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उत्तर प्रदेश

यूपी बना गुंडाराज जल्द ही खत्म होगा : योगी आदित्यनाथ

यूपी बना गुंडाराज जल्द ही खत्म होगा : योगी आदित्यनाथ

यूपी बना गुंडाराज जल्द ही खत्म होगा : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में लगातार हिंसक घटनाएँ, सांप्रदायिक तनाव, हत्या और लूट की घटनाएं पर योगी आदित्यनाथ को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। इन तमाम घटनाओ पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे, लेकिन इसके अलावा कार्यकर्ताओं को भी कानून का ध्यान देना होगा। साथ ही हमें अपने गांव, अपने कस्बे, अपने जनपद को स्वच्छ बनाने की जरूरत है और हमने जो जनता से वायदा किया है उसे पूरा भी करेंगे। आपको बता दे कि सहारनपुर में सांप्रदायिक हिंसा पर प्रदेश सरकार काबू पाने में पूरी तरह से विफल रही जिसके बाद तमाम विपक्षी दलों ने योगी सरकार को निशाने पर लिया।

सहारनपुर में बिगड़ते हालात को देखते हुए खुद प्रदेश के डीजीपी सुलखान सिंह स्थिति का जायजा लेने पहुंचे, पर हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे थे। डीजीपी के दौरे के बाद भी तकरीबन एक दर्जन हिंसक घटनाएं यहां हुई और पुलिस पर हमला किया गया, कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। यह हाल सिर्फ सहारनपुर का नहीं है, प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हालात भी कुछ ऐसे ही हैं, यहां भी शहर के सबसे वीआईपी इलाके गोमती नगर में डकैती की घटना को अंजाम दिया गया, यहां सुनीता दिवाकर के परिवार को बंदूक की नोक पर लूट लिया गया। यही नहीं लखनऊ के पारा इलाके में लाल बहादुर की दो बेटियों को दिन दहाड़े मौत के घाट उतार दिया गया, लेकिन इन तमाम मामलों में पुलिस हत्यारों का सुराग तक नहीं लगा सकी है।

उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पुलिस महकमे में बड़े बदलाव किए, मुख्यमंत्री ने प्रदेश के डीजीपी जावीद अहमद की जगह सुलखान सिंह को प्रदेश का नया डीजीपी बनाया, दर्जनों जिलों के कप्तान तक को बदला गया, बावजूद इसके प्रदेश की कानून व्यवस्था में कुछ खास बदलाव देखने को नहीं मिला, ऐसी स्थिति में अब योगी आदित्यनाथ के सामने बहुत बड़ी चुनौती है कि कैसे वह प्रदेश की लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था को नियंत्रण करने में सफल होंगे ।

दो महीने से भी कम के योगी सरकार के कार्यकाल पर बात करे तो इस दौरान 249 लूट की घटनाएं हो चुकी हैं, जनवरी माह में 16 डकैती की घटनाएं दर्ज हुई थी, मार्च में 23 और अप्रैल में 33 लूट की घटनाएं हुई हैं। जनवरी में लूट की कुल 249 घटनाएं, मार्च में यह आंकड़का बढ़कर 421 पहुंच गया जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा 412 रहा।

वहीं अगर हत्या के मामलों पर बात करे तो जनवरी माह में कुल 286 हत्या हई, मार्च में यह आंकड़ा 396 पहुंच गया जबकि अप्रैल में 399 हत्या के मामले सामने आए। हत्या के साथ रेप की घटनाओं में भी जबरदस्त बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। फरवरी में 244 तो मार्च में 378 और अप्रैल में यह आंकड़ा 393 रहा।

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