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अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर गरीब महिलाओं को भेंट की गईं 1000 साड़ियाँ

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर गरीब महिलाओं को भेंट की गईं 1000 साड़ियाँ

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर गरीब महिलाओं को भेंट की गईं 1000 साड़ियाँ

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लखनऊ, 7 मार्च। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) की शिक्षिकाओं व छात्राओं ने आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर एक विशेष समारोह ‘द सारी स्टोरी’ के माध्यम से महिला सशक्तीकरण की जोरदार आवाज बुलन्द की और समाज में महिलाओं को उचित सम्मान देने हेतु जन-मानस को जागरूक किया। मुख्य अतिथि के रूप में पधारी श्रीमती पद्मजा चौहान, आई.पी.एस., इन्सपेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, उ.प्र. पुलिस रिक्रूटमेन्ट बोर्ड, उ.प्र., ने समारोह शुभारम्भ किया एवं शिक्षिकाओं के पीस मार्च का नेतृत्व कर नारी उत्थान का बिगुल फूँका। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कर्मयोगी महिलाओं की उपस्थित विशेष सराहनीय रही तो वहीं दूसरी ओर 86 वर्षीय वरिष्ठ शिक्षाविद् सुश्री लक्ष्मी श्रीवास्तव, ‘उम्मीद’ संस्था के संस्थापक श्री बलबीर सिंह मान, सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी व डा. (श्रीमती) भारती गाँधी, सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन, सी.एम.एस. के डायरेक्टर ऑफ स्ट्रेटजी श्री रोशन गाँधी, सी.एम.एस. गोमती नगर कैम्पस की वरिष्ठ प्रधानाचार्या सुश्री मंजीत बत्रा, सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) की प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता बनर्जी समेत कई गणमान्य हस्तियाँ उपस्थित ने समारोह की गरिमा को बढ़ाया।

‘द सारी स्टोरी’ समारोह में छात्रों की माताओं से एकत्रित की गई लगभग 1000 से अधिक साड़ियों को गरीब महिलाओं को उपहार स्वरूप भेंट किया गया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिला प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संगठन की गरीब महिलाओं साड़ियों को प्राप्त किया। लगभग 100 साड़ियां महिला जेल की कैदी महिलाओं को भेंट की गईं तो वहीं 50 साड़ियाँ गोमती नगर स्थित एक विद्यालय में पढ़ने वाले गरीब बच्चों की माताओं को भेंट की गई। महिला सशक्तीकरण की पुरोधा, सी.एम.एस. संस्थापिका व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने इस अवसर पर गरीब महिलाओं को वितरण हेतु साड़ियां भेंट की, जिन्हें सेवा चिकन की सह-संस्थापिका सुश्री रूना बनर्जी, आस्था फाउण्डेशन की डा. अमिता शुक्ला, जूट आर्टिस्ट सुश्री अंजली सिंह, दीदी किचन की प्रतिनिधि, एसिड पीड़ियों के संगठन ‘सनतकदा’ की सुश्री मीना सोनी, सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री ज्योत्सना हबीबुल्लाह आदि ने प्राप्त किया। इससे पहले, समारोह का शुभारम्भ स्कूल प्रार्थना एवं विश्व शान्ति प्रार्थना से हुआ। इस अवसर पर छात्रों की माताओं ने गीत ‘सुनो सुनो मेरी आवाज, मुझे पंख मिले हैं आज’ प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। इसके अलावा, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए व्याख्यान तथा शान्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती पद्मजा चौहान, आई.पी.एस., ने कहा कि विडम्बना यह है कि समाज में महिलाओं के लिए अनेक अनौपचारिक नियम बना दिये गये हैं, जिससे उनकी प्रतिभा की धार कुंद हो जाती है। हमें ऐसी भ्रान्तियों को दूर करना है। 21वीं सदी में सारे विश्व में नारीशक्ति के जागरण की शुरूआत हो चुकी है। प्रत्येक नागरिक को यह समझने की जरूरत है कि महिला व पुरुष दोनों ही बराबर है। सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि  विश्व की आधी आबादी ‘महिलाएं’ विश्वव्यवस्था की रीढ़ हैं। सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी क्षमता, प्रतिभा, नेतृत्व गुण आदि को स्थापित किया है परन्तु अभी काफी कुछ किया जाना शेष है, जिसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को जागरूक होना होगा और सामाजिक व्यवस्था में महिलाओं को समुचित सम्मान देना होगा। सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने लैंगिक असमानता एवं लैंगिक हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समानता के अधिकार का अभाव होने के कारण ऐसी दुष्वित्तियां समाज में व्याप्त हैं, जिसे हमें दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि भावी पीढ़ी में प्रारम्भ से ही नैतिक मूल्यों व चारित्रिक गुणों का समावेश होना चाहिए। इस अवसर पर सी.एम.एस. के डायरेक्टर ऑफ स्ट्रेटजी श्री रोशन गाँधी, वरिष्ठ प्रधानाचार्या सुश्री मंजीत बत्रा एवं प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता बनर्जी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

समारोह के अन्त में, सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने सभी को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सी.एम.एस. शिक्षिकाओं के प्रयासों से महिला सशक्तीकरण एवं नारी उत्थान का संदेश समस्त विश्व समाज में प्रवाहित हुआ है। डा. गाँधी ने कहा कि मानवता के विकास व मानव जाति की प्रगति के लिए महिलाओं को सशक्त होने की आवश्यकता है ऐसे में उन्हें स्वयं पूर्ण आत्मविश्वास से आगे आकर गौरवपूर्ण तरीके से अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रमों में सी.एम.एस. सदैव अग्रणी रहा है और नारी सशक्तीकरण का यह अभियान भी इसी की एक कड़ी है।

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