हक़ीक़त

रॉ में चल रहा नॉन परफॉर्मेंस सफाई-अभियान

रॉ में चल रहा नॉन परफॉर्मेंस सफाई-अभियान

रॉ में चल रहा नॉन परफॉर्मेंस सफाई-अभियान

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रिसर्च एंड एनालसिस विंग यानी रॉ में पिछले महीने नॉन परफॉर्मैंस के आधार पर 4 अधिकारियों को बर्खास्त करने के बाद देश की उच्च सुरक्षा एजैंसी ने अब दूसरे अधिकारियों को भी इसी आधार पर बर्खास्त करने की तैयारी कर ली है।

सभी अधिकारियों पर नहीं लगाए गए संदिग्ध अखंडता के आरोप -

इन अधिकारियों में 4 संयुक्त सचिव स्तर के और 13 अधिकारी वर्तमान बैच के हैं। रॉ के अवर सचिव, डी.एस.पी. व फील्ड अधिकारी रैंक के अधिकारियों का सर्विस रिकार्ड मोदी सरकार आने के बाद पी.एम.ओ. द्वारा गहनता से चैक किया जा रहा है। कानूनी पचड़े से बचने के लिए इन सभी अधिकारियों पर संदिग्ध अखंडता के आरोप नहीं लगाए गए हैं। इनमें से कुछ ने तो समय से पूर्व इस बर्खास्तगी के खिलाफ केन्द्रीय ट्रिब्यूनल में चुनौती देने का मन बना लिया है। रॉ में यह सफाई अभियान पठानकोट एयरबेस पर हुए हवाई हमले के बाद शुरू हुआ है। क्योंकि इस हमले को रॉ की असफलता माना जा रहा है। 

अब तक हो चुके हैं 176 अधिकारी बर्खास्त-

रॉ के अलावा दूसरी एजैंसियों में ऐसे वरिष्ठ अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है जो अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहे थे। यद्यपि सर्विस नियम पी.एम.ओ. के अधीन डी.ओ.पी.टी. को यह अधिकार देता है कि यदि कोई अधिकारी अपना काम सही ढंग से नहीं कर पा रहा तो उसे बर्खास्त किया जा सकता है। बशर्ते कि उसकी नौकरी  30 साल और उम्र 50 से अधिक हो लेकिन हाल ही के दशकों में किसी भी सरकार ने इस तरह का दंडात्मक एक्शन अधिकारियों के खिलाफ नहीं लिया। इन अधिकारियों को कहा जा रहा है कि या तो वे खुद ही नौकरी छोड़ दें या सरकार जबरी बाहर का रास्ता दिखाएगी। उन्हें उनके काम के रिकार्ड के चलते प्रोमोशन भी नहीं मिली। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने भी संसद में कहा था कि सरकार अब तक 53 ग्रुप ए और 123 ग्रुप बी के अधिकारियों को बर्खास्त कर चुकी है। 

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