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अमित शाह एक बार फिर लाएंगे सियासी सुनामी

देश की राजनीति में पिछले कुछ दिनों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। यूपी में सत्ता परिवर्तन से शुरू हुआ बदलाव का सिलसिला बिहार तक आ पहुंचा। उधर तमिलनाडु की सियासत में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।

अमित शाह एक बार फिर लाएंगे सियासी सुनामी

देश की राजनीति में पिछले कुछ दिनों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। यूपी में सत्ता परिवर्तन से शुरू हुआ बदलाव का सिलसिला बिहार तक आ पहुंचा। उधर तमिलनाडु की सियासत में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अगर कहते हैं कि वो बीजेपी का स्वर्ण युग लाने वाले हैं तो कुछ गलत नहीं कहते हैं। आज की तारीख में देश के 18 राज्यों में बीजेपी और एनडीए दलों की सरकार है। पूरे देश पर भगवा रंग छा गया है। बीजेपी देश की राजनीति का केंद्र बन गई है। इसके बाद भी अमित शाह बिना थके काम कर रहे हैं।हम बदलाव की बात कर रहे थे। यूपी में सत्ता परिवर्तन कई मायनों में एक बड़ा संकेत था। यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में जो घमासान मचा था वो आने वाले समय की राजनीति के लिए कई संकेत दे रहा था। इस पारिवारिक घमासान के कारण चुनाव में बीजेपी की राह तो आसान हुई लेकिन उसके बाद भी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह संतुष्ट नहीं है। वो सपा को जमींदोज कर देना चाहते हैं।

ये सबको पता है कि समाजवादी पार्टी में मुलायम सिंह के बाद किसी की पकड़ है तो वो शिवपाल यादव हैं। जिनको अखिलेश ने बेइज्जत करके पार्टी में कद कर दिया है। शिवपाल बदला लेने के लिए बेताब हैं, उनको उम्मीद की एक किरण अमित शाह दिखा रहे हैं।अपने अपमान से शिवपाल यादव तिलमिलाए हुए हैं। चुनाव में वो चाह रहे थे कि अखिलेश हार जाएं। ऐसा ही हुआ, इस से भी शिवपाल के राहत नहीं मिली। वो बार बार नेताजी के अपमान का बदला लेने की बात कहकर अपने अपमान का बदला लेने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं ये भी साफ हो गया है कि मुलायम अपने बेटे के खिलाफ नहीं जाएंगे। ऐसे में शिवपाल के पास क्या चारा बचा है। वो सपा के एमएलसी और विधायकों को अपने कब्जे में करने में जुट गए हैं। हाल ही में जिस तरह से सपा एमएलसी बीजेपी में शामिल हुए उसके पीछे भी शिवपाल का हाथ माना जा रहा है।सामने शिवपाल दिखाई दे रहे हैं लेकिन परदे के पीछे से सारा खेल अमित शाह का है, बीजेपी के चाणक्य जानते हैं कि अगर शिवपाल यादव सपा से निकल जाते हैं तो संगठन के स्तर पर कोई ऐसा नेता नहीं है जो सपा को एकजुट रख पाए।

अमित शाह संगठन की अहमियत को अच्छे से पहचानते हैं। अपने हालिया यूपी दौरे पर अमित शाह ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। उनके घर खाना खाया था। तो ऐसे माहौल में जब शिवपाल यादव अपने अपमान का बदला लेना चाह रहे हैं तो उनके लिए बीजेपी से अच्छा प्लेटफॉर्म नहीं मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक शिवपाल यादव जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो अमित शाह वाकई में यूपी की सियासत में सुनामी ला देंगे।

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