अहमदाबाद। 12 जून को हुए एयर इंडिया के भयावह विमान हादसे में जहां 241 लोगों की जान चली गई, वहीं ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश एकमात्र ऐसे व्यक्ति रहे जो चमत्कारिक रूप से जीवित बच निकले। हालांकि, अपने बड़े भाई अजय को खो देने के दर्द से वह अब भी उबर नहीं पाए हैं।
उनके चचेरे भाई सनी कुमार ने बताया कि विश्वास अब भी गहरे सदमे में हैं और किसी से बातचीत नहीं करते। हादसे के बाद से उन्हें दुर्घटनास्थल की भयावह यादें, खुद के बचने का चमत्कार और भाई की मौत का गहरा आघात परेशान करता रहता है। वह कई बार आधी रात को अचानक जाग जाते हैं और फिर सो नहीं पाते।
मानसिक इलाज शुरू, लंदन लौटने की कोई योजना नहीं
परिवार उन्हें हाल ही में एक मनोचिकित्सक के पास लेकर गया था, ताकि उन्हें इस मानसिक आघात से बाहर निकलने में मदद मिल सके। विश्वास ने अभी तक लंदन वापस लौटने की कोई योजना नहीं बनाई है, क्योंकि उनका इलाज प्रारंभिक अवस्था में है।
भाई के अंतिम संस्कार में खुद उठाया पार्थिव शरीर
17 जून को उन्हें अहमदाबाद सिविल अस्पताल से छुट्टी मिली थी। उसी दिन, डीएनए मिलान के बाद उनके भाई अजय का पार्थिव शरीर परिवार को सौंपा गया। 18 जून को सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में देखा गया कि विश्वास ने अपने भाई के शव को कंधा दिया और दीव के श्मशान घाट तक खुद लेकर गए।
मोदी ने की थी अस्पताल में मुलाकात
इस हादसे के अगले ही दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल जाकर विश्वास से मुलाकात की थी और उनका हालचाल जाना था।
गौरतलब है कि विश्वास और अजय दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में अपने परिवार से मिलने के बाद अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हो रहे थे, जब यह दुखद हादसा हुआ।
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