मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और 2017 के बाद प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर प्रदेश की प्रगति से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्राथमिकता प्रदेश के बजाय परिवार और निवेशक के बजाय अपराधियों को दी जाए, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना मुश्किल होता है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर CM योगी का निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें उत्तर प्रदेश की क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं कर सकीं और प्रदेश को ‘बीमारू’ बनाए रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का विजन दिया, जिसे डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन के साथ जोड़कर जमीन पर उतारने का काम किया है।
सीएम योगी ने अपने पोस्ट में प्रदेश के विकास मॉडल में आए बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में निवेश और उत्पादन के साथ तकनीकी क्षेत्र को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
मोबाइल से मॉड्यूल और अब माइक्रोचिप तक पहुंची विकास यात्रा
मुख्यमंत्री के मुताबिक, साढ़े 9 वर्षों के भीतर देश में बनने वाले करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है। उन्होंने बताया कि जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की लागत से HCL-Foxconn की चिप इकाई तैयार हो रही है।
इसके अलावा प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर के प्रस्ताव आ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न मौजूद हैं। उन्होंने इस पूरी विकास यात्रा को मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंचने वाली यात्रा बताया।
2017 से पहले की स्थिति पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में काफी मुश्किलें आती थीं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस दौर में परिवारवाद को विकास, सैफई महोत्सव को सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण को औद्योगिकीकरण के मॉडल के तौर पर देखा गया।
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने विकास की प्राथमिकताओं में बदलाव किया है और प्रदेश के विकास को परिवार के विकास से ऊपर रखा है।
डेटा सेंटर से AI City तक तैयार हो रहा डिजिटल इकोनॉमी का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने परिवार के विकास के बजाय प्रदेश के विकास, माफिया के संरक्षण के बजाय निवेशक के संरक्षण और तुष्टीकरण के बजाय टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दी है। उनके मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विस्तार के साथ डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी और डेटा की बढ़ती भूमिका के चलते उत्तर प्रदेश अब डेटा सेंटर से लेकर एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए आधार तैयार कर रहा है।
तकनीक का बाजार नहीं, निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश
सीएम योगी ने कहा कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने प्रदेश के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, इससे युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार हुआ करता था, लेकिन अब प्रदेश तकनीक का निर्माता बन रहा है। उन्होंने असेंबली से एआई तक की इस यात्रा को युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि से जोड़कर देखा।
HCL Tech के 10 साल पूरे होने पर लखनऊ में कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इसी क्रम में वह मंगलवार को लखनऊ में HCL Tech की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के दौरान HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प के साथ प्रदेश विकास और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे ‘नए उत्तर प्रदेश’ की नई उड़ान बताया।









