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सीटेट : शिक्षा के क्षेत्र में बढऩे का बेहतर विकल्प

सीटेट : शिक्षा के क्षेत्र में बढऩे का बेहतर विकल्प

सीटेट : शिक्षा के क्षेत्र में बढऩे का बेहतर विकल्प

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आज के दौर में शिक्षा एक बेहतर कॅरियर के रूप में हमारे सामने है। अगर आप भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कॅरियर के लक्ष्य को पाने की इच्छा रखते हैं, तो सेंट्रल बोर्ड ऑफ  सेकेंडरी एजुकेशन सीबीएसई द्वारा आयोजित की जाने वाली सेंट्रल टीचर एलीजिब्लिटी टेस्ट की परीक्षा में शामिल होकर शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कॅरियर बना सकते हैं। इसके लिए आपको किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड या संस्थान से ग्रेजुएशन के साथ टीचिंग का कोर्स होना अनिवार्य है। न्यूनतम उम्र 18 और अधिकतम 42 वर्ष निधार्रित की गई है। आरक्षण के दायरे में आने वाले विद्यार्थियों के लिए सरकारी नियमानुसार छूट का प्रावधान है।
कौन दे सकता है एग्जाम
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन ने कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य कर दिया है। अखिल भारतीय स्तर पर यह परीक्षा सीटेट नाम से सीबीएसई लेती है। जो उम्मीदवार टीजीटी स्तर पर स्कूल में आवेदन करना चाहता है उसके लिए सीटेट चलिफाइ करना अनिवार्य है। पहली से पांचवीं तक की टीचर के लिए सीनियर सेंकेडरी में 50 प्रतिशत अंक व एनसीटीई से मान्यता प्राप्त दो साल का एलीमेंट्री एजुकेशन या चार वर्ष का बेचलर ऑफ  एलिमेंट्री एजुकेशन अथवा दो वर्ष का डिप्लोमा इन स्पेशल एजुकेशन या फिर बीएड का सर्टिफिकेट होना जरूरी है। छठी से आठवीं कक्षा के टीचर के लिए टीचिंग सर्टिफि केट के अलावा ग्रेजुएशन आवश्यक है।
आवेदन प्रक्रिया 
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) में सम्मिलित होने के इच्छुक उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। यह परीक्षा साल में दो बार होती है। सीबीएसई की शिक्षक पात्रता परीक्षा सीटेट में कक्षा एक से पांच तक का शिक्षक बनने के लिए पहली पाली तथा छह से आठ तक का शिक्षक बनने के लिए दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल होना होता है। जो अभ्यर्थी कक्षा एक से आठ तक के लिए शिक्षक बनना चाहते हों, वे दोनों पालियों की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सीबीएसई या सीटेट की वेबसाइट पर ऑनलाइन फार्म भरे जाते हैं। 
सिलेबस के अनुरूप करें तैयारी
किसी भी परीक्षा की बेहतर तैयारी तभी हो सकती है, जब आप सिलेबस के अनुरूप पढ़ाई करते हैं। जो सबसे कमजोर पक्ष है, उसकी तैयारी सबसे पहले करें। इस परीक्षा में टीचिंग एप्टीट्यूड से संबंधित प्रश्न भी काफी संख्या में पूछे जाते हैं। अक्सर स्टूडेंट्स इस सेक्शन से डरते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इससे डरने की जरूरत नहीं है। अगर आप टीचर की मानसिकता लेकर इस तरह के प्रश्नों को हल करेंगे, तो फायदे में रह सकते हैं। सीबीएसई की सीटेट की परीक्षा को चलीफाई करने के लिए सिर्फ  विषयों से जुड़े सामान्य ज्ञान की आवश्यकता होती है। साथ ही यह भी परखा जाता है कि शिक्षक को पढ़ाने में रुचि है या नहीं। परीक्षा के होने वाले ऑब्जेक्टिव सवालों को हल करने के लिए कुछ टिप्स का प्रयोग किया जा सकता है। परीक्षा के एक माह पूर्व आप सिर्फ  रिवीजन और प्रैक्टिस पर ध्यान दें। अगर घर में इंटरनेट है तो कई वेबसाइट्स हैं, जिसमें परीक्षा की तैयारी के लिए मॉडल सेट दिए रहते हैं। आप निर्धारित समय सीमा के अंदर इस तरह के प्रश्नों को हल करने की कोशिश