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पीएम को भायी इस गांव की कोरोना से लड़ाई, 24 लाख का दिया इनाम

पीएम को भायी इस गांव की कोरोना से लड़ाई, 24 लाख का दिया इनाम

पीएम को भायी इस गांव की कोरोना से लड़ाई, 24 लाख का दिया इनाम

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इस समय दुनिया के तमाम देश एकजुट होकर वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहें है। अब तक भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 31 हजार के पार हो जाने के बाद लोगों में डर बढ़ता जा रहा है, लेकिन कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां सूझबूझ से इस महामारी के बढ़ने से रोकने में कामयाबी की अच्छी ख़बरें भी मिल रही हैं। पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित एक गांव छीना ने कोरोना वायरस से लड़ाई जीतकर साबित कर दिया है कि महामारी को काबू करना शत प्रतिशत संभव है। इस गांव से खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने 24 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी कर दी है।

कोरोना से लड़ाई में छीना गांव ने पेश की मिशाल -

दरअसल, कोरोना वायरस से लड़ाई में छीना गांव अब दूसरें क्षेत्रों के लिए मिशाल बन चुका है। कोरोना की लड़ाई में इस गांव की भूमिका अब दूसरों के लिए उदाहरण बन गई है। कोरोना वायरस की दस्तक के बाद कर्फ्यू से पहले ही इस गांव के लोगों ने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया था। बाहर से आने वाले लोगों को गांव के एक कॉलेज में 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन की व्यवस्था कर ली थी, जिससे संक्रमित लोगो को वहाँ क्वारंटीन किया गया और अब ठीक होकर घर चले गए हैं।

गाँव में छह फुट रखी जाती है सामाजिक दूरी -

जब पूरा देश धीरे-धीरे कोरोना वायरस की चपेट में आ रहा था उस समय यहां के लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग करने भी शुरू कर दिया था। गांव में राहत सामग्री के वितरण के समय भी सामाजिक दूरी का पूरा पूरा ख्याल रखा गया। कोरोना के खिलाफ छीना गांव की इस लड़ाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मन जीत लिया है, उन्होंने ग्राम पंचायत छीना में सामाजिक दूरी छह फुट रखने की प्रशंसा भी की है।

PM मोदी ने किया 24 लाख रुपये इनाम का ऐलान -

सिर्फ कोरोना की इस लड़ाई में ही नहीं बल्कि और भी कई मामलों में पंजाब का यह गांव मिशाल बनकर सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे ग्राम पंचायतों से छीना पंचायत की इस पहल को अपनाने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने छीना ग्राम पंचायत द्वारा उठाए गए कदमों से खुश होकर 24 अप्रैल को 24 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था, और केंद्रीय सोशल वेबसाइट पर भी ग्राम पंचायत छीना का नाम दर्ज कर दिया गया है।

इस मिशाल का श्रेय युवा सरपंच पंथदीप के नाम -

ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के तहत छीना गांव आज दूसरे गांवों के लिए मिशाल के तौर पर पेश किया जा रहा है। छीना की सफलता का श्रेय गांव के युवा सरपंच पंथदीप को दिया जा रहा है जिन्होंने मास्टर ऑफ बिजनेस इकोनॉमिक्स की डिग्री हासिल करने के बाद भी सरकारी नौकरी करने के बजाए अपनी ग्राम पंचायत के विकास का सपना साकार किया। उन्होंने ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ा तो उन्हें सर्वसम्मति से सरपंच चुन लिया गया था।

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