उत्तर प्रदेश

क्या योगी सरकार ने पूरे किये इन पांच वादो को ....जानिए ?

क्या योगी सरकार ने पूरे किये इन पांच वादो को ....जानिए ?

क्या योगी सरकार ने पूरे किये इन पांच वादो को ....जानिए ?

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विधानसभा में भारी बहुमत के साथ जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाई थी जोश और उत्साह से सरकार ने शपथ लेने के साथ ही घोषणापत्र में किए गए तमाम वादों की समय सीमा तय कर दी। पहले 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने का वादा किया था और रिपोर्ट कार्ड रखा भी था। 

एंटी रोमियो स्क्वॉयड 
 एंटी रोमियो स्क्वॉयड के नाम पर युवक-युवतियों को जगह-जगह से परेशान करने की घटनाएं सामने आने लगीं और देखते ही देखते ये एंटी रोमियो स्क्वॉयड कब परिदृश्य से बाहर चले गए पता ही नहीं चला। हालांकि लखनऊ में 1090 से जुड़े पुलिस महानिरीक्षक नवनीत सिकेरा ने कुछ दिन पहले बीबीसी से बातचीत में बताया था कि एंटी रोमियो स्क्वॉयड नई योजना और नई तैयारी के साथ दोबारा निकलेंगे, लेकिन अभी तक ये दूर-दूर तक नहीं दिख रहे हैं। लखनऊ के तमाम महिला कॉलेजों या स्कूलों के बाहर तो कई छात्राएं यहां तक कहती हैं कि उन्होंने ऐसे एंटी रोमियो स्क्वॉयड कभी देखे ही नहीं हैं।

क़ानून-व्यवस्था
 क़ानून व्यवस्था को लेकर घोषणापत्र में पार्टी ने वादा किया था कि सरकार बनते ही इसे नियंत्रित कर लिया जाएगा। लेकिन पिछले एक साल में क़ानून व्यवस्था को लेकर न सिर्फ़ बारबार सवाल उठे हैं बल्कि इस मुद्दे पर सरकार की विधानसभा में भी कई बार किरकिरी हुई है। हालांकि राज्य सरकार सैकड़ों मुठभेड़ के आँकड़े पेश करके अपनी पीठ थपथपाती है और ख़ुद मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि अपराधी अब राज्य की सीमा से या तो बाहर जा रहे हैं या फिर जेल जा रहे हैं। लेकिन लूट, डकैती, हत्या, बलात्कार जैसे संगीन अपराध राज्य के हर कोने से आए दिन होते रहते हैं और सरकार के दावों पर सवाल उठाते रहते हैं।

 किसान क़र्ज़ माफ़ी
किसानों की कर्ज़माफ़ी का वादा न सिर्फ़ बीजेपी के चुनावी घोषणा पत्र में किया गया था बल्कि ख़ुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभाओं में कहा था, "शपथ लेने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में किसानों का कर्ज़ माफ़ किया जाएगा।" राज्य सरकार ने अपने इस वादे को निभाया ज़रूर और तब तक कैबिनेट की पहली बैठक नहीं हुई जब तक कि इस योजना पर अंतिम मुहर नहीं लग गई। 

 24 घंटे बिजली देना 
24 घंटे बिजली देने का वादा भी बीजेपी के चुनावी वादों में से एक था। सत्ता में आते ही योगी सरकार ने इसके लिए तेज़ी से क़दम उठाया और तय हुआ कि शहरों में 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली दी जाएगी। बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए और भी कई कदम उठाए गए। लेकिन आज भी लोगों को बिजली कटौती की समस्या से गुजरना पड़ रहा है। कई ज़िले तो ऐसे हैं जहां घंटों बिजली नहीं आती और ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर ख़राब होने पर गांव वालों को हफ़्तों बिना बिजली के रहना पड़ता है। 

गड्ढामुक्त सड़कें होगी 
सरकार ने सौ दिन के भीतर सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य तय किया था। कुछ सड़कों के गड्ढ़े भरे भी गए लेकिन एक साल के भीतर स्थिति ये है कि जिन सड़कों के गड्ढ़े भरे गए थे उनमें फिर गड्ढ़े हो गए। हालांकि राज्य सरकार का दावा है कि उसने पहले सौ दिन का, फिर छह महीने का और उसके बाद एक साल का जो एजेंडा तय किया था, उसे काफ़ी हद तक पूरा किया है।

अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई 
यूपी में अवैध बूचड़खानों को बंद कराने को लेकर बीजेपी का एक बड़ा चुनावी वादा था। सरकार बनते ही राजधानी लखनऊ समेत तमाम जगहों पर बूचड़खानों पर छापे पड़े और अवैध तरीक़े से बूचड़खाने और मांस की दुकानें बंद कराई गईं। उन दुकानों को भी बंद कराया गया जिनके लाइसेंस तकनीकी दिक़्क़तों को चलते नवीनीकृत नहीं हो पाए थे। सरकार की इस कार्रवाई के बाद मीट कारोबारियों की हड़ताल भी हुई, लेकिन सरकार ने साफ़ कर दिया कि बूचड़खानों पर सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के फैसलों को लागू किया जाएगा।

राज्य सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा बीबीसी से बातचीत में कहते हैं, "हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि तो यही है कि पहली बार किसी सरकार ने सौ दिन के काम का लेखा-जोखा जनता के सामने रखने का लक्ष्य तय किया। जिन क्षेत्रों के लिए लक्ष्य तय किया गया था उसे पूरा कर लिया गया है। जो कुछ थोड़ा बहुत बचा है उन्हें भी पूरा कर लेंगे।" 

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