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देश की सहने की जो ताकत थी वो खत्‍म हो चुकी है और अब कुछ तो जरूर करेंगे

देश की सहने की जो ताकत थी वो खत्‍म हो चुकी है और अब कुछ तो जरूर करेंगे

देश की सहने की जो ताकत थी वो खत्‍म हो चुकी है और अब कुछ तो जरूर करेंगे

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जयपुर। देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पठानकोट हमले के बाद अपने तल्‍ख तेवर बदले नहीं हैं। हमले के बाद दिए गए एक बयान में उन्‍होंने कहा था कि हम इसका बदला लेंगे। अपने इसी तल्‍ख रूख को कायम रखते हुए उन्‍होंने शनिवार को एक बार फिर कहा कि देश की सहने की जो ताकत थी वो खत्‍म हो चुकी है और अब कुछ तो जरूर करेंगे।

इससे पहले उन्‍होंने कहा कि पूरी तरह से मुस्‍तैद रहकर सेना में जासूसी करने वालों से आसानी से बचा जा सकता है। आंबेर के सीआईएसएफ ग्राउंड में आयोजित आर्मी भर्ती रैली के शुभारंभ के अवसर पर उन्‍होंने कहा कि अब तक सुरक्षा से जुड़ी खुफिया जानकारी में सेंध लगाने के जितने भी मामले सामने आए हैं उनमें निचले कर्मी ही शामिल रहे हैं।

इसमें कोई भी बड़ा अधिकारी अभी तक लिप्‍त नहीं पाया गया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि यदि हम हर वक्‍त मुस्‍तैद रहें तो इस तरह के मामलों पर भी आसानी से अंकुश लगाया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि सेना में नियुक्ति के दौरान ही जारी प्रक्रिया में ही इस बात को सुनिश्चित किया जाता है। इसके बाद भी सरकार इस तरह की घटनाअों पर पूरी तरह से विराम लगाने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है और आगे भी उठाएगी। उन्‍होंने कहा कि हमें हर वक्‍त चौकन्‍ना रहने की जरूरत है। उन्‍होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सेना से जुड़े कर्मियों के सोशल मीडिया को लेकर भी गाइडलाइन पहले से ही तैयार की जा चुकी हैं।

उन्‍होंने यह बातें वायुसेना अधिकारी रंजीत केके की गिरफ्तारी के मुद्देनजर कहीं। गौरतलब है कि सेना और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक करने के मामले में रंजीत को सेवा से बर्खास्‍त कर गिरफ्तार किया जा चुका है।आंबेर में रिक्रुटमेंट रैली से पहले उन्‍होंने इस रैली में हिस्‍सा लेने आए प्रतियोगियों से मुलाकात भी की।

 

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