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फैशन-दीवानगी की हद

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फैशन एक ऐसी चीज है जो समय के साथ बदलती रहती है। लेकिन हर फैशन नहीं, कुछ फैशन कभी नहीं बदलते जैसे अनारकी सूट। नये नये फैशन के पीछे एक बड़ा प्रेरणा स्रोत है बालीवुड।युवा वर्ग आज से नहीं हमेशा से ही बालीवुड के फैशन की नकल करता आया है। पचास के दशक में देवानंद के साथ साथ उनका फैशन ट्रेंड भी हिट हो गया। उस समय के युवा, देवानंद को कापी करते थे खासकर देवानंद का रंग बिरंगा मफलर। बाद के दशक में बालीवुड के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना के फैशन की नकल करने लगे। यहां तक कि अगर राजेश खन्ना किसी फिल्म में नंगे पांव शूटिंग करते थे तो वह युवाओं के लिए फैशन बन जाता था और जूता कंपनियां माथा पीटती थीं।यही हाल अभिनेति्रयों के साथ भी था।साठ के दशक में बनी मुगल-ए-आजम में मधुबाला ने अनारकली सूट पहना था। आज भी यह आउट आफ फैशन नहीं हुआ। मधुबाला के अनारकली सूट की मांग आज भी शादी ब्याह और खास मौकों पर होती है। युवतियां आजकल अनारकली सूट के साथ कास्टयूम ज्वैलरी पहनती हैं जिससे पारंपरिक के साथ आधुनिक लुक मिले।सत्तर के दशक में अभिनेति्रयों को पर्दे पर बेल बाटस, प्लेटफार्म हील,बड़े बड़े सन ग्लासेस, जम्प सूटस और मैक्सी डे्रस में देखा जाता था। अभिनेति्रयों के बालों के कई स्टाईल थे जैसे जीनत अमान के लंबे सीधे बाल,हेमा मालिनी और नीतू सिंह के स्टाईलिश विग तथा आंखों में गाढ़े काले आईलाइनर लगाने से मोटी मोटी बड़ी बड़ी आंखें। बेल बाटम का फैशन केवल अभिनेति्रयों तक ही सीमित नहीं था।याद करें कभी कभी के अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर को और उस समय का युवा वर्ग भी सूट, जैकेट,बेल बाटस में नजर आते थे। इसी तरह सत्तर के दशक की युवतियां भी बेल बाटस के साथ बड़े बड़े सन ग्लासेस पहनती थीं।ठीक से चल पाएं या न चल पाएं लेकिन सैंडिल तो प्लेटफार्म हील वाली ही पहनती थी। तब आज की तरह मैक्सी घर पर नहीं पहनी जाती थी। मैक्सी डे्रस तो पार्टियों में पहनी जाती थी। हां यह मैक्सी डे्रस काफी कीमती और फि्रल से सजी बहुत सुंदर डे्रस होती थी।अस्सी के दशक में चमकीले रंग फैशन में थे। रेखा और श्रीदेवी जैसी अभिनेति्रयां प्लेन शिफान की साडि़यां या चूड़ीदार कुर्ता पहनती थी। किसी भी रंग के कपड़े पहनें लिप्सटिक लाल रंग का लगाती थीं।मर्दों का फैशन ज्यादा नहीं बदला लेकिन बेल बाटम का स्थान पैंट ने ले लिया था। पर्दे पर जहां यह फैशन चल रहा था वहीं रीयल लाईफ में भी युवक युवती इसी फैशन को अपना रहे थे।नब्बे के दशक को हम आपके हैं कौन, कुछ कुछ होता हैं और दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का युग कहा जा सकता है। हम आपके हैं कौन में माधुरी दीक्षित ने ब्लाउज का ऐसा स्टाईल प्रारंभ किया जो आज भी फैशन में बना हुआ है। ब्लाउज की पीठ पर डोरियां बांधना। दिल वाले दुलहनिया ले जाएंगे में मनीष मलहोत्रा द्वारा डिजायन किया गया काजोल का हरे रंग का डे्रस। इस डे्रस पर तो हर युवती फिदा थी और उसकी तम्मना होती थी कि अपने विवाह के किसी फंक्शन में वह ऐसी डे्रस अवश्य पहने। इसी फिल्म में शाहरूख खान के कपड़े युवाओं में खूब चले। शादी ब्याह में तो युवक इस फैशन को ही कापी किया करते थे आज भी करते हैं, बिल्कुल बिंदास स्टाईल।यह दशक फैशन में बदलाव का था। काजोल, जूही चावला,करिश्मा कपूर जैसी अभिनेति्रयां काले फिट स्कर्ट, चेक शर्ट,लंबे बूट,रंग बिरंगी बांधनी ड्रेसेस में भी दिखने लगे। कुछ कुछ होता है में सफेद सूट और रंग बिरंगे दुप्पटे में काजोल तो सबको याद है। सफेद सूट के साथ रंगीन दुप्पटे का फैशन तो आज भी जोरों पर है। अभिनेता भी पहले से ज्यादा डैशिंग स्टाईल अपनाने लगे। इसका असर युवा वर्ग पर हुआ। कुछ कुछ होता है में शाहरूख ने शर्ट डे्रस क्या पहना आज भी युवक यहां तक की युवतियां भी उसे पहनती हैं। कुछ ने तो साड़ी, चूडी़दार कुर्ता, पैजामा कुर्ता,शर्ट पैंट को नहीं छोड़ा लेकिन कुछ युवतियों ने जूही चावला, करिश्मा कपूर के फैशन को अपनाना शुरू कर दिया। इसी तरह कुछ युवाओं के पहनावे में अंतर आया और फैशन में बदलाव आ गया।

