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मानव मात्र की भलाई के लिए होना चाहिए विज्ञान का उपयोग- श्री सतीश महाना, औद्योगिक विकास मंत्री, उ.प्र

मानव मात्र की भलाई के लिए होना चाहिए विज्ञान का उपयोग- श्री सतीश महाना, औद्योगिक विकास मंत्री, उ.प्र

मानव मात्र की भलाई के लिए होना चाहिए विज्ञान का उपयोग- श्री सतीश महाना, औद्योगिक विकास मंत्री, उ.प्र

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लखनऊ, 30 जनवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, इन्दिरा नगर कैम्पस द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘नोवस कान्फ्रेन्स’ का आज आॅनलाइन भव्य समापन हुआ। रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रस्तुतिकरण के बीच मुख्य अतिथि श्री सतीश महाना, औद्योगिक विकास मंत्री, उ.प्र. ने समापन समारोह का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर बांग्लादेश, शारजार, यूएई, कतर, अबूधाबी एवं भारत के विजयी प्रतिभागी छात्रों को पुरष्कृत कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सतीश महाना ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान का रचनात्मक उपयोग समाज में सुख व समृद्धि लायेगा। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि अपनी बुद्धि और ज्ञान की शक्ति को विधाता की देन समझें और इसे विश्व समाज की सेवा में लगायें जिससे मानव जाति निरन्तर प्रगति की ओर अग्रसर रहे। उन्होंने सी.एम.एस. की प्रशंसा करते हुए कहा कि बाल वैज्ञानिकों को एक मंच पर प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर प्रदान करना अत्यन्त सराहनीय है।

            इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने बाल वैज्ञानिकों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सी.एम.एस. का प्रयास है कि भावी पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच और विश्व बन्धुत्व की भावना का विकास हो। बाल वैज्ञानिकों को यह विचार करने की जरूरत है कि विज्ञान का उपयोग कैसे, किस प्रकार और क्यों करें, जिससे कि मानवता फलती-फूलती रहे। सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। सी.एम.एस. के चीफ एक्जीक्यूटिव आॅफीसर श्री रोशन गाँधी एवं सम्मेलन की संयोजिका एवं सी.एम.एस. इन्दिरा नगर कैम्पस की प्रधानाचार्या श्रीमती रूचि भुवन जोशी ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

            सी.एम.एस. के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि नोवस कान्फ्रेन्स के अन्तर्गत तीन वर्गों में चार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें 8 से 11 वर्ष के छात्रों के लिए आयोजित ‘आई वान्ट टु सी’ थीम पर आधारित ‘रीकास्ट प्रतियोगिता’ में प्रतिदिन उपयोग में आने वाली मशीनों पर रचनात्मक बदलाव पर अपने विचार रखे। इस प्रतियोगिता में राइट-अप कैटेगरी में इन्दिरापुरम पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद के पर्व त्यागी एवं ड्राइंग कैटेगरी में सेंट ग्रेगरी हाई स्कूल एण्ड कालेज, बांग्लादेश के मोहम्मद जरीफ तजवर प्रैंगोन्ग ने प्रथम पुरस्कार अर्जित किया। इसी प्रकार, ट्रांसफार्म प्रतियोगिता के अन्तर्गत ‘आई वान्ट टु क्रियेट’ थीम पर आधारित प्रतियोगिता में 11 से 15 वर्ष के प्रतिभागी छात्रों ने कृषि, शिक्षा, उद्योग में इस्तेमाल होने वाली मशीनों में रचनात्मक बदलाव कर अपने माॅडलों का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में ब्लूबेल्स माॅडल स्कूल, हरियाणा के कार्तिक यादव एवं आयुष अग्रवाल ने प्रथम पुरस्कार अर्जित किया। मेटामार्फोस प्रतियोगिता के अन्तर्गत 15 से 18 वर्ष आयु के छात्रों ने ‘इण्टर-कन्वर्जन एण्ड कन्जर्वेशन आॅफ एनर्जी’ थीम पर एक से बढ़कर एक स्वनिर्मित समाजोपयोगी माॅडलों का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में वेंकटेश्वर इण्टरनेशन स्कूल, नई दिल्ली ने प्रथम पुरस्कार अर्जित कर बाजी मारी। रैप्सोटेरिक प्रतियोगिता के अन्तर्गत  11 से 15 वर्ष आयु के प्रतिभागी छात्रों ने विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धान्तों, वैज्ञानिक नियमों अथवा नवीन अविष्कारों व खोजों पर आधारित ‘रैप सांग’ प्रस्तुत किये। इस प्रतियोगिता में सी.एम.एस. चैक कैम्पस के अयान अहमद ने प्रथम पुरस्कार अर्जित किया। श्री शर्मा ने आगे कहा कि नोवस कान्फ्रेन्स के अन्तर्गत आयोजित अनूठी प्रतियोगिता में छात्रों में विज्ञान के प्रति इतनी जिज्ञासा और रुचि देखने को मिली है कि निश्चित ही ये प्रतिभागी बच्चे एक दिन नई खोज करेंगे और मानवता के लिए एक नया इतिहास रचेंगे।

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