लखनऊ में बीजेपी बूथ अध्यक्ष और पुलिस के बीच विवाद का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। बंथरा थाना क्षेत्र में बीजेपी बूथ अध्यक्ष अरविंद रावत ने थाने में तैनात दारोगा सचिन कुमार यादव पर मारपीट करने, कनपटी पर पिस्टल तानने और पिस्टल की बट से सिर पर हमला करने का आरोप लगाया है। घटना में अरविंद के भाई के साथ भी मारपीट और उनकी पत्नी के साथ बदसलूकी का आरोप लगाया गया है। मामला सामने आने और घटना से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद दारोगा को निलंबित कर दिया गया है।
दुकान लगाने को लेकर हुआ था विवाद
मामला लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र के खसरवारा गांव का है। अरविंद रावत बीजेपी के बूथ अध्यक्ष बताए जा रहे हैं। बुधवार रात करीब 11 बजे दुकान लगाने को लेकर उनका गांव के ही साहिल, सारजन और राहुल से विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में मारपीट हुई, जिसके बाद अरविंद शिकायत लेकर बंथरा थाने पहुंचे थे।
अरविंद के मुताबिक, पुलिस ने मामले की जांच का भरोसा देकर उन्हें घर भेज दिया था। कुछ समय बाद दूसरे पक्ष के लोग भी थाने पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद देर रात करीब 11 बजे दारोगा सचिन कुमार यादव कुछ पुलिसकर्मियों के साथ अरविंद के घर पहुंचे।
घर में घुसकर भाई से मारपीट का आरोप
अरविंद का आरोप है कि जिस समय पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे, उस वक्त परिवार के लोग सो रहे थे। पुलिस ने वहां पूछताछ शुरू की और उनके भाई नरेंद्र के साथ लाठी-डंडों से मारपीट करने लगे। आरोप है कि नरेंद्र को बचाने के लिए जब उनकी पत्नी नीतू आगे आईं तो दारोगा ने उनके पेट पर लात मार दी, जिससे वह जमीन पर गिर गईं।
इसके बाद पुलिसकर्मी नरेंद्र को पीटते हुए सड़क की तरफ ले गए। बताया गया कि नरेंद्र किसी तरह वहां से निकलकर पड़ोसी के घर में पहुंच गए। आरोप है कि दारोगा सचिन यादव और दो अन्य पुलिसकर्मी वहां भी पहुंच गए और नरेंद्र के साथ मारपीट जारी रखी।
BJP नेता का आरोप- कनपटी पर तानी पिस्टल
अरविंद रावत का आरोप है कि जब वह अपने भाई को बचाने के लिए पहुंचे तो दारोगा सचिन यादव ने उनकी कनपटी पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद कथित तौर पर पिस्टल की बट से उनके सिर पर वार किया गया। हमले में उनका सिर फट गया और खून बहने लगा।
घटना के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। आरोप है कि इसके बाद दारोगा सचिन यादव पुलिस की गाड़ी में बैठ गए और पिस्टल दिखाकर वहां मौजूद लोगों को धमकाते रहे।
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें पुलिसकर्मियों के घर में जाने और मौके पर लोगों के साथ विवाद के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। अरविंद रावत ने गुरुवार दोपहर एसीपी से मामले की शिकायत कर परिवार की सुरक्षा की मांग की।
प्राथमिक जांच में दोषी मिले दारोगा, हुए सस्पेंड
मामले में पुलिस की ओर से भी कार्रवाई की गई है। एसीपी कृष्णानगर अभिषेक पांडेय ने बताया कि दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले की जांच के लिए दारोगा सचिन यादव अपनी टीम के साथ मौके पर गए थे। इसी दौरान अरविंद रावत के साथ उनका विवाद हुआ।
एसीपी के अनुसार, प्राथमिक जांच में दारोगा सचिन यादव को दोषी पाए जाने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है। वहीं, बीजेपी बूथ अध्यक्ष द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की भी जांच की जा रही है।









