मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बच्चों के बेहतर पोषण और स्वस्थ विकास को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसी कड़ी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला का आयोजन किया गया।
‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण संदेश’ थीम के साथ आयोजित इस डिजिटल कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट एनआईसी के माध्यम से किया गया। प्रदेशभर में 1,03,467 डिवाइस के जरिए प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। एक डिवाइस से एक से अधिक लोगों के जुड़ने के कारण पोषण पाठशाला के जरिए करीब 4.5 लाख लाभार्थियों और प्रतिभागियों तक बच्चों के पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाए गए।
छह महीने के बाद बच्चों को सही ऊपरी आहार देना जरूरी
पोषण पाठशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के छह माह की आयु पूरी करने के बाद सही समय पर उचित और पौष्टिक ऊपरी आहार शुरू करने को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में अभिभावकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय को बताया गया कि छह माह के बाद ऊपरी आहार की शुरुआत बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान ऊपरी आहार की जरूरत, इसके महत्व और बच्चे के शारीरिक एवं स्वस्थ विकास में इसकी भूमिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की गई। साथ ही अभिभावकों को बच्चों के पोषण को लेकर सही जानकारी अपनाने और इसे घर-घर तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
YouTube पर भी मिलेंगे बाल पोषण से जुड़े वीडियो
पोषण पाठशाला के दौरान जारी किए गए ऊपरी आहार और बाल पोषण से संबंधित सभी वीडियो विभागीय YouTube चैनल पर भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। इससे अभिभावक और आम लोग इन जरूरी पोषण संदेशों को आसानी से देख सकेंगे और इन्हें अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकेंगे।
9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आयोजित यह पहल बच्चों के बेहतर पोषण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि छह माह की उम्र पूरी होने के बाद सही समय पर सही ऊपरी आहार बच्चों के स्वस्थ विकास की मजबूत नींव तैयार करता है।
लीना जौहरी ने बताया क्यों जरूरी है सही ऊपरी आहार
अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास लीना जौहरी ने कहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए छह माह की आयु पूरी होने के बाद सही समय पर उचित और पौष्टिक ऊपरी आहार देना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि ‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण संदेश’ के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को बाल पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही पोषण से जुड़ी सही जानकारी को घर-घर तक पहुंचाकर बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपनिदेशक आईसीडीएस अनुपमा शांडिल्य, सुरेश कुमार पाल, यूनिसेफ के पोषण विशेषज्ञ डॉ. रवि नारायण परही, यूपी टीएसयू से डॉ. वंदना नायडू एवं डॉ. आनंद और पोषण अभियान के संयुक्त परियोजना समन्वयक अभिषेक दुबे समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।









