  लिए अवलोकनार्थ रखी जायेगी। झाँकी से प्रेरणा लेकर यदि एक भी नागरिक या बालक विश्व समाज को शान्ति, सहयोग, सौहार्द तथा एकता के सूत्र में पिरोने का संकल्प लेता है तो हमारा प्रयास सार्थक होगा।

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