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मैं मुस्लिम हूं इसलिए BJP ने मुझे तीन तलाक़ देकर किया बाहर

बीजेपी ने कथित रूप से म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थियों के समर्थन में बोलने वाली अपनी एक मुस्लिम नेता बेनज़ीर आरफ़ान को पार्टी से निलंबित कर दिया हैं। बेनज़ीर BJP असम राज्य कार्यकारी समिति की सदस्य थी।

मैं मुस्लिम हूं इसलिए BJP ने मुझे तीन तलाक़ देकर किया बाहर

बीबीसी हिंदी रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी ने कथित रूप से म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थियों के समर्थन में बोलने वाली अपनी एक मुस्लिम नेता बेनज़ीर आरफ़ान को पार्टी से निलंबित कर दिया हैं। बेनज़ीर BJP असम राज्य कार्यकारी समिति की सदस्य थी। इसके साथ ही 2012 में BJP में शामिल होने वाली बेनज़ीर ने पार्टी के टिकट पर 2016 का असम विधानसभा चुनाव लड़ा था।
दरअसल कुछ दिन पहले बेनज़ीर ने अपने फ़ेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड किया था जिसमें उन्होंने लोगों से म्यांमार सरकार द्वारा रोहिंग्यायों पर किए गए कथित अत्याचार के लिए विरोध करने का अनुरोध किया था। हालांकि बेनज़ीर ने बाद में इस फ़ेसबुक पोस्ट को डिलीट कर दिया था। बीबीसी से बातचीत में बेनज़ीर ने कहा, "मुझे बिना कारण बताए BJP के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत दास ने पार्टी से निलंबित कर दिया। मेरी ग़लती सिर्फ़ इतनी थी कि मैंने रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर एक पोस्ट फ़ेसबुक पर डाली थी। लेकिन बाद में मैने उसे डिलीट कर दिया और माफी भी माग ली। मैंने अपने इस पोस्ट के लिए RSS से भी माफी मांगी हैं। लेकिन मुझे स्पष्टीकरण देने का किसी ने मौका तक नहीं दिया।"

लगाए है प्रधानमंत्री से न्याय की उम्मीद -

बेनज़ीर ने कहा, "मैं तीन तलाक़ की शिकार हो चुकी हूं और जिस कदर BJP ने मुझे व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर पार्टी से निलंबित किया है, यह एक तरह से तीन तलाक़ जैसी ही घटना है। शायद मैं मुसलमान महिला हूं, इसलिए मेरे ख़िलाफ़ ऐसी कार्रवाई की गई है।"
वह आगे कहती हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन तलाक़ समेत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी अच्छी योजनाओं पर काम कर रहे हैं। इसलिए मुझे पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मेरे इस मामले में हस्तक्षेप कर मुझे इंसाफ़ दिलाएंगे। संयुक्त अल्पसंख्यक पीपुल्स फोरम नामक एक गैर सरकारी संगठन ने म्यांमार से भागने वाले हज़ारों रोहिंग्या मुसलमानों को समर्थन देने के लिए 16 सितंबर को गुवाहाटी में एक कार्यक्रम काफोरम ने एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। मुझे इस प्रार्थना सभा में आमंत्रित किया गया था लेकिन मैं वहां नहीं गई। जबकि पार्टी ने मुझे इस बात के लिए दोषी ठहराया हैं। फ़ेसबुक पर बेनज़ीर के पोस्ट डालने के बाद स्थानीय BJP नेताओं के बीच विवाद पैदा हो गया है। क्योंकि केंद्र और राज्य की BJP सतारूढ़ सरकार म्यांमार से भागे रोहिंग्या शरणार्थियों को भारत में प्रवेश करने की अनुमति देने के ख़िलाफ़ है।

पार्टी के नियमों और विचारधारा पर चलना होगा -

ऐसे में गुरुवार को, BJP प्रदेश इकाई के महासचिव दिलीप सैइकिया ने बेनज़ीर अरफ़ान को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्हें पार्टी से तत्काल प्रभाव के साथ निलंबित करने की बात कही गई थी। साथ ही पत्र में बेनज़ीर को तीन दिन का समय देते हुए यह स्पष्ट करने को कहा था कि उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। प्रदेश BJP के निलंबन पत्र में कहा गया है कि "आप एक सक्रिय भाजपा सदस्य होने के बावजूद, आपने पार्टी प्लेटफॉर्म पर कोई भी चर्चा किए बिना सोशल मीडिया में म्यांमार से संबंधित किसी समस्या के सिलसिले में किसी अन्य संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लोगों से समर्थन की मांग कैसे कर सकती हैं। पार्टी के नियमों और विचारधारा के ख़िलाफ़ अपने कार्य को ध्यान में रखते हुए, BJP राज्य इकाई अध्यक्ष ने आपको सभी ज़िम्मेदारियों से मुक्त किया है और आपको पार्टी से निलंबित कर दिया है।"

असम में BJP के एकमात्र मुस्लिम विधायक अमीनुल हक लसकर ने बीबीसी से कहा कि, "बेनज़ीर पर कार्रवाई की संपूर्ण जानकारी तो नहीं है लेकिन हमने सुना है कि उन्होंने पार्टी विरोधी काम किया हैं। हम लोगों के हिसाब से पार्टी बड़ी है आदमी छोटा है।"

"अगर कोई पार्टी के ख़िलाफ़ काम करेगा तो कार्रवाई तो होगी। सभी नेताओं को किसी भी मुद्दे पर पार्टी के रुख को ध्यान में रख कर बात करनी चाहिए। पार्टी के नियमो के अनुसार सबको चलना पड़ेगा। आप पार्टी के नियम के ख़िलाफ़ फ़ेसबुक पर बिना किसी अनुमति के कोई पोस्ट नहीं डाल सकते।"

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