उत्तर प्रदेश

ब्लैक बोर्ड पर सुसाइड नोट लिखकर प्रधानाध्यापक ने स्कूल में की आत्महत्या

ब्लैक बोर्ड पर  सुसाइड नोट लिखकर प्रधानाध्यापक ने स्कूल में की आत्महत्या

ब्लैक बोर्ड पर सुसाइड नोट लिखकर प्रधानाध्यापक ने स्कूल में की आत्महत्या

Photo

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में ललितपुर जिले में प्राथमिक विद्यालय के एक बुजुर्ग प्रधानाध्यापक ने शनिवार को स्कूल में ही आत्महत्या कर ली। प्रधानाध्यापक एक दिन बाद ही सेवानिवृत होने वाले थे लेकिन इससे पहले ही जान दे दी। प्रधानाध्यापक ने आत्महत्या से पहले ब्लैक बोर्ड पर सुसाइड नोट भी लिखा है।

क्यों किया आत्महत्या ? 

रविवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. ओ.पी. सिंह ने बताया कि सिरसखेड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश पटेरिया ने विद्यालय के ब्लैक बोर्ड में मुख्यमंत्री के नाम सुसाइड नोट लिखकर कक्ष के अंदर ही आग लगा ली। उन्हें गंभीर अवस्था में झांसी रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वे एक दिन बाद ही रिटायर होने वाले थे। वे मूलरूप से सेमरखेड़ा गांव के निवासी थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानाध्यापक ने ब्लैकबोर्ड पर लिखे सुसाइड नोट में ग्राम प्रधान मोहन सिंह, अपने एक सहकर्मी और मिड डे मील के प्रभारी कपिल दुबे पर रिश्वत मांगने और न देने पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। इस मामले की जांच सीओ और संबंधित थानाध्यक्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

क्या लिखा था सुसडे नोट में ?

ग्रामीणों के अनुसार, आत्मदाह करने वाले बुजुर्ग अध्यापक ने सुसाइड नोट में मुख्यमंत्री से मिड डे मील कार्य से शिक्षकों को मुक्त करने, भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने के अलावा पदावनति किए गए शिक्षक व शिक्षिकाओं के बारे भी लिखा है। उन्होंने लिखा है कि मेरी मृत्यु के लिए ग्राम प्रधान को जिम्मेदार माना जाए, जो सिर्फ हराम के रुपया चाहता है। मेरा बहुत सा धन मिड डे मील खाते में पड़ा है। एमडीएम का जिम्मेदार अधिकारी महाभ्रष्ट है।
 

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Twitter, Facebook पर हमें फॉलो करें और हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब कर लें।

Most Popular

-Advertisement-

Facebook

To Top