शिक्षा

कैरेक्टर एजूकेशन एण्ड फ्यूचर इम्पैक्ट पर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन सी.एम.एस. में 2 व 3 फरवरी को

कैरेक्टर एजूकेशन एण्ड फ्यूचर इम्पैक्ट पर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन सी.एम.एस. में 2 व 3 फरवरी को

कैरेक्टर एजूकेशन एण्ड फ्यूचर इम्पैक्ट पर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन सी.एम.एस. में 2 व 3 फरवरी को

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लखनऊ, 22 जनवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में दो-दिवसीय ‘इण्टरनेशनल कान्फ्रेन्स ऑन कैरेक्टर एजूकेशन एण्ड फ्यूचर इम्पैक्ट’ का आयोजन 2 व 3 फरवरी को सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में किया जा रहा है। इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग हेतु जार्जिया, ईरान, कतर, इंग्लैण्ड, अमेरिका एवं भारत के विभिन्न प्रान्तों से प्रख्यात शिक्षाविद् लखनऊ पधार रहे हैं। उक्त जानकारी आज यहाँ सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन की संयोजिका एवं सी.एम.एस. के कैरेक्टर एजूकेशन एवं यूथ इम्पॉवरमेन्ट विभाग की हेड श्रीमती फरीदा वाहेदी ने दी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्रीमती वाहेदी ने बताया कि यह अन्तर्राष्ट्रीय शैक्षिक सम्मेलन उद्देश्यपूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक प्रयास है। सम्मेलन के अन्तर्गत देश-विदेश से पधार रहे विशेषज्ञ व प्रख्यात शिक्षाविद् एक अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर बच्चों के चारित्रिक उत्थान एवं नैतिक विकास पर सार्थक चर्चा-परिचर्चा करेंगे, जिसका लाभ सारे विश्व समुदाय को मिलेगा।

प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने कहा कि शिक्षा हमेशा समयानुकूल होनी चाहिए। हमें उत्कृष्टता तो लानी ही है परन्तु शिक्षा को सार्थक व उपयोगी बनाने के लिए हमें मानवीय गुणों की शिक्षा को महत्ता देनी होगी। अब समय आ गया है कि इक्कीसवीं सदी की जरूरत के अनुसार एक सार्थक व नवीन शिक्षा पद्धति का निर्माण किया जाए जिससे उद्देश्यपूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

सम्मेलन की रूपरेखा बताते हुए संयोजिका श्रीमती फरीदा वाहेदी ने कहा कि इस सम्मेलन उद्देश्य यही है कि शिक्षा पद्धति में एक क्रान्तिकारी रचनात्मक परिवर्तन आये जिससे उज्जवल भविष्य की संभावनाओं को बल मिले और यह कार्य भावी पीढ़ी के सर्वांगीण विकास से ही संभव है। यह सम्मेलन मुख्यतः छात्रों की बौद्धिक प्रतिभा को निखारने, उन्हें सही व गलत का फैसला करने में सक्षम बनाने, जीवन मूल्यों व चारित्रिक उत्कृष्टता का अपनाने, किशोरवय उम्र में अपनी जिम्मेदारियों को समझने एवं युवा ऊर्जा को समाज के रचनात्मक विकास हेतु प्रेरित करने जैसे विषयों पर शिक्षकों, प्रधानाचार्यो व स्कूल प्रबन्धकों को उचित परामर्श प्रदान करेगा, जिससे वे अपने छात्रों को भविष्योन्मुखी शिक्षा प्रदान कर सकें। इस सम्मेलन के अन्तर्गत देश-विदेश से पधारे शिक्षाविद् नये सुझावों से अवगत करायेंगे, जिसका लाभ सारे विश्व समाज को मिलेगा।

सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि आज छात्रों को अंग्रेजी, गणित, इतिहास, भूगोल आदि तो खूब पढ़ाया जाता है परन्तु भावी पीढ़ी को जिस चारित्रिक शिक्षा, नैतिक विचारों, जीवन मूल्यों व संस्कारों की जरूरत है, उसकी बहुत अनदेखी हो रही है। यही कारण है कि अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त भी युवा पीढ़ी राह भटक रही है। ऐसे में, यह सम्मेलन बहुत ही प्रासंगिक है जो हम सभी शिक्षकों व अभिभावकों को आत्ममंथन हेतु प्रेरित करेगा। डा. गाँधी ने कहा कि किशोर व युवा पीढ़ी में प्रतिभा की कमी नहीं है अपितु उन्हें एक दिशा देने की आवश्यकता है और यह कार्य शिक्षक ही कर सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाने हेतु शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

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