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विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन सी.एम.एस. में 16 नवम्बर से

विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन सी.एम.एस. में 16 नवम्बर से

विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन सी.एम.एस. में 16 नवम्बर से

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लखनऊ, 4 नवम्बर। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तत्वावधान में ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 19वाँ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ आगामी 16 नवम्बर से सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में प्रारम्भ हो रहा है। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में मॉरीशस के कार्यवाहक राष्ट्रपति माननीय परमाशिवम पिल्ले व्यापूरी समेत 19 देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, गवर्नर-जनरल, पार्लियामेन्ट के स्पीकर, न्यायमंत्री, इण्टरनेशनल कोर्ट के न्यायाधीश एवं विश्व प्रसिद्ध शान्ति संगठनों के प्रमुख लखनऊ पधार रहे हैं। इसके अलावा, 71 देशों के 365 से अधिक मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश व कानूनविद्् अपनी प्रतिभागिता दर्ज करा रहे हैं। उक्त जानकारी आज यहाँ होटल क्लार्क अवध में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में  सम्मेलन के संयोजक एवं सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने दी। डा. गाँधी ने बताया कि ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ पर आधारित यह ऐतिहासिक सम्मेलन विश्व एकता, विश्व शान्ति एवं विश्व के ढाई अरब से अधिक बच्चों के सुन्दर एवं सुरक्षित भविष्य को समर्पित है। 

डा. गाँधी ने बताया कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन में प्रतिभाग हेतु विभिन्न देशों के न्यायविद्, कानूनविद् व अन्य प्रख्यात हस्तियाँ 16 नवम्बर को लखनऊ पधारेंगे तथापि सायं 5.00 बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में इन प्रख्यात हस्तियों के सम्मान में ‘स्वागत समारोह’ आयोजित किया जायेगा। इस अवसर पर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा मुख्य अतिथि होंगे जबकि लखनऊ की महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया साउथ सूडान के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति चैन रीक मादुत को ‘लखनऊ शहर की चाबी’ भेंटकर सम्मानित करेंगी। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन 17 नवम्बर को प्रातः 9.00 बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में होगा।  उद्घाटन समारोह से पूर्व प्रातः 8.00 बजे विभिन्न देशों के न्यायविद्, कानूनविद् व राष्ट्र प्रमुख सी.एम.एस. छात्रों के ‘विश्व एकता मार्च’ का नेतृत्व करेंगे।

डा. गाँधी ने आगे बताया कि लखनऊ पधारने से पूर्व 71 देशों से पधार रहे सभी गणमान्य अतिथि दिल्ली में एकत्रित होंगे, जहाँ 14 नवम्बर को इन प्रख्यात हस्तियों के सम्मान में राष्ट्रीय आध्यात्मिक सभा, बहाई द्वारा बहाई हाउस (लोटस टेम्पल) में ‘स्वागत समारोह एवं रात्रि भोज’ का आयोजन किया गया है। भारत सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसके अलावा, विभिन्न देशों से पधारे मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश व अन्य प्रख्यात हस्तियाँ 15 नवम्बर को दिल्ली के ली-मेरीडियन होटल में ‘जेण्डर बेस्ट वायलेन्स’ विषयक ‘इण्टरनेशनल मीडिया कान्फ्रेन्स’ को सम्बोधित करेंगे। भारत सरकार की रक्षामंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगी। इससे पहले, विभिन्न देशों से पधारे गणमान्य अतिथि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की समाधि ‘राजघाट’ जाकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। 16 नवम्बर को विभिन्न देशों के न्यायविद्, कानूनविद् व अन्य प्रख्यात हस्तियाँ नई दिल्ली से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे एवं प्रातः 10.10 बजे अमौसी एअरपोर्ट पर पधारेंगे, जहाँ इन प्रख्यात हस्तियों का बैण्ड-बाजे की धुन व फूल-मालाओं के साथ लखनऊ की सरजमीं पर भव्य स्वागत-अभिनन्दन किया जायेगा।

