दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले इस प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के नाम शामिल हैं। इसके अलावा संगठन की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह समेत तीन अन्य वकीलों को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
CJP Protest: दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर गुरुग्राम तक कार्रवाई
CJP के प्रदर्शन से पहले पुलिस की कार्रवाई दिल्ली और आसपास के इलाकों तक पहुंची। जानकारी के मुताबिक, संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरते समय हिरासत में लिया गया। सौरव दास और आशुतोष रांका को भी एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है। वहीं, यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके घर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की नहीं मिली अनुमति
CJP ने शनिवार सुबह 10 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। इस प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इसके बाद नई दिल्ली के प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और जंतर-मंतर समेत संवेदनशील इलाकों में पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई।
200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की खबर
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। वहीं, पुलिस सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्टों में 600 से अधिक लोगों को एहतियातन हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, इन अलग-अलग आंकड़ों के बीच हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या को लेकर स्पष्टता जरूरी है।
तुषार गांधी भी हिरासत में, मुंबई में प्रदर्शन की थी तैयारी
महात्मा गांधी के प्रपौत्र और सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। मुंबई पुलिस ने शनिवार को अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन की तैयारी कर रहे तुषार गांधी और उनके संगठन के अन्य सदस्यों को हिरासत में लिया। यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के समर्थन में किया जाना था।
CPI-M नेताओं को भी हिरासत में लेने की जानकारी
CJP प्रदर्शन के बीच CPI-M के नेता एम ए बेबी और वृंदा करात समेत अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। इसके अलावा केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं के बीच प्रदर्शन से जुड़े लोगों की धरपकड़ और सुरक्षा इंतजाम चर्चा में हैं।
57 मेट्रो स्टेशन बंद होने और इंटरनेट सेवाएं रोकने की खबर
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली के 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया। साथ ही, प्रदर्शन स्थल के आसपास करीब चार किलोमीटर के क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से रोकने की भी जानकारी सामने आई है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए कुछ पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
CJP Protest से जुड़ी 10 अहम बातें
- CJP ने शनिवार सुबह 10 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी।
- प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जानी थी।
- दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
- CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
- सौरव दास और आशुतोष रांका को भी दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।
- यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके घर से हिरासत में लिए जाने की खबर आई।
- PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
- पुलिस सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्टों में 600 से अधिक लोगों को एहतियातन हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया।
- तुषार गांधी समेत CPI-M के कई नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
- मीडिया रिपोर्टों में मेट्रो स्टेशनों को बंद करने, मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रोकने और कुछ ट्रेनों को रद्द करने की खबरें सामने आईं।
दिल्ली में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा इंतजामों को बढ़ाने और विभिन्न स्थानों पर लोगों को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं ने इस मामले को चर्चा में ला दिया है। हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और सुरक्षा प्रतिबंधों के दायरे को लेकर सामने आए अलग-अलग दावों की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।









