मथुरा के संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। 4 अक्टूबर को लिखे गए इस पत्र में उन्होंने प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ आश्रम से जुड़े कुछ मामलों की जांच कराने की मांग की है। पत्र में आश्रम से जुड़े विवादों और गतिविधियों को लेकर कई गंभीर दावे किए गए हैं।
प्रेमानंद महाराज के शिष्यों को लेकर क्या दावा?
दिनेश फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में दावा किया है कि प्रेमानंद महाराज के शिष्यों के बीच दो गुट बन गए हैं। उनके अनुसार, एक गुट में साधना और तपस्या से जुड़े संत शामिल हैं, जबकि दूसरे गुट पर उन्होंने संपत्ति से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। पत्र में दावा किया गया है कि इन्हीं विवादों से आहत होकर प्रेमानंद महाराज बेलवन स्थित आश्रम चले गए हैं।
आश्रम की संपत्तियों और कथित जमीन कारोबार की जांच की मांग
पत्र में केलीकुंज आश्रम से जुड़े कुछ लोगों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फलाहारी महाराज ने दावा किया कि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग संत की आड़ में आश्रम का संचालन कर रहे हैं और उनके द्वारा कई संपत्तियां बनाई गई हैं।
उन्होंने इन कथित संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा यमुना खादर में कथित जमीन कारोबार की भी जांच कराने की मांग पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से की गई है। हालांकि, पत्र में लगाए गए ये सभी आरोप दावे के रूप में हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख नहीं किया गया है।
आश्रम में बच्चों को लेकर भी जताई आशंका
दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्र में आश्रम से बच्चों के गायब होने की आशंका भी जताई है। उन्होंने दावा किया कि कुछ नाबालिग बालक-बालिकाएं आध्यात्मिक गतिविधियों के चलते आश्रम में रुक जाते हैं और कई परिवार उनकी तलाश करते हैं।
उन्होंने इस मामले में बाल आयोग से जांच कराने की मांग की है। साथ ही आश्रम में रहने वाले नाबालिगों की स्थिति स्पष्ट करने और वहां काम करने वाले सेवादारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने की भी मांग की गई है। पत्र में किडनी चोरी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
प्रेमानंद महाराज को Z+ सुरक्षा देने की मांग
पत्र के जरिए फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि महाराज की सुरक्षा देशहित में जरूरी है और उन्हें Z+ सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने आश्रम के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने और पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में कहा कि प्रेमानंद महाराज स्वयं साधना में लीन रहने वाले संत हैं, लेकिन आश्रम से जुड़े अन्य लोगों की गतिविधियों की जांच किया जाना जरूरी है।