डा. गाँधी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि लखनऊवासियों के लिए यह गर्व का विषय है कि देश-दुनिया की तमाम प्रख्यात हस्तियाँ लखनऊ का नाम विश्वपटल पर आलोकित करने हेतु यहाँ पधार रही है, जिनमें माननीय परमाशिवम पिल्ले व्यापूरी, कार्यवाहक राष्ट्रपति, मॉरीशस, माननीय कगामे मोटलैन्थे, पूर्व राष्ट्रपति, दक्षिण अफ्रीका; माननीय श्री स्टीपन मेसिक, पूर्व राष्ट्रपति, क्रोएशिया; माननीया सुश्री अमीनाह गुरीब-फाकिम, पूर्व राष्ट्रपति, मॉरीशस; माननीय एन्थोनी थॉमस अकीनास कारमोना, राष्ट्रपति, त्रिनिदाद एण्ड टोबैको; श्री इकोबा टी. इटालेली, गवर्नर-जनरल, तुवालू; माननीय डा. पकालिथा बी. मोसिलिली, प्रधानमंत्री, लेसोथो; प्रो. ऐरोन मिशैल ओकाये, संसद सभापति, घाना; माननीया श्रीमती शान्तीबाई हनूमानजी, संसद सभापति, मॉरीशस; माननीय सुश्री रेबेका कडागा, संसद सभापति, उगांडा; माननीय डेनियल जेलॉस नदाबिरबे, चेयरमैन, नेशनल असेम्बली, बुरूण्डी; माननीय श्री मोहम्मद अवज्जार, न्यायमंत्री, मोरक्को; माननीय श्री मोहम्मद ओगाड, न्यायमंत्री, माली; माननीय श्री हारून अली सुलेमान, न्यायमंत्री, तंजानिया; माननीय श्री कू खेमलिन, डेप्यूटी डायरेक्टर-जनरल ऑफ ज्यूडिशियल डेवलपमेन्ट, न्याय मंत्रालय, कम्बोडिया, माननीया डा. मॉम लुआंग राजदर्शी जयंकुरा, थाईलैण्ड की राजकुमारी; माननीय सुश्री हेलना एन केनेडी, संसद सदस्या, ग्रेट ब्रिटेन; डा. आगस्टो लोपेज क्लारोस, अन्तर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्री, अमेरिका; श्री मैन ही ली, चेयरमैन, एचडब्ल्यूपीएल, साउथ अफ्रीका; डा. हांग टो टेज, प्रेसीडेन्ट, फेडरेशन ऑफ वर्ल्ड पीस एण्ड लव, ताईवान; प्रो. हो चेंग हांग, प्रेसीडेन्ट, नेशनल सिंग हुआ यूनिवर्सिटी, ताईवान; माननीय न्यायमूर्ति श्री एन्टोनियो केसी-एमबी मिन्डुआ, न्यायाधीश, इण्टरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, नीदरलैण्ड आदि प्रमुख हैं।

इसके अलावा, इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग हेतु 71 देशों से 365 से अधिक मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश, कानूनविद् एवं शान्ति संगठनों के प्रतिनिधि लखनऊ पधार रहे हैं। सम्मेलन के प्रतिभागी देशों में अफगानिस्तान, अर्जेन्टीना, बांग्लादेश, बेनिन, भूटान, बोलिविया, बोस्निया एण्ड हर्जेगोविना, बोत्सवाना, ब्राजील, बुर्कीना फासो, बुरूण्डी, कम्बोडिया, कैमरून, कोमोरोस, कोस्टारिका, क्रोएशिया, इक्वाडोर, इजिप्ट, इरीटिया, घाना, ग्वाटेमाला,  गुयाना, इजराइल, जमैका, जापान, किर्गिज रिपब्लिक, लेबनान, लेसोथो, लीबिया, मेडागास्कर, मलावी, माली, मॉरीशस, मंगोलिया, मोरक्को, मोजाम्बिक, म्यांमार, नेपाल, नीदरलैण्ड, निकारागुआ, नाईजर, पराग्वे, पेरू, फिलीपीन्स, सेनेगल, सेशल्स, सिंगापुर, सोमालिया, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया, साउथ सूडान, सूडान, सूरीनाम, स्वाजीलैण्ड, स्विटजरलैंड, ताईवान, तंजानिया, थाईलैण्ड, त्रिनिदाद एण्ड टोबैको, टोगो, ट्यूनीशिया, टर्की, तवालू, युगाण्डा, इंग्लैण्ड, अमेरिका, वेनेजुएला, यमन, जाम्बिया, जिम्बाब्वे एवं भारत प्रमुख हैं।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए डा. गाँधी ने कहा कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल पूरे विश्व में एकता, शान्ति, न्याय व बच्चों के अधिकारों की आवाज उठा रहा है एवं इसी कड़ी में ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 19वाँ अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ आयोजित किया जा रहा है। सी.एम.एस. द्वारा विगत 18 वर्षों में आयोजित किये गये अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में 126 देशों के 1098 मुख्य न्यायाधीश व न्यायाधीश प्रतिभाग कर चुके हैं और सभी ने सी.एम.एस. के इस प्रयास को सराहा है। सी.एम.एस. का मानना है कि ‘भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51’ की भावनाओं को आत्मसात कर विश्व में एकता व शान्ति की स्थापना संभव है। 

सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का यह अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन कई मायनों में बेजोड़ होगा, जहाँ पूरे विश्व को अराजकता, भुखमरी, गरीबी व अशिक्षा जैसी महामारियों से मुक्त कराने एवं प्रभावशाली अन्तर्राष्ट्रीय कानून व्यवस्था लागू करने का संकल्प लिया जायेगा। इस ऐतिहासिक सम्मेलन के अन्तर्गत 17, 18 व 18 नवम्बर को विभिन्न देशों के न्याय्विदों व कानूनविद्ों की परिचर्चाओं व विचार विमर्श के निष्कर्ष को 20 नवम्बर को ‘लखनऊ घोषणापत्र’ के रूप में जारी किया जायेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मलेन दुनिया को एकता के सूत्र में पिरोने और विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित व सुखद भविष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और विश्व समाज को एक नई दिशा देगा।
 

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