राज्यउत्तर प्रदेश

निजी स्कूलों को बंद करा के सरकारी स्कूलों का नामांकन बढ़ाने की तरकीब

निजी स्कूलों को बंद करा के सरकारी स्कूलों का नामांकन बढ़ाने की तरकीब

निजी स्कूलों को बंद करा के सरकारी स्कूलों का नामांकन बढ़ाने की तरकीब

Photo

लखनऊ 14 मई 2020ः एसोशियेशन आॅफ प्राइवेट स्कूल्स के अध्यक्ष श्री अतुल कुमार ने बताया कि शहर के 40 प्रतिशत निजी स्कूल बन्द होने के कगार पर हैं और इसका एक मात्र कारण शासन का निजी स्कूलों के कार्यो में हस्तक्षेप है। शासनादेशों के बाद अभिभावक, निजी स्कूलों की फीस ही नही जमा कर रहे हैं।
श्री अतुल कुमार ने बताया कि सरकार अपने विद्यालयों के लिए उनके स्वयं के शासनादेशों के किसी भी नियम का पालन नही करती है। जिसका प्रमाण संलग्न केन्द्रिय विद्यालय संगठन का पत्र है जिसमें स्पष्ट रूप से वर्णित है कि केन्द्रिय विद्यालयों की पहली तिमाही की पूरी फीस जमा कर दी जाए। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि केन्द्रिय विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन सरकारी खजाने से दिया जाता है जबकि निजी असहायतित स्कूलों के सम्पूर्ण खर्च स्कूल की फीस से ही किये जाते हैं।
अंत में श्री अतुल कुमार ने बताया कि सरकार का इस प्रकार के रवैयों से पूरे देश कि शिक्षा व्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि देश में शिक्षाा देने में निजी असायतित स्कूलों का भी बड़ा योगदान है।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Twitter, Facebook पर हमें फॉलो करें और हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब कर लें।

Most Popular

-Advertisement-

Facebook

To Top