करें। अगर घर में इंटरनेट नहीं है तो बाजार में बहुत सारी प्रामाणिक पुस्तकें हैं, जो सीटीईटी बेस्ड हैं। आप इसकी सहायता से तैयारी कर सकते हैं। परीक्षा से दस दिन पहले घर पर परीक्षा का माहौल बनाकर अभ्यास करें। सीटीईटी की परीक्षा 2011 में शुरू हुई थी इस परीक्षा को देने से पहले इसके पुराने प्रश्न पत्रों को हल किया जा सकता है। सीटीईटी के लिए सीबीएसई द्वारा बनाई गई वेबसाइट पर पुराने प्रश्न-पत्रों को सॉल्व करके पैटर्न को समझा जा सकता है। इसमें जून 2011 से लेकर फरवरी 2014 तक के सभी प्रश्नोत्तर मौजूद हैं। साथ ही एनसीईआरटी और टेक्स्ट बुक का भी सहयोग लें। यह परीक्षा सीबीएसई बोर्ड द्वारा ही आयोजित की जाती हैं। इसलिए इस परीक्षा में सफलता के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है कि सीबीएसई कोर्स में प्रयोग की जाने वाली एनसीईआरटी की ही बुक्स का विषय अनुसार अध्ययन किया जाए।
किस तरह के होंगे प्रश्नपत्र
परीक्षा में दो प्रश्नपत्र रहेंगे। प्रत्येक प्रश्नपत्र ढाई घंटे की अवधि का होगा। प्रत्येक प्रश्नपत्र में 150 प्रश्न होंगे। दोनों प्रश्नपत्रों की प्रकृति ऑब्जेक्टिव होगी। तैयारी के लिए विशेष रणनीति बनाने की जरूरत है। निर्धारित समय-सीमा के अंदर प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें। सबसे खास बात इस बार पेपर 2 पहले भाग में होगा और पेपर 1 दूसरे भाग में आयोजित किया गया है। प्रश्नपत्र में निम्न विषयों से संबंधित सवाल पूछे जाते है:-
चाइल्ड डेवलपमेंट 
बाल विकास से संबंधित इस सेक्शन में 30 सवाल होते हैं। इसमें बाल विकास का सिद्धांत, बच्चों का सामाजिक विकास, शिक्षक, अभिभावक के साथ बच्चों के रिश्ते, भाषा और विचार, बच्चों की समझ विकसित करने के लिए आवश्यक बातें, उनके लिए प्रेरणा जैसी चीजों को समाहित किया जाता है। इसके लिए बाल विकास और मनोविज्ञान संबंधी पुस्तक का अध्ययन किया जा सकता है।
लैंग्वेज
भाषायी विकास से संबंधित 60 सवाल पूछे जाते हैं। इसमें ग्रामर, अनसेन पैसेज, भाषा को समझाने के लिए बच्चों के लिए टूल्स जैसे विषय से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं। इसलिए इस पर खास ध्यान देकर इस हिस्से की तैयारी करें। इसके लिए भाषा की ग्रामर बुक को भी पढ़ा जा सकता है।
मैथमेटिक्स 
गणित के प्राइमरी कक्षा तक के बच्चों के ज्ञान के हिसाब से सामान्य से सवाल पूछे जाते हैं। इस सेक्शन के 30 सवालों के लिए मैथ्स की प्रैक्टिस करनी होगी। साथ ही तर्कशक्ति के भी सवाल होते हैं। 
इन्वायरमेंट स्टडी
पर्यावरण के प्रति जागरूक करने, बच्चों के लिए उसका महत्व समझाने, पशु-पक्षियों, पेड़ पौधों जैसे सहज विषयों पर केन्द्रित 30 सवाल पूछे जाएंगे। 
कक्षा 6 से 8 के लिए सिलेबस 
इसमें भी चाइल्ड डेवलपमेंट से जुड़े 30 और लैंग्वेज से जुड़े 60 सवाल पूछे जाते हैं। जबकि गणित, जीव विज्ञान या फिर आट्र्स समूह को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विषय के अनुसार 120 सवाल पूछे जाते हैं।
महत्वपूर्ण बात
परीक्षा में प्रश्नों की लंबाई अच्छी हो सकती है। इसलिए लम्बे प्रश्नों को पढ़कर समझने की क्षमता अभी से विकसित करें। सर्वश्रेष्ठ तरीका तमाम प्रकार के अपठित गद्यांशों को पढ़कर कुछ पूर्व निर्धारित समय सीमा के भीतर उत्तर देने की प्रैक्टिस है। व्यावहारिक शिक्षण समस्याएं तथा व्यावहारिक बाल मनोविज्ञान की स्थितियों की परिकल्पना कर उसके आधार पर प्रश्नों का सृजन करने का प्रयास करें कि पुस्तकों में कई पाठों के अंत मे पुस्तक शिक्षकों से पाठ पढ़ाते समय क्या अपेक्षा करती है, इस पर प्रश्नों दिए गए हैं, इनका अध्ययन लाभदायक होगा।

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