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इंडियन एकेडमी ऑफ नेफ्रोलॉजी का 14 वां राष्ट्रीय सम्मेलन की हुई शुरुवात

इंडियन एकेडमी ऑफ नेफ्रोलॉजी का 14 वां राष्ट्रीय सम्मेलन की हुई शुरुवात

इंडियन एकेडमी ऑफ नेफ्रोलॉजी का 14 वां राष्ट्रीय सम्मेलन की हुई शुरुवात

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पटना। इंडियन एकेडमी ऑफ नेफ्रोलॉजी का 14 वां तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज राजधानी के होटल मौर्या में आयोजित हुआ। 18 से 20 अक्तूबर तक होटल मौर्य में चलने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने किया। कार्यक्रम को उद्घाटन करते हुए स्वास्थ मंत्री मंगल पांडेय ने इंडियन एकेडमी ऑफ नेफ्रोलॉजी का 14 वां राष्ट्रीय सम्मेलन को पटना में आयोजित करने के लिए बधाई दी। चिकित्सा विज्ञान में रोजाना शोध हो रहे हैं । इस तरह के कांफ्रेंस से चिकित्सक अपने ज्ञान का आदान प्रदान करते है जिसका लाभ राज्य की जनता को मिलता है। श्री मंगल पांडेय ने कहा की चिकित्सकों की जिम्मेदारी है की वह लोगों में जागरुकता फैलाए। जिससे समाज को स्वस्थ बनाया जा सकता है।

स्वास्थ मंत्री ने कहा की आज बिहार में किडनी का ट्रांसप्लांट तेजी से हो रहा हैं। इस साल आई जी आई एम एस में 62 किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। 

उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए डॉक्टर एस सी दास ने कहा की नेफ्रोलोजी के क्षेत्र में काम करने वाले सभी डॉक्टर को हमेशा नई तकनीक और रिसर्च के बारे में अपडेट रहने की जरुरत हैं । डॉक्टर एस के शर्मा ने कहा की इंडियन एकेडमी ऑफ नेफ्रोलॉजी को नेफ्रोलॉजी के क्षेत्र में लगातार शोध करते रहने की जरुरत है जिससे लोगों को स्वास्थ में सुधार हो सके।

दिल्ली एम्स के डॉक्टर एस के अग्रवाल ने कहा की इस कार्यकर्म का उदेश्य नेफ्रोलॉजी सहित स्वास्थ क्षेत्र में काम करने वाले सभी लोगों के बीच नेफ्रोलॉजी सम्बंधित विमारियों के बारे में जागरुकत का प्रचार प्रसार करना था। आई जी आई एम एस के डॉक्टर ओम कुमार ने उद्घाटन ने कार्यक्रम में आए सभी लोगों को स्वागत करते हुए कहा की यह नेफ्रोलॉजी का एसा प्लेटफॉर्म है जहा पर नेफ्रोलॉजी सम्बंधित सभी विमारियों पर बात हुई।

डॉक्टर आर कासी विश्वेशरण ने कहा की बिहार ज्ञान की धरती हैं । यहां के डॉक्टर का नेफ्रोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा योगदान हैं । यह कांफ्रेस नेफ्रोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे बदलाओं को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

साइंटिफिक सत्र में आज पद्मश्री डॉक्टर आई बी सिन्हा ने किडनी की बिमारियों के बारे में बताया। डॉक्टर जितेन्द्र ने डायलिसिस और शशीधर श्री निवास ने हाइपोनोय्रोमीया के बारे में अपने पेपर को पढ़ा।इस साइंटिफिक सत्र में डॉक्टर रत्न झा, डॉक्टर जितेन्द्र, डॉक्टर नारायण प्रसाद, डॉक्टर लक्ष्मीकांत झा, डॉक्टर तरुण सहित देश के कई नेफ्रोलॉजिस्ट ने अपने विचार रखे।

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क -

डाक्टर पंकज हंस - 9334162842

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