UP Election 2027 Women Scheme: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को सीधे आर्थिक मदद देने की चर्चा ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से महिलाओं को सालाना 50 हजार रुपये तक देने की योजना से जुड़ी खबरें वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। हालांकि, भाजपा की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ऐसी किसी योजना की अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
एक तरफ भाजपा की ओर से महिलाओं को सालाना 50 हजार रुपये देने की चर्चा चल रही है, वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही महिलाओं के लिए 40 हजार रुपये से आर्थिक सहायता शुरू करने और हर साल इसमें बढ़ोतरी करने की बात कह चुके हैं। ऐसे में चुनाव से पहले महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसा पहुंचाने का मुद्दा यूपी की राजनीति में नया विवाद बनता जा रहा है।
डिंपल यादव ने BJP पर लगाए चुनावी फायदे के आरोप
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने महिलाओं के खातों में आर्थिक मदद भेजने की चर्चाओं को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में पैसा पहुंचाया गया और महाराष्ट्र में भी इसी तरह की कवायद हुई।
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में पैसा भेजकर उनकी ‘कॉन्शियस’ खरीदने की कोशिश की जा रही है। उनके इस बयान के बाद महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की संभावित योजना पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा पर हमला बोला और इस चर्चा को भाजपा का एक और जुमला बताया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पिछले 10 साल में महिलाओं को सालाना 50 हजार रुपये दे सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। अखिलेश ने आरोप लगाया कि महिलाओं के हिस्से के हजारों करोड़ रुपये सरकार ने प्रचार पर खर्च किए।
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों में महिलाओं को आर्थिक मदद देने की घोषणा के बाद अब उनसे पैसा वापस लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे महिलाओं में भाजपा के प्रति नाराजगी है और पार्टी को चुनाव में इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि हम ₹40 हजार से शुरुआत करेंगे, जिसमें हर साल बढ़ोतरी होगी।
‘महिलाओं को मूर्ख समझना बंद करे बीजेपी’
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा महिलाओं को 50 हजार रुपये देने की बात कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कुछ पैसा पहले और बाकी बाद में देने की बात कही जा रही है।
सुरेंद्र राजपूत ने बिहार का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां भी इसी तरह की योजना की गई थी और अब पैसा वापस लेने की बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी यूपी की महिलाओं को भाजपा मूर्ख समझना बंद करे। महिलाएं बिकाऊ नहीं हैं, टिकाऊ हैं।
BJP ने विपक्ष के आरोपों पर किया पलटवार
विपक्ष के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है कि सरकार की ओर से जितने पैसे की घोषणा होती है, डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी तक पूरी राशि पहुंचती है।
नीरज सिंह ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को 50 हजार रुपये देने वाली योजना की अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं के कल्याण के लिए कोई योजना आने वाली है तो विपक्ष को उसका स्वागत करना चाहिए, न कि उसका विरोध करना चाहिए।
मंत्री रविंद्र जायसवाल ने भी दी प्रतिक्रिया
महिलाओं को चुनाव से पहले Cash Transfer दिए जाने की चर्चाओं पर उत्तर प्रदेश के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्थान और उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए सरकार ने कई कार्यक्रम तैयार किए हैं और इस दिशा में अन्य योजनाओं को भी शामिल किया गया है।
दरअसल, 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महिला वोटर्स को राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार और महाराष्ट्र में महिलाओं के खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाने वाली योजनाओं के बाद यूपी में भी ऐसी संभावित घोषणा की चर्चा ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि चुनाव से पहले भाजपा महिलाओं के लिए किसी Cash Transfer योजना की औपचारिक घोषणा करती है या नहीं।









