दिल्ली में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया है। वह शुक्रवार को कनॉट प्लेस में आयोजित होने वाले मार्च में शामिल होने के लिए जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया। एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी बार है, जब अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
इससे पहले भी उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। उस समय वह मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने की तैयारी में थे। यह प्रदर्शन विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर किया जाना था।
दीपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, नोटिस देकर दी हिदायत
अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने से पहले दिल्ली पुलिस के 20 से अधिक जवान झंडेवालान स्थित उनके आवास पर पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें एक नोटिस दिया, जिसमें ऐसे किसी भी कदम से बचने का निर्देश दिया गया था, जिससे नागरिकों, व्यापारियों, यात्रियों, मरीजों और अन्य लोगों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
पुलिस की यह कार्रवाई तिरंगा मार्च से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच हुई। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सेंट्रल पार्क में होना था ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च
CJP ने शुक्रवार शाम पांच बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आयोजित करने का आह्वान किया था। हालांकि, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर के लिए सेंट्रल पार्क को बंद कर दिया है।
मार्च से पहले पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए नई दिल्ली इलाके में 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 220 कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई हैं।
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम
तिरंगा मार्च के आयोजन को लेकर राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की आवाजाही तथा अधिकारों पर असर पड़ने से रोकने के उद्देश्य से कदम उठाए हैं। इसी बीच अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई सामने आई है।









