उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर मथुरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि, काशी और अयोध्या को लेकर बड़ा संदेश दिया। उनके बयान को आगामी राजनीतिक संदर्भों से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विरासत और सनातन परंपरा को विदेशी आक्रमणों के बावजूद समाप्त नहीं किया जा सका।
मथुरा में 1,051 करोड़ की 229 विकास परियोजनाओं की सौगात
मथुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,051 करोड़ रुपये की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विकास को केवल बिजली और पानी के नजरिए से देखने की कोशिश की गई, जबकि विकास के नाम पर हमारी विरासत का भी अपमान किया गया।
सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भारत की विरासत को नष्ट करने का प्रयास किया, जबकि अंग्रेजों ने इस सीमा को भी पार कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी स्मृतियों, संस्कृति और जड़ों से होती है और अपनी विरासत को समझने के लिए इतिहास को जानना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में जिस तरह की अराजकता और उपद्रव का माहौल था, उसमें उत्सवों की कल्पना करना भी मुश्किल था। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास सनातन की निरंतरता का इतिहास है। देश ने कई विदेशी आक्रमण सहे, लेकिन कोई भी हमारी स्मृतियों और परंपराओं को समाप्त नहीं कर पाया। उन्होंने इसे सनातन की शक्ति और ब्रज की पहचान बताया।
काशी और अयोध्या का उदाहरण देकर कही बड़ी बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी और अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि काशी में मंदिर को औरंगजेब ने तोड़ दिया था, लेकिन परंपरा कभी खत्म नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आज काशी विश्वनाथ धाम अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है।
इसी तरह अयोध्या का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद का ढांचा बनाया गया, लेकिन सनातन की भावना लगातार आगे बढ़ती रही और आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत को समझने के लिए उन पूज्य संतों और क्रांतिकारियों के जीवन तथा योगदान को पढ़ना जरूरी है, जिन्होंने इस परंपरा को जीवित रखने का काम किया।
‘साढ़े 9 सालों से यूपी दंगा-कर्फ्यू से मुक्त’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज यूपी कर्फ्यू मुक्त है और 5 करोड़ की संख्या में कावड़ यात्रा निकली थी।
उन्होंने जून 2016 में हुई जौहार बाग की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें 29 लोगों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ और लखनऊ में दंगे होते थे, लेकिन आज पिछले साढ़े 9 सालों से उत्तर प्रदेश दंगा और कर्फ्यू से मुक्त है।
सीएम योगी ने कहा कि अब उत्सव उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने कहा, “आज मुझे लगता है कि वास्तव में यहीं परिवर्तन है।”
मुख्यमंत्री के मथुरा दौरे और जन्माष्टमी से ठीक पहले दिए गए इस बयान को श्रीकृष्ण जन्मभूमि, सनातन परंपरा और उत्तर प्रदेश की राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