नई सदी में स्क्रीन का फैशन ट्रेंड बिल्कुल बदल गया और स्क्रीन का फैशन बदलेगा तो युवा वर्ग का फैशन भी बदलेगा। उत्कृष्ट स्टाईल और उच्च कोटि के डिजायनर कपड़ों का फैशन बालीवुड में चल निकला और इसके साथ ही पिछले दशक की तुलना में युवक युवतियों में डिजायनर कपड़े पहनने की धूम मच गई। यहां तक कि कालेजों में भी युवा वर्ग इन्ही कपड़ों में नजर आने लगे। यह ट्रेंड तो आज भी रील लाईफ और रीयल लाईफ दोनों में चल रहा है। नीता लुल्ला और मनीष मल्होत्रा जैसे डिजायनरों ने बालीवुड की ड्रेसेस को बहुमूल्य रत्नों से सजाया और युवा वर्ग द्वारा पहने जाने वाले तथा स्टोर्स में मिलने वाले कपड़ों पर भी उनके डिजाइनों की छाप नजर आने लगी। हम दिल दे चुके सनम में ऐश्वर्या राय का नेट वाला लहंगा, देवदास और जोधा अकबर में उनके द्वारा पहने गया साड़ी ,डे्रस और ज्वैलरी ने बालीवुड में तहलका मचा दिया और असल जिंदगी में युवक-युवतियों के दिल की धड़कन को बढ़ा दिया। जोधा अकबर में एश्वर्या ने जैसी ज्वैलरी पहनी थी वह आज भी पहनी जाती है। प्रिटी जिंटा और रानी मुखर्जी का भी इस फैशन टे्रंड में योगदान है। कल हो ना हो में प्रिटी के नीले और बेज ड्रेस, वीर जारा में उसके क्लासिक पंजाबी ड्रेस। चलते चलते की रानी मुखर्जी और कभी अलविदा ना कहना में उनके द्वारा पहना गया कढ़ाई किया गया भारी लहंगा। इस दशक में बालीवुड फिल्मों में अभिनेति्रयों ने तरह तरह के लहंगे पहने खासकर शादी के मौके पर। इसका असर यह हुआ आज भी शादी ब्याह के मौके पर युवतियां महंगा लहंगा पहनती हैंइस दशक में बालीवुड के अभिनेता अभिनेति्रयां डिजाइनर कपड़ों में ही नजर आते हैं। कुछ पुराने फैशन हैं जो आज भी स्क्रीन पर दिखाई देती है तो कुछ समय के साथ खो गई । युवा वर्ग की एक खूबी है वह बालीवुड के फैशन की नकल तो करती है परंतु आजकल के फिल्मों में कुछ ऐसे ड्रेसेस होते हैं कि उसका जिक्र भी मैं नहीं कर सकती लेकिन हमारी युवा पीढ़ी उन बेहुदा फैशनों को नहीं अपना रही है वरना राह चलना मुशिकल हो जाता।

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