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ऐसा है इंडियन एयरफोर्स को मिलने वाला राफेल जेट, जानें खासियतें

भारत में राफेल डील की वजह से राफेल फाइटर जेट पर काफी आरोप प्रत्यरोप लग रहे है। इन सब के बीच ही राफेल ने मंगलवार को फ्रांस के इस्‍त्रे-ले-ट्यूब एयरबेस से पहली उड़ान भरी। यह वही जेट है जो इंडियन एयरफोर्स (IAF) के लिए तैयार किया गया है। भारत को 36 राफेल जेट की पहली खेप 2019 में मिलेगी और इसी खेप के पहले राफेल का परीक्षण किया गया है। इस टेस्‍ट के दौरान राफेल को रनवे पर लैंड कराया गया और फिर उसके कई टेस्‍ट किए गए है। इन सभी टेस्‍ट्स के बाद इस फाइटर जेट ने अपनी पहली सफल उड़ान को पूरा किया।

राफेल फाइटर जेट भारतीय उप-महाद्वीप में गेम-चेंजर साबित होगा -

इस्‍त्रे-ले-ट्यूब फ्रांस का एक 0शहर है जो फ्रांस के सबसे अहम एयरबेस के रूप में विकसित है। बता दें कि IAF चीफ मार्शल बीएस धनोआ, राफेल जेट को एक बेहतरीन जेट करार दिया हैं। उनका कहना है कि राफेल भारत के लिए एक अच्‍छा जेट है और यह भारतीय उप-महाद्वीप में गेम-चेंजर साबित होगा। उनके अनुसार यह डील एक अच्‍छे पैकेज के तहत हुई है और डील के साथ देश को काफी फायदा होगा। धनोआ के मुताबिक IAF को फाइटर स्‍क्‍वाड्रन की सख्‍त जरूरत है और राफेल जेट यह कमी पूरी हो जाएगी।

एरिक ट्रैपियर ने कहा सिंतबर 2019 से राफेल डील के तहत जेट की सप्‍लाई शुरू होगी -

राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्‍ट एविएशन के CEO एरिक ट्रैपियर ने भारतीय न्‍यूज एजेंसी ANI को खास इंटरव्‍यू दिया है। इस इंटरव्‍यू में ट्रैपियर ने कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। एरिक की मानें तो डील को लेकर उन्‍होंने कोई भी झूठ नहीं बोला है और जो कुछ भी कहा है वह सच है। एरिक के मुताबिक यह एक साफ सौदा है और IAF इस डील से काफी खुश है।' उन्‍होंने बताया कि सिंतबर 2019 से राफेल डील के तहत जेट की सप्‍लाई शुरू हो जाएगी।

 

#Visuals: First look of the #Rafale jet for the Indian Air Force, from the Istre-Le Tube airbase in France pic.twitter.com/Qv4aJdgjI7

— ANI (@ANI) November 13, 2018

 

राफेल फाइटर जेट में ऐसी क्‍या हैं खासियतें -

- राफेल एक बार में करीब 26 टन (26 हजार किलोग्राम) वजन के साथ उड़ान भरने में सक्षम है।
- यह जेट 3,700 किलोमीटर के दायरे में कहीं भी हमला कर सकता है।
- इसके अलावा यह 36,000 से 60,000 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और यहां तक महज एक मिनट में पहुंच सकता है।
- एक बार टैंक फुल होने के बाद यह लगातार 10 घंटे तक हवा में रह सकता है।
- राफेल को हवा से जमीन और हवा से हवा में दोनों में हमला करने में प्रयोग किया जा सकता है।
- राफेल पर लगी गन एक मिनट में 125 फायर कर सकती है और यह हर मौसम में लंबी दूरी के खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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