उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार, 3 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। इस मुलाकात में छात्रों से जुड़े मुद्दों के अलावा Gen-Z और Gen Alpha को लेकर भी चर्चा हुई।
आशुतोष रांका और अखिलेश यादव के बीच हुई इस मुलाकात को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। बातचीत के दौरान छात्रों की समस्याओं और शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि अखिलेश यादव ने छात्र हितों से जुड़े मामलों में आशुतोष रांका के साथ खड़े रहने की बात कही।
Education और Exam System को लेकर हुई चर्चा
मुलाकात के दौरान छात्रों की शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दे सामने आए। परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने को लेकर दोनों के बीच बातचीत हुई।
इसके अलावा शिक्षा को कम खर्च में उपलब्ध कराने, सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और छात्रों के हितों से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। बातचीत में छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
अखिलेश यादव ने आशुतोष रांका को भरोसा दिलाया कि छात्र हितों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि छात्रों का हित सर्वोपरि है और शिक्षा व्यवस्था में राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
कौन हैं CJP के आशुतोष रांका?
आशुतोष रांका कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। कॉकरोच जनता पार्टी सोशल मीडिया के जरिए चर्चा में आई थी। पार्टी ने दिल्ली में NEET परीक्षा पेपर लीक के मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के बाद सुर्खियां बटोरी थीं।
अब CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका की अखिलेश यादव से हुई लंबी मुलाकात को राजनीतिक हलकों में अहम माना जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस बैठक में मुख्य रूप से छात्रों, शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और नई पीढ़ी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव की ओर से छात्र हितों के मुद्दों पर समर्थन का भरोसा दिए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में आने वाले समय में CJP और समाजवादी पार्टी के बीच छात्रों से जुड़े मुद्दों पर किसी तरह की राजनीतिक गतिविधि देखने को मिलती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।









