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पाश्चात्य शास्त्रीय संगीत की लाजवाब प्रस्तुतियों से अभिभूत हुए दर्शक

पाश्चात्य शास्त्रीय संगीत की लाजवाब प्रस्तुतियों से अभिभूत हुए दर्शक

पाश्चात्य शास्त्रीय संगीत की लाजवाब प्रस्तुतियों से अभिभूत हुए दर्शक

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लखनऊ, 20 अप्रैल। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘डायमण्ड जुबली समारोह’ में ‘पाश्चात्य शास्त्रीय संगीत समारोह’ में 17 देशों एवं भारत के 11 राज्यों से पधारे 168 संगीतज्ञों की लाजवाब सामूहिक प्रस्तुतियों ने लखनऊवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इससे पहले, मुख्य अतिथि के रूप में पधारे प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित ने सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) ऑडिटोरियम में दीप प्रज्वलित कर संगीत समारोह का विधिवत उद्घाटन किया जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित आस्ट्रिया के राजदूत श्री ब्रिजिट ओपिन्जर वाल्शोफर, लक्जमबर्ग के राजदूत श्री जीन क्लाउडिया कॉन्जनर, ए.बी.आर.एस.एम. के कामर्शियल डायरेक्टर श्री जेरेमी फिलिप्स, जसुभाई फाउण्डेशन के डायरेक्टर श्री रूस्तम वकील, डोमिनिकन गणराज्य के नेशनल यूथ आर्केस्ट्रा के डायरेक्टर श्री अल्बर्टो रिन्कॉन एवं ग्रैमी अवार्ड विजेता प्रख्यात संगीतज्ञ श्री रिकी केज ने समारोह की गरिमा को बढ़ाया। इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी व डा. (श्रीमती) भारती गाँधी, सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन, सी.एम.एस. के डायरेक्टर ऑफ स्ट्रेटजी श्री रोशन गाँधी, संगीत समारोह की संयोजिका एवं सी.एम.एस. राजाजीपुरम की प्रधानाचार्या सुश्री निशा पाण्डेय एवं सी.एम.एस. के विभिन्न कैम्पस की प्रधानाचार्याओं समेत सी.एम.एस. के छात्र, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में लखनऊ के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

            इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि सी.एम.एस. ने संगीत के माध्यम से एकता, शान्ति व सौहार्द स्थापित करने की जो स्वस्थ पहल की है, वह स्वागत योग्य है। आज सारी दुनिया विज्ञान एवं टैक्नोलॉजी के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ी हुई है, परन्तु संगीत लागों के दिलों को जोड़ता है। मैं इस वृहद आयोजन हेतु सी.एम.एस. को साधुवाद देता हूँ।

            पाश्चात्य शास्त्रीय संगीत के इस विराट लाइव कन्सर्ट ने आज गीत-संगीत का ऐसा अद्भुद समाँ बाँधा कि दर्शक रोमांचित हो उठे और सम्पूर्ण ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। कन्सर्ट का नेतृत्व प्रख्यात संगीतज्ञ श्री विजय उपाध्याय एवं एवं इण्डियन नेशनल यूथ आर्केस्ट्रा एवं क्वायर की मैनेजिंग डायरेक्टर सुश्री सोनिया खान ने किया। इस संगीत समारोह में 17 देशों एवं भारत के 11 राज्यों से पधारे 168 संगीतज्ञों के अलावा सी.एम.एस. के 80 शिक्षक एवं छात्रों ने भी प्रतिभाग किया तथापि वियना यूनिवर्सिटी फिलहारमोनिक आर्केस्ट्रा, इण्डिया नेशनल यूथ आर्केस्ट्रा एवं क्वायर एवं डोमिनिकन रिपब्लिक के संगीतज्ञों की सामूहिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। प्रख्यात संगीतज्ञ श्री विजय उपाध्याय के संगीत निर्देशन में महात्मा गाँधी के प्रिय भजनों ‘रघुपति राघव’ एवं ‘वैष्णव जन तो’ की पाश्चात्य शैली में प्रस्तुति ने समारोह को यादगार बना दिया।

            विद्यालय के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि इस संगीत समारोह के आस्ट्रिया, बुल्गारिया, चीन, डोमिनिकन गणराज्य, फ्रांस, जार्जिया, जर्मनी, ईरान, इटली, लक्जमबर्ग, रोमानिया, रूस, स्लोवेनिया, स्विटजरलैंड, ब्रिटेन, बांग्लादेश एवं भारत 11 राज्यों दिल्ली, कर्नाटक, मणिपुर, महाराष्ट्र, नागालैण्ड, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बेंगलूरू, मिजोरम एवं आन्ध्र प्रदेश के संगीतकारों ने एक साथ प्रतिभाग किया। इसके साथ ही, वायलिन, वायलास, चेलोज, डबल बेस, हाप, बांसुरी, फ्रेन्च हार्न, ओब, क्लैरिनेट, ट्राम्बोन, ट्रम्पेट, टुबास, ड्रम, टिम्पनी आदि वाद्ययंत्रों का उपयोग किया गया।

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