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यूपी राजनीति में हलचल, विशेष सत्र से पहले अखिलेश का ‘अति निंदा प्रस्ताव’, महिला आरक्षण पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र से ठीक पहले सियासी माहौल गरमा गया है। Akhilesh Yadav ने बुधवार (29 अप्रैल) को ‘अति निंदा प्रस्ताव’ जारी कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

यूपी राजनीति में हलचल, विशेष सत्र से पहले अखिलेश का ‘अति निंदा प्रस्ताव’, महिला आरक्षण पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र से ठीक पहले सियासी माहौल गरमा गया है। Akhilesh Yadav ने बुधवार (29 अप्रैल) को ‘अति निंदा प्रस्ताव’ जारी कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख का यह कदम ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति पहले से ही कई मुद्दों पर सक्रिय बहस के दौर से गुजर रही है।

एक्स पर पोस्ट कर भाजपा पर बोला हमला

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, "अति निंदा प्रस्ताव, हम इस ‘अति निंदा प्रस्ताव’ द्वारा केंद्र की भाजपा व उनकी सहयोगी दलों की घोर निंदा करते हैं जो महिला आरक्षण का ढोंग करती हैं. जिनका मंसूबा इस बिल के बहाने निर्वाचन क्षेत्रों का मनचाहा परिसीमन करके चुनाव जीतना था, न कि सच में महिलाओं को उनके हक-अधिकार देकर उनका सशक्तीकरण या सबलीकरण करना. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर झूठ फैला रही है कि ये बिल विपक्ष ने पास नहीं होने दिया, जबकि ये बिल सभी दलों ने मिलकर पास किया था और जो बिल पास नहीं हो सका वो दरअसल परिसीमन बिल था."

महिला आरक्षण में प्रतिनिधित्व पर उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा, "हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा ने महिला आरक्षण में पिछड़ी व अल्पसंख्यक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया है. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी ‘जिसकी शक्ति, उसके अधिकार’ की रूढ़िवादी सोच के लोग हैं, इसीलिए सामाजिक क्षेत्र तक में ये शोषित, दमित, वंचित, पीड़ित के साथ-साथ महिलाओं को भी हमेशा हेय दृष्टि से देखते हैं. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपाइयों की पुरुषवादी सामंती सोच आज भी नारी को मान, सम्मान या अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं देना चाहती है."

नारी सम्मान और सामाजिक मुद्दों पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने आगे कहा, "हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपाइयों की यही पुरुषवादी घिसीपिटी पुरानी सोच ‘आधी आबादी’ अर्थात महिलाओं का मान नहीं करती है बल्कि बालिका, युवती या नारी के रूप में, जब भी वो कुछ कहना-करना चाहती हैं, तो भाजपाई और उनके संगी-साथी सदैव वो मौका ढूंढते हैं, जब वो स्त्रियों का पारिवारिक, सामाजिक, सार्वजनिक अपमान कर सकें और उनके चरित्र तक पर कीचड़ उछालकर उनका मानसिक उत्पीड़न करके, नारी के विरोध करने की शक्ति के मनोबल को तोड़ सकें. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपाइयों ने सदैव नारी के प्रति अपराध करने वालों को माला पहनाकर स्वागत किया है. इनके दल के अनेक लोग महिलाओं के चतुर्दिक शोषण व अत्याचार से जुड़े है जिसके निंदनीय उदाहरण मणिपुर, गुजरात, उत्तराखण्ड, मप्र, यूपी आदि राज्यों में सर्वविदित हैं."

‘नारी वंदन’ पर उठाए सवाल, भाजपा पर गंभीर आरोप

सपा नेता ने आगे कहा, "हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि ‘नारी वंदन’ का ढोंग रचनेवाली भाजपाई सोच वस्तुतः नारी विरोधी है. वो कभी पहलगाम की विधवा का अपमान करते हैं, कभी हाथरस, गाजीपुर की बेटी का या कभी कानपुर की किसी नवविवाहिता का. ये भाजपाई नारी ‘वंदन’ की जगह उनके ‘क्रंदन’ का कारण बन रहे हैं. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा उस वातावरण को बनने नहीं देना चाहती, जहाँ नारी-पुरुष की समानता व समकक्षता की बात हो. हमारे देश में भगवानों के नाम में स्त्री-पुरुष के साथ-साथ नाम लेने की स्वस्थ परंपरा को भी इन्होंने तोड़ा है."

‘नारी को नारा’ बनाने का आरोप

अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा नारी के विरुध्द नारी को खड़ा करके, नारी एकता को तोड़ रही है. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा चुनाव के समय नारी को प्रतिनिधित्व करने का सबसे कम अवसर देती है. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी अपने संगठनों में नारी को कभी भी उचित मान-सम्मान-स्थान नहीं देते हैं. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी नारी के लिए कार्य-स्थलों में जानबूझकर नकारात्मक माहौल बनाए रखना चाहते हैं, जिससे वो घरों की दहलीज़ से बाहर न आ सकें."

उन्होंने आगे कहा, "हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी व उनके कुछ प्रवचनजीवी तथाकथित ज्ञानी लोग मंचों से नारी की स्वतंत्रता के हनन की बात करते हैं और केवल नारी के विचार-विचरण-परिधान पर नसीहतें देते है. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा और उनके संगी-साथी अधिक बच्चों को जन्म देने की बात करके नारी के विरुद्ध षड्यंत्र रचते हैं क्योंकि इससे नारी शारीरिक रूप से कमजोर होती है और घर की चहारदीवारी तक सीमित हो जाती है. हम इस बात की भी घोर निंदा करते हैं कि भाजपा ‘नारी को नारा’ बनाना चाहती है, जिससे सच में उन्हें अधिकार न देकर केवल दिखावटी सहानुभूति का नाटक रचा जा सके."

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