उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 1 अक्टूबर को अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को वीरता पदक देकर सम्मानित किया। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का भी विमोचन किया। इस मौके पर पुलिस सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद निरीक्षक सुनील कुमार के परिवार को भी सम्मानित किया गया।
शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी को किया सम्मानित
पुलिस सेवा में सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसटीएफ के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को नगद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। निरीक्षक सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान चार अपराधियों को मार गिराने में अदम्य साहस का परिचय दिया था। कर्तव्य पालन के दौरान वह वीरगति को प्राप्त हुए थे।
स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर निरीक्षक सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा भी की गई थी।
गणतंत्र दिवस 2025 पर घोषित वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मी
गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर घोषित वीरता पदक के लिए निम्न पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया:
- देवदत्त सिंह – आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- राजन कुमार – आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- रितुल कुमार वर्मा – आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- निपुण अग्रवाल, आईपीएस – सेनानायक, नवमी वाहिनी पीएसी, मुरादाबाद
- स्वतंत्र कुमार सिंह – अपर पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर
- मुन्ने सिंह – उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, मेरठ
- नीरज कुमार पाल – आरक्षी, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
- अशोक कुमार मीणा, आईपीएस – पुलिस अधीक्षक, हरदोई
- कुलदीप कुमार – पुलिस उपाधीक्षक, जनपद संभल
- गीतेश कपिल – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, शाहजहांपुर
- प्रवीण अहलावत – आरक्षी, नागरिक पुलिस, जनपद सहारनपुर
- अमित – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अंगद सिंह यादव – उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- डॉ. दीक्षा शर्मा – पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ
- संदीप कुमार – आरक्षी, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
- रिपुदमन सिंह – निरीक्षक, नागरिक पुलिस
गणतंत्र दिवस 2026 पर इन पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर घोषित वीरता पदक के तहत भी पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। इनमें धर्मेंद्र सिंह राठौर, केशव शांडिल्य, राहुल कुमार, अजय कुमार वर्मा, घनश्याम यादव, अवनीश कुमार त्यागी, अमित त्रिपाठी, अमित, मनीष बिष्ट और रणधीर सिंह शामिल हैं।
इन पुलिसकर्मियों के पद इस प्रकार हैं:
- धर्मेंद्र सिंह राठौर – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, बुलंदशहर
- केशव शांडिल्य – उपनिरीक्षक, एसटीएफ
- राहुल कुमार – मुख्य आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अजय कुमार वर्मा – उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, जनपद मथुरा
- घनश्याम यादव – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अवनीश कुमार त्यागी – उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, जनपद मैनपुरी
- अमित त्रिपाठी – आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अमित – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- मनीष बिष्ट – निरीक्षक, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
- रणधीर सिंह – मुख्य आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
यूपी पुलिस को मिले 87 नए Interceptor Vehicles
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के बेड़े में 87 नए इंटरसेप्टर वाहन भी शामिल किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 चार-पहिया और 62 दो-पहिया इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ प्रदेश में इंटरसेप्टर वाहनों की कुल संख्या बढ़कर 172 हो गई है। इनमें 35 चार-पहिया और 137 दो-पहिया वाहन शामिल हैं।
इन वाहनों का इस्तेमाल तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने, काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न और रैश ड्राइविंग जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए किया जाएगा। इंटरसेप्टर वाहनों में स्पीड लेजर गन, ब्रेथ एनालाइजर, टिंट मीटर और डेसिबल मीटर जैसे उपकरण लगाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें ट्रैफिक रिस्पॉन्स व्हीकल के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
700 दुर्घटना-बाहुल्य थाना क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
सड़क हादसों को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) योजना सभी 75 जिलों के 700 सर्वाधिक दुर्घटना-बाहुल्य थाना क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश और डीजीपी राजीव कृष्ण के नेतृत्व में संचालित की जा रही है।
इसके तहत 801 विशेष टीमों में करीब 3,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ये टीमें क्रिटिकल कॉरिडोर और ब्लैक स्पॉट पर नियमित पेट्रोलिंग करने के साथ निगरानी और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का काम कर रही हैं।
पिछले आठ महीनों में प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में करीब सात प्रतिशत और सड़क हादसों में मृतकों की संख्या में करीब आठ प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इस अवधि में करीब 1,107 लोगों की जान बचाई गई।
109 मार्गों पर हो रही Real-Time Monitoring
शहरों में यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए RTC योजना के तहत 20 प्रमुख जिलों के 109 मार्गों की UP GATI प्लेटफॉर्म के जरिए रियल टाइम निगरानी की जा रही है। रूट मार्शल और संबंधित विभाग जाम के कारणों की पहचान करके मौके पर कार्रवाई करते हैं।
मार्च 2026 में इन मार्गों पर 16,723 कंजेशन पॉइंट दर्ज किए गए थे। अगस्त तक इनकी संख्या घटकर 8,569 रह गई। इस तरह इन मार्गों पर कंजेशन पॉइंट में करीब 49 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
कैमरों और ड्रोन से भी यातायात पर नजर
उत्तर प्रदेश में यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए ITMS और Safe City कैमरा नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ANPR के अलावा रेड लाइट और गति सीमा के उल्लंघन की पहचान करने वाले कैमरों तथा कमांड सेंटर की लाइव फीड के जरिए यातायात की निगरानी की जाती है।
जरूरत पड़ने पर जाम और भीड़ वाले इलाकों में ड्रोन से भी निगरानी की जाती है। कैमरों और फील्ड टीमों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर यातायात नियम तोड़ने वालों के ई-चालान किए जाते हैं और जरूरत के अनुसार मौके पर भी कार्रवाई की जाती है।








