उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों की पढ़ाई को आर्थिक मदद देने के लिए राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि जारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4.60 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से कुल ₹148 करोड़ की धनराशि भेजी। इस सहायता में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) के विद्यार्थियों की बड़ी संख्या शामिल है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर 11 छात्र-छात्राओं को अपने हाथों से छात्रवृत्ति प्रमाणपत्र भी प्रदान किए।
सीएम योगी से प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में रणबीर वर्मा, अजीत रावत, अंश मिश्रा, अलकैफ, अनन्या अवस्थी, मिली. अधिकांश वर्मा, करिश्मा, बुशरा, अभिषेक यादव और साइमा शामिल रहे। सरकार की ओर से जारी इस राशि का सबसे बड़ा हिस्सा OBC और SC वर्ग के विद्यार्थियों को मिला है।
OBC और SC छात्रों को मिली सबसे ज्यादा छात्रवृत्ति
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, OBC वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों के बैंक खातों में ₹60.01 करोड़ भेजे गए। वहीं अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को ₹64.54 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि मिली।
इसके अलावा सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों के खातों में ₹11.43 करोड़ और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों के खातों में ₹12.06 करोड़ की धनराशि पहुंचाई गई। इस तरह कुल 4.60 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिला।
आर्थिक तंगी की वजह से नहीं छूटेगी विद्यार्थियों की पढ़ाई
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक अभाव के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई नहीं छूटेगी। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की मदद से विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी।
सरकार ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया है। आधार आधारित भुगतान प्रणाली के जरिए पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि भेजी जा रही है।
DBT से सीधे खातों में पहुंच रही रकम
छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आधार आधारित पैकेट सिस्टम भी लागू किया गया है। सरकार के अनुसार, इससे वितरण प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और पात्र विद्यार्थियों को बिना अनावश्यक दौड़भाग के योजना का लाभ मिल रहा है।
इस व्यवस्था के जरिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचाई जा रही है। इससे योजना के भुगतान की प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
2025-26 में 65.95 लाख से ज्यादा छात्रों को मिला लाभ
प्रदेश सरकार के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 65.95 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को ₹4,793 करोड़ से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई। सरकार की ओर से योजना की प्रक्रिया को और आसान बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
नई किस्त के तहत 4.60 लाख विद्यार्थियों को ₹148 करोड़ की सहायता जारी किए जाने से उन छात्रों को अपनी पढ़ाई से जुड़े खर्चों में आर्थिक मदद मिलेगी, जिनके लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति महत्वपूर्ण है।








