मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी को कथित तौर पर पुलिस हिरासत में लेकर मारपीट किए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी हार के डर से इतनी बौखला गई है कि किसान नेताओं को थाने में थर्ड डिग्री की मारपीट कर प्रताड़ित करवाया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के जरिए इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने किसान नेता के साथ कथित मारपीट को लेकर भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
किसान नेता से मारपीट पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान
अखिलेश यादव ने लिखा-‘किसान का अपमान, देश का अपमान है! भाजपा ने किसान के मुंह पर लात मरवाकर पूरे देश के किसानों को धमकाने का जो कुकृत्य किया है वो अक्षम्य है.
उप्र की भाजपा सरकार द्वारा किसान नेताओं पर थाने में थर्ड डिग्री की मार-पीट करके प्रताड़ना देना दर्शाता है कि हार के डर से वो कितनी बौखलाई है. जिन्हें भाजपा किसानों के आगे ढाल बनाकर साथ में खड़ा करना चाहती थी वो ढाल भी निम्नलिखित कारणों से, किसानों के आक्रोश की आग के कारण मोम की ढाल ही साबित हुई है.
जो भाजपा सरकार :
- कुछ लोगों के हाथ में खेती-किसानी, भंडारण, विदेशी बीज-खाद- पैदावार का व्यापार-विपणन देने के लिए विदेशियों से डील करती है.
- एमएसपी के लिए तैयार नहीं होती है.
- ख़रीद के लिए मुकर जाती है.
- खाद की अंतहीन लाइन में किसानों को लगाती है.
- भूमि अधिग्रहण व तीन काले क़ानून लाकर, किसानों का सब कुछ हड़प लेना चाहती है.
- किसान आंदोलन में 700 से भी अधिक किसानों की शहादत पर चुप रहती है.
- किसानों की आत्महत्याओं पर शोक तक प्रकट नहीं करती है.
- किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर मारनेवाले अपने लोगों का क्लीन चिट देती है.
उस भाजपा सरकार से इससे अधिक उम्मीद क्या की जा सकती है कि वो किसानों के हित के नाम पर उनके तथाकथित हितैषियों से समझौता करके अपनी स्वार्थ सिद्धी में लगी रहकर ‘किसान नेताओं’ को थर्ड डिग्री देगी और कुछ नहीं.
देश भर के किसान देख लें कि भाजपा और उसके सहयोगी किस तरह सत्ता सुख में लीन रहकर किसानों पर अत्याचार कर रहे हैं. इस मामले की गहरी जाँच हो और हर दोषी के ख़िलाफ़ सख़्त दंडात्मक कार्रवाई हो और बर्खास्तगी भी.’
क्या है मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी का मामला?
भारतीय किसान यूनियन बीयर अंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने मेरठ पुलिस और एसओजी टीम पर उन्हें हिरासत में लेकर मारपीट करने और थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया था। इस मामले से जुड़ी उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें उनके चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे ने किसान नेता की ओर से लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। इस बीच देर रात एसएसपी अविनाश पांडे का तबादला भी कर दिया गया। इसके बाद मामले को लेकर राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के साथ बर्खास्तगी की मांग की है। सपा प्रमुख ने अपने बयान में भाजपा और उसके सहयोगियों पर किसानों के खिलाफ अत्याचार करने का आरोप लगाते हुए देशभर के किसानों से इस मामले को देखने की अपील की है।
मेरठ में किसान नेता के साथ कथित मारपीट, पुलिस अधिकारियों के आरोपों से इनकार और एसएसपी के तबादले के बीच अब इस मामले पर प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर नजर बनी हुई है।









