मध्य प्रदेश

इस अस्पताल में अंधेरे में होती है डिलेवरी

इस अस्पताल में अंधेरे में होती है डिलेवरी

इस अस्पताल में अंधेरे में होती है डिलेवरी

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 मध्यप्रदेश में छतरपुर जिले से 100 किमी दूर स्थित चंदला विधानसभा अंतर्गत सरवई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से हैरान कर देने वाली बात सामने नजरआई है कि इस अस्पताल की लाइट अक्सर आती-जाती रहती है और आये दिन खराब भी रहती है। ऐसे में महिलाओं की डिलेवरी अंधेरे में या फिर मोमबत्ती और टॉर्च की रोशनी में कराई जाती है। यही नहीं इस अस्पताल में किसी डॉक्टर की मौजूदगी भी नहीं है। जिस वजह से यह प्राथमिक अस्पताल एक एनम और स्वीपर के भरोसे चल रहा है। अस्पताल में पदस्थ एक स्वीपर गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर नापती है और बाद में वही स्लाइड बना कर उनका हिमोग्लोबिन भी चेक करती है।

विधायक ने कहा मेरा क्षेत्र सबसे इंटीरियर में
 चंदला विधानसभा के विधायक आर डी प्रजापति से जब इस बारे में बात हुई तो उन्होंने कहा, "क्षेत्र में सबसे ज्यादा कुपोषित बच्चे हैं और मौतें भी बहुत हो चुकी हैं। मेरे यहां जितने अस्पताल हैं उसमें डॉक्टर नहीं हैं। मैंने कई बार विधानसभा में भी कई बार यह मुद्दा उठाया है और ध्यानाकर्षण भी करने की कोशिश की। मेरा क्षेत्र छतरपुर से भी सौ किलोमीटर दूर स्थित है और 100 किलोमीटर आते-आते मौतें हो जाती हैं। 1 से 2 डॉक्टर हैं जो आये दिन रहते भी नहीं है। सबसे ज्यादा बच्चों की मौत होती है। एक्सीडेंट के केस में भी  समय पर इलाज ना मिलने के कारण बहुत मौत हो जाती हैं। सबसे ज्यादा इंटीरियर वाला मेरा क्षेत्र है। और तो और सरबई क्षेत्र में डिब्बी की रोशनी में डिलेवरी होती है वहां अधिकतर लाइट नहीं रहती ना जनरेटर की सुविधा है क्योंकि मेरा क्षेत्र सबसे ज्यादा इंटीरियर में है।"

अधिकारी ने कहा- होगी कार्यवाही
वहीं इस मामले जब छतरपुर के मुख्यचिकित्साधिकारी वी एस बाजपेई से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मोमबत्ती में डिलेवरी होना गलत है कहीं ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। और जब स्वीपर द्वारा जांच की जाने वाली बात पूछी गई तो उन्होंने कहा ये ANM का दायित्व है, अगर ऐसा होता है तो कार्यवाही की जाएगी।
 

